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वित्त वर्ष 2014-15 में डेन नेटवर्क्स की कैरेज़ आय ठहरी, कंटेंट लागत बढ़ी

मुंबई: डेन नेटवर्क्स के लिए 31 मार्च 2015 को समाप्त वित्त वर्ष में दो खास रुझान परेशान करनेवाले हैं। हालांकि कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि दिक्कत केवल चौथी तिमाही में रही है और पहले व दूसरे चरण के शहरों में डिजिटल केबल टीवी बिजनेस अब जमने लगा है।

वित्त वर्ष 2014-15 में जहां कंपनी की कैरेज आय ठहरी रही है, वहीं उसकी कंटेंट लागत 25 प्रतिशत बढ़ गई है। एक्टीवेशन से होनेवाली उसकी आय घट गई है क्योंकि सेट-टॉप बॉक्स (एसटीबी) लगाने का क्रम घटकर आधे से भी कम रह गया है। हालांकि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में डेन नेटवर्क्स की सब्सक्रिप्शन आय 25 प्रतिशत बढ़ गई है। फिर भी केबल बिजनेस से उसका परिचालन लाभ इस साल घट गया है।

डेन नेटवर्क्स अब फुटबॉल लीग और होम शॉपिंग चैनल शुरू कर चुकी है। उसे वित्त वर्ष 2014-15 में 10 लाख एसटीबी लगाए। इससे उसके डिजिटल सब्सक्राइबरों की संख्या 70 लाख पर पहुंच गई, जबकि उसका कुल सब्सक्राइबर आधार 1.30 करोड़ का है। चालू वित्त वर्ष में एसटीबी को लगाने की सिलसिला रफ्तार पकड़ सकता है क्योंकि सरकार ने डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम (डैस) के तीसरे चरण के शहरों के लिए समयसीमा 31 दिसंबर 2015 तय कर रखी है।

कैरेज़ आय में ठहराव

डेन नेटवर्क्स की प्लेसमेंट (कैरेज़) आय वित्त वर्ष 2014-15 में मात्र 1.9 प्रतिशत बढ़र 474 करोड़ रुपए पर पहुंच सकी। पिछले वित्त वर्ष में उसकी प्लेसमेंट आय 465.3 करोड़ रुपए रही थी।

इस दौरान कंपनी की सब्सक्रिप्शन आय पिछले साल के 406.9 करोड़ रुपए से 25 प्रतिशत बढ़कर 508 करोड़ रुपए हो गई। डैस के पहले व दूसरे चरण के शहरों में लोकल केबल ऑपरेटरों (एलसीओ) से हुए कलेक्शन में भी सुधार आया है।

वित्त वर्ष 2014-15 में केबल बिजनेस से डेन की कुल आय 1093 करोड़ रुपए रही है। पिछले वित्त वर्ष 2013-14 में यह 1055 करोड़ रुपए रही थी।

कंटेंट की लागत

केबल टीवी बिजनेस में डेन नेटवर्क्स की कंटेंट लागत (चैनलों को किया गया भुगतान) साल भर पहले के 371.73 करोड़ रुपए से बढ़कर 464.52 करोड़ रुपए पर पहुंच गई।

अगर एक्टीवेशन और एलसीओ के हिस्से को छोड़ दें तो कंपनी की केबल टीवी बिजनेस से हुई आय 11.5 प्रतिशत बढ़कर 966 करोड़ रुपए हो गई है।

परिचालन लाभ

इस दौरान केबल बिजनेस से हुआ परिचालन लाभ (ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास व अमोर्टिजेशन से पूर्व लाभ) पिछले साल के 301 करोड़ रुपए से घटकर 187 करोड़ रुपए पर आ गया। कंपनी का कहना है कि इस कमी की वजह कंटेंट लागत में वृद्धि और डैस के तीसरे व चौथे चरण के बाज़ारों में किया गया निवेश है।

एक्टीवेशन को छोड़कर उसका परिचालन लाभ 122 करोड़ रुपए रहा है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 147 करोड़ रुपए रहा था।

