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क्या कहता है डेन नेटवर्क्स के दूसरी तिमाही के कामकाज़ का विश्लेषण

मुंबई: मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर (एमएसओ) डेन नेटवर्क्स की कैरेज आय में भले ही लगातार दूसरी तिमाही में गिरावट आई हो, लेकिन वो इस दौरान अपने 1.3 करोड़ सब्सक्राइबरों के आधार का 58 प्रतिशत हिस्सा डिजिटल बनाने में सफल रहा है।

कैरेज आय

चालू वित्त वर्ष 2015-16 में 30 सितंबर 2015 को समाप्त तिमाही में डेन नेटवर्क्स की कैरेज़ आय 115 करोड़ रुपए रही है। यह ठीक पिछली और साल भर पहले की समान तिमाही में हासिल 118 करोड़ रुपए की कैरेज़ आय से 6 प्रतिशत कम है।

डेन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमें एक ब्रॉडकास्टर से कम प्लेसमेंट फीस मिली है। इसी वजह से तिमाही के दौरान हमारी कैरेज़ आय में मामूली गिरावट आई है। वैसे हम पूरे वित्त वर्ष में कैरेज़ आय के सपाट रहने की ही उम्मीद कर रहे हैं।”

चालू वित्त वर्ष 2015-16 की दूसरी तिमाही में डेन की कुल परिचालन आय में प्लेसमेंट आय का योगदान 40.9 प्रतिशत रहा है।

सेट-टॉप बॉक्सों की स्थिति

दूसरी तिमाही के दौरान डेन ने डैस के तीसरे व चौथे चरण के इलाकों में 3.50 लाख सेट-टॉप बॉक्स (एसटीबी) लगाए हैं। पहली तिमाही में उसने 1.85 लाख एसटीबी लगाए थे।

DEN-Q2_130 सितंबर 2015 तक इस एमएसओ ने अपने कुल सब्सक्राइबर आधार का 58 प्रतिशत हिस्सा (76 लाख सब्सक्राइबर) डिजिटाइज़ कर दिया है। तीसरे चरण के बाज़ार में वो अब तक 25.8 एसटीबी लगा चुका है।

प्रबंधन को उम्मीद है कि तीसरे चरण पर अमल की अंतिम तारीख 31 दिसंबर के करीब आने के साथ ही इस काम में बड़ी तेज़ी आएगी।

डेन का दावा है कि डैस के पहले व दूसरे चरण के बाज़ारों में उसके पास 50 लाख सब्सक्राइबर हैं। इनमें से पहले चरण में 21.5 लाख दूसरे चरण में 28.4 लाख घरों में एसटीबी लगा दिए गए थे।

डैस के बाज़ारों में एआरपीयू

चालू वित्त वर्ष 2015-15 के दौरान डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम (डैस) के बाजारों में डेन की एआरपीयू (प्रति यूज़र औसत आय) पहली तिमाही के 78 रुपए से थोड़ी घटकर दूसरी तिमाही में 77 रुपए हो गई। साल भर पहले की समान अवधि में उसकी एआरपीयू 75 रुपए रही थी।

कंपनी के मुताबिक, अब डैस के 14 शहरों में औसत बिलिंग (टैक्स को छोड़कर) 80 रुपए से ज्यादा चल रही है, जबकि ठीक तिमाही में ऐसे शहरों की संख्या 13 और साल भर पहले की समान अवधि में 11 रही थी।

लेकिन, डेन डैस इलाकों के 58 प्रतिशत पेड सब्सक्राइबरों से ही प्रति बॉक्स 80 रुपए से ज्यादा की बिलिंग इकट्ठा कर पा रही है, जबकि यह अनुपात इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 60 प्रतिशत और पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 53 प्रतिशत रहा था।

कंटेंट की लागत

डेन की कंटेंट लागत सितंबर तिमाही में ठीक पिछली तिमाही के 136.06 करोड़ रुपए से मामूली बढ़त के साथ 136.8 करोड़ रुपए पर पहुंच गई।

कंपनी को उम्मीद है कि पूरे वित्त वर्ष 2015-16 में उसकी कुल कंटेंट लागत पिछले साल की बनिस्बत 10 से 15 प्रतिशत ज्यादा रहेगी।

केबल बिजनेस से हुई आय

केबल बिजनेस से कंपनी की आय वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही 259 करोड़ रुपए रही है। इससे ठीक पिछली यानी जून तिमाही में यह 256 करोड़ रुपए रही थी।

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साल भर पहले कंपनी को अपने केबल कामकाज़ से एलसीओ के 32 करोड़ रुपए के हिस्से को समायोजित करने के बाद 255 करोड़ रुपए की आय हुआ था।

केबल का परिचालन लाभ

कंपनी के केबल बिजनेस का एक्टीवेशन के बाद का परिचालन लाभ (ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास व अमोर्टिजेशन से पूर्व लाभ) आलोच्य तिमाही में 22 करोड़ रुपए रहा है। यह ठीक पिछली तिमाही में 18 करोड़ रुपए था। वहीं, साल भर पहले की समान अवधि में यह 54 करोड़ रुपए रहा था।

