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दिल्ली हाई कोर्ट ने डैस के तीसरे चरण की दो याचिकाएं 22 नवंबर तक टालीं

मुंबई: दिल्ली हाई कोर्ट ने नासिक ज़िला केबल ऑपरेटर्स एसोसिएशन और रेडिएंट डिजिटेक नेटवर्क के मामलों को 22 नवंबर तक स्थगित कर दिया है।

ये मामले डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम (डैस) के तीसरे चरण के कार्यान्वयन से संबंधित हैं। याचिकाकर्ताओं ने डैस कुछ नियमों की संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दे रखी है।

इन मामलों की सुनवाई 17 नवंबर को चीफ जस्टिस रोहिणी जी और जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ के समक्ष होनी थी।

इससे पहले, संजीव सचदेवा की एकल पीठ ने डैस तीसरे चरण की समय सीमा विस्तार से संबंधित 12 याचिकाओं को खारिज कर दिया और याचिकाकर्ताओं से कहा कि उन्हें तीन सप्ताह में डिजिटल पर शिफ्ट हो जाना है।

23 नवंबर को खंडपीठ 2011 की डैस अधिसूचना को चुनौती देने के मामलों की सुनवाई करेगी।