कंपनी ने कहना है कि पहले व दूसरे चरण के बाज़ारों में उसके 51 लाख सब्सक्राइबर हैं। इनमें से लगभग 80 प्रतिशत सब्सक्राइबरों से उसे नियमित आय मिल रही है।

समेकित बिजनेस

समेकित आधार पर डेन नेटवर्क्स को इस बार 144.01 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा उठाना पड़ा है, जबकि साल भर पहले उसे 38.40 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था। वित्त वर्ष 2014-15 में कंपनी की समेकित परिचालन आय 1129.64 करोड़ रुपए रही है। पिछले वित्त वर्ष 2013-14 में यह 1116.69 रुपये करोड़ रुपए रही थी।

इस बार उसका खर्च साल भर के 961.92 रुपए करोड़ रुपए से बढ़कर 1223.18 करोड़ रुपए हो गया।

कंपनी का समेकित परिचालन लाभ इस बार  92 करोड़ रुपए है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 302 करोड़ रहा था।

डेन नेटवर्क्स के सीईओ प्रदीप परमेश्वर ने कहा, “हम ब्रॉडबैंड, केबल टेलिविज़न व टेलिविज़न शॉपिंग में सशक्त उपभोक्ता फ्रैंचाइजी की बुनियाद तैयार कर रहे हैं। बाज़ार लीक से हटकर उपभोक्ता पेशकश लाने में काफी निवेश किया जा रहा है। हम उच्चस्तर की प्रतिभाओं को लाकर केबल कामकाज़ में अपनी ऐतिहासिक ताकत को बढ़ा रहे हैं। आंतरिक बदलावों के साथ ही मुझे डिटिजलीकरण की प्रक्रिया के सफल अमल में एलसीओ व उद्योग के अन्य पार्टनरों के मजबूत सहयोग की भी आशा है। इस तरह हम सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। अवसरों के स्तर को उन्नत करने और उन्हें पकड़ने को लेकर हमारा उत्साह मजबूती पर है।”

उनका यह भी कहना था, “वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में सब्सक्रिप्शन आय व कलेक्शन के मामले में हमने सकारात्मक नतीजे हासिल किए हैं। लाभप्रदता पर असर इसलिए पड़ा है क्योकि कंपनी ने ब्रॉडबैंड, टीवी शॉप व फुटबॉल समेत नई बिजनेस पहल की है ताकि हम डेन नेटवर्क्स का पुख्ता भविष्य बना सकें।”

डेन बूमबैंड

वित्त वर्ष 2014-15 के ही दौरान ही लॉन्च किया गया डेन नेटवर्क्स का हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड बिजनेस अब 3.29 लाख घरों तक पहुंच चुका है। कंपनी का मानना है कि नेटवर्क रोलआउट का फायदा आनेवाली तिमाहियों में मिलेगा। बूमबैंड का मौजूदा सब्सक्राइबर आधार 23,000 है और नए ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबरों में 40 प्रतिशत ऐसे हैं जिनके यहां डेन का केबल टीवी कनेक्शन नहीं है।

बीते वित्त वर्ष के दौरान ब्रॉडबैंड बिजनेस से डेन की आय पिछले वित्त वर्ष के 3.54 करोड़ रुपए से बढ़कर 8.10 करोड़ रुपए हो गई।

लेकिन ब्रॉडबैंड बिजनेस के सेगमेंट का घाटा 47.06 करोड़ रुपए हो गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में इस सेगमेंट का घाटा 1.82 करोड़ रुपए ही था।

फुटबॉल लीग

इंडियन सुपर लीग की दिल्ली फ्रैंचाइज़ी, डेल्ही डायनेमोज़ एफसी से कंपनी को वित्त वर्ष में 8.08 करोड़ रुपए की आय हुई, जब इसका घाटा बढ़कर 46.05 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

कंपनी पर चढ़ा ऋण

31 मार्च 2015 तक की स्थिति के अनुसार, कंपनी के पास कैश व उसके समतुल्य राशि 934 करोड़ रुपए थी, जबकि उस पर शुद्ध रूप से 62 करोड़ रुपए का ऋण चढ़ा हुआ था।