लेकिन एक्टीवेशन के पहले की बात करें तो उसे सितंबर 2015 की तिमाही में 5 करोड़ रुपए का परिचालन घाटा हुआ है, जबकि ठीक पिछली यानी, जून 2015 की तिमाही में उसे 3 करोड़ रुपए का परिचालन लाभ हुआ था। साल भर पहले की समान अवधि में इसे बिजनेस से कंपनी का परिचालन लाभ 38 करोड़ रुपए रहा था।

केबल बिजनेस का शुद्ध घाटा

कंपनी का केबल बिजनेस का शुद्ध घाटा सितंबर 2015 की तिमाही में बढ़कर 37 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। जून 2015 की तिमाही में यह 26 करोड़ रुपए रहा था। वहीं, पिछले वित्त वर्ष सितंबर 2014 की तिमाही में कंपनी को केबल बिजनेस से 6 करोड़ रुपए का ही शुद्ध घाटा लगा था।

डेन का ब्रॉडबैंड बिजनेस

डेन अपना ब्रॉडबैंड बिजनेस, डेन बूमबैंड के ब्रांड नाम से चलाती है। उसका महत्वाकांधी लक्ष्य चालू वित्त वर्ष 2015-16 के अंत तक 10 लाख घरों से गुजरने और एक लाख सब्सक्राइबर हासिल करने का है।

30 सितंबर 2015 तक कंपनी का ब्रॉडबैंड तंत्र 6 लाख घरों (दूसरी तिमाही में 1.15 लाख घर जोड़े) से गुजर चुका था और उसके ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबरों की संख्या 57,000 (दूसरी तिमाही में 21,000 जोड़े) तक पहुंच चुकी थी।

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ब्रॉडबैंड बिजनेस से डेन नेटवर्क्स का मौजूदा एआरपीयू 770 रुपए है। इसमें डीलर का कमीशन शामिल है।

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ब्रॉडबैंड परिचालन से कंपनी की आय पिछली तिमाही में 5 करोड़ रुपए रही थी। लेकिन समीक्षाधीन तिमाही के दौरान यह 8 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। पिछले वर्ष की समान अवधि में कंपनी ने इस बिजनेस से 1.4 करोड़ रुपए की आय अर्जित की थी।

निवेश के चरण में होने के नाते, ब्रॉडबैंड बिज़नेस को वित्त वर्ष 2015-16 की पहली तिमाही में 18 करोड़ रुपए की तुलना में 20 करोड़ रुपए का परिचालन घाटा सहना पड़ा। एक वर्ष पहले की समान अवधि में यह घाटा 10 करोड़ रुपए रहाथा।

ब्रॉडबैंडसे कंपनी का शुद्ध घाटा 24 करोड़ रुपए रहा है जो ठीक पिछली तिमाहीमें20 करोड़ रुपएथा। साल भर पहले की समान अवधिमें इस बिजनेस से उसका शुद्ध घाटा 11 करोड़ रुपए हुआ था।

डेन स्नैपडील टीवी शॉप

डेन स्नैपडील टीवी शॉप ने इस तिमाही में अपनी पहुंच 3.8 करोड़ ग्राहकों तक कर ली। पिछली तिमाही के अंत में यह 3.3 करोड़ थी। इसने अपने डिस्ट्रीब्यूशन में वीडियोकॉन डी2एच को जोड़ा है।

डेन स्नैपडील टीवी शॉप ने 199 करोड़ रुपए की सालाना जीएमवी (ग्रॉस मर्कैंडाइज वैल्यू) हासिल की है और इसने 30 सितंबर तक औसतन 2254 सौदे रोज़ाना हासिल किए हैं।

कंपनी द्वारा प्राप्त सभी कॉल्स में से 33 प्रतिशत असली खरीदारी में परिवर्तित हुए। 20 प्रतिशत ग्राहक फिर से आए।

तिमाही के दौरान टीवी कमर्शियल से आय पिछली तिमाही के 1.8 करोड़ रुपए से बढ़कर 3.3 करोड़ रुपए हो गई।

कारोबार से परिचालन घाटा 4.3 करोड़ रुपए का हुआ और शुद्ध घाटा 4.4 करोड़ का रहा जो पिछली तिमाही में भी इतना ही था।

फुटबॉल बिजनेस

डेन को दूसरी तिमाही में फुटबॉल बिजनेस से 9.8 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसे इसे बिजनेस से 1.4 करोड़ रुपए और साल भर पहले की समान अवधि में 4.6 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा लगा था।

कंपनी को आलोच्य तिमाही के दौरान फुटबॉल बिजनेस से कोई आय नहीं हुई। पिछले तिमाही में इस बिजनेस से उसे 90 लाख रुपए की आय हुई थी।

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