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वित्त वर्ष 2015-16 में हैथवे का परिचालन लाभ 52% बढ़ा, लगाए 22 लाख एसटीबी

मुंबई: वित्त वर्ष 2015-16 में 22 लाख सेट-टॉप बॉक्स (एसटीबी) लगाने से मिली एक्टिवेशन आय के दम पर हैथवे केबल एंड डेटाकॉम का परिचालन लाभ पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 52 प्रतिशत बढ़ गया है।

इस दौरान उसकी कंटेंट लागत में मात्र 1 प्रतिशत का इजाफा हुआ। वहीं, कंपनी की ब्रॉडबैंड आय में भी काफी वृद्धि दर्ज की गई और उसकी घरों तक पहुंच 10 लाख बढ़ गई है।

31 मार्च 2016 को समाप्त वित्त वर्ष में हैथवे केबल का समेकित परिचालन लाभ (ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास व अमोर्जिटेशन से पूर्व लाभ) बढ़कर 388य6 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2014-15 में यह 256.2 करोड़ रुपए रहा था।

इस दौरान कंपनी अपना शुद्ध घाटा कम करके 163.1 करोड़ रुपए पर ले आई है। पिछले वित्त वर्ष में उसका शुद्ध घाटा 180.4 करोड़ रुपए रहा था।

केबल टीवी कामकाज़ से उसकी सब्सक्रिप्शन आय समायोजन के बाद (एलसीओ का कमीशन और मनोरंजन टैक्स घटाने के बाद) 10 प्रतिशत बढ़कर 812.7 करोड़ रुपए हो गई है।

वहीं प्लेसमेंट (कैरेज़) आय पिछले वित्त वर्ष के 626.9 करोड़ रुपए से घटकर 598.8 करोड़ रुपए पर आ गई है।

इस बार उसे मिली एक्टिवेशन 277.9 करोड़ रुपए रही है। यह साल भर पहले इस मद में मिले 82.4 करोड़ रुपए से 177 प्रतिशत अधिक है।

वहीं, ब्रॉडबैंड कामकाज़ से कंपनी की सब्सक्रिप्शन आय साल भर पहले से 61 प्रतिशत बढ़कर 399.3 करोड़ रुपए हो गई। साल की आखिरी तिमाही में ब्रॉडबैंड से उसकी प्रति यूज़र औसत आय (एआरपीयू) 670 रुपए रही है। यह साल भर पहले के 530 रुपए प्रति माह से 26 प्रतिशत अधिक है।

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कंपनी की कुल आय अब 2000 करोड़ रुपए को पार कर गई है। वित्त वर्ष 2015-16 में उसकी कुल आय 2081.6 करोड़ रुपए रही है। यह साल भर पहले से 14 प्रतिशत ज्यादा है।

वैसे, एक्टिवेशन और समायोजन के बिना उसकी आय 6 प्रतिशत बढ़ी है। इन्हें हटा देने पर उसकी आय 1853.7 करोड़ रुपए निकलती है।

आलोच्य वित्त वर्ष में कंपनी की कंटेंट लागत पिछले वित्त वर्ष 2014-15 के 813.2 करोड़ रुपए से मामूली वृद्धि के साथ 821.6 करोड़ रुपए पर पहुंच गई।

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ध्यान देने की बात यह है कि पिछले वित्त वर्ष 2014-15 के नतीजों में हैथवे ने अपनी एक सब्सिडियरी का 15 महीनों का प्रदर्शन जोड़कर दिखाया था।

मार्च 2016 की अंतिम तिमाही में कंपनी को केबल टीवी से मिली एआरपीयू डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम (डैस) के पहले चरण के इलाकों में साल भर पहले के 100 रुपए से बढ़कर 105 रुपए हो गई। इसी दौरान दूसरे चरण के इलाकों में उसकी एआरपीयू 67 रुपए से बढ़कर 86 रुपए प्रति माह पर पहुंच गई।

हैथवे के पास केबल टीवी में डिजिटल सब्सक्राइबरों का आधार 1.06 करोड़ का है जो उसके कुल सब्सक्राइबरों का 87 प्रतिशत बनता है। इस मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर (एमएसओ) के पास केबल टीवी में भारत के सबसे ज्यादा डिजिटल सब्सक्राइबर हैं। इसके कुल केबल टीवी सब्सक्राइबरों की संख्या 1.23 करोड़ है।

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स्टैंडएलोन आधार पर हैथवे का परिचालन लाभ वित्त वर्ष 2015-16 में 196.5 करोड़ रुपए रहा है। यह इससे पिछले वित्त वर्ष 2014-15 से 41 प्रतिशत ज्यादा है।

इस दौरान स्टैंडएलोन रूप से उसका शुद्ध घाटा 2 प्रतिशत कम होकर 171.3 करोड़ रुपए पर आ गया है।

हैथवे ने वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान ब्रॉडबैंड बिजनेस में 206 करोड़ रुपए का निवेश किया। वित्त वर्ष के अंत उसका ब्रॉंडबैंड कनेक्शन 10 लाख की वृद्धि के साथ 33 लाख घरों तक पहुंच चुका है। उसका ब्रॉडबैंड तंत्र अब मध्य भारत के साथ-साथ पश्चिम बंगाल तक पहुंच चुका है।

कंपनी का कहना है कि उसे ज्यादातर टेक्निकल इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रे पूरे कर लिए हैं। इससे उसकी कस्टमर सेवा बेहतर हो गई है और ग्राहकों के निकलने की दर कम हो गई है।

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चौथी तिमाही का प्रदर्शन

31 मार्च 2016 को समाप्त तिमाही में हैथवे केबल एंड डेटाकॉम का परिचालन लाभ स्टैंडएलोन स्तर पर 60 प्रतिशत बढ़कर 79.8 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। साल भर पहले की समान अवधि में यह 49.8 करोड़ रुपए रहा था।

अब उसका स्टैंडएलोन शुद्ध घाटा चौथी तिमाही में 45.9 करोड़ रुपए रहा है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में यह 32.6 करोड़ रुपए ही रहा था।

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समेकित स्तर पर कंपनी ने चौथी तिमाही में 10 लाख एसटीबी लगाए हैं। इसके साथ डैस के तीसरे चरण के इलाकों में उसके सब्सक्राइबरों की संख्या 40 लाख को पार कर गई है। हैथवे का कहना है कि उसके पास 12 लाख एसटीबी की इन्वेंटरी अभी भरी पड़ी है।

हैथवे केबल का स्टैंडएलोन सकल ऋण 31 मार्च 2016 तक 1538.6 करोड़ रुपए का रहा है, जबकि उसके ऊपर शुद्ध ऋण का बोझ 1526.6 करोड़ रुपए का है।