लाइव पोस्ट

ऑरटेल का बिजनेस उभरते बाज़ारों में दूसरी तिमाही में परिचालन लाभ में आया

मुंबई: मूल रूप से ओडिशा के मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर (एमएसओ) ऑरटेल कम्युनिकेशंस के ज्यादातर नए सब्सक्राइबर अब देश के दूसरे राज्यों के उभरते बाज़ारों से आने लगे हैं। इस बीच कंपनी ने घोषित किया है कि चालू वित्त वर्ष 2016-17 में 30 सितंबर को समाप्त दूसरी तिमाही में उभरते बाज़ारों से उसका बिजनेस परिचालन लाभ में आ गया है।

इस दौरान उभरते बाज़ारों से उसका परिचालन लाभ (ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास व अमोर्टिजेशन से पूर्व लाभ) 80 लाख रुपए रहा है, जबकि ठीक पिछली तिमाही में उसे यहां से 70 लाख रुपए का परिचालन घाटा हुआ था। पिछले वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में तो उसका परिचालन घाटा 1.8 करोड़ रुपए रहा था। 30 सितंबर 2016 को उसका परिचालन लाभ मार्जिन 6.9 प्रतिशत रहा है, जबकि पहले यह (-)7.2 प्रतिशत रहा था।

ओडिशा से संचालित इस एमएसओ को अपेक्षा है कि छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना व पश्चिम बंगाल जैसे उसके उभरते बाज़ारों में सब्सक्राइबर आधार बढ़ने के साथ परिचालन लाभ की स्थिति और ज्यादा बेहतर हो जाएगी।

उभरते बाज़ारों से उसकी आय इस बार 11.7 करोड़ रुपए रही है। यह पिछली तिमाही में हुई 9.7 करोड़ रुपए की आय से 21.5 प्रतिशत अधिक है।

ortel-Region-wise-Summarized-Statement-of-Operations-Emerging-Markets-Chhattisgarh-Madhya-Pradesh-Andhra-Pradesh-Telengana-West-Bengal-Q2fy17

दूसरी तिमाही में ऑरटेल के लगभग 80 प्रतिशत नए सब्सक्राइबर ओडिशा से भिन्न राज्यों के हैं। कंपनी का कहना है, “आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में सब्सक्राइबर आधार बढ़ाने की संभावना बराबर बनी हुई है।”

ऑरटेल ने उभरते बाज़ारों से इस दौरान 38,350 सब्सक्राइबर जोड़े हैं। इसी के साथ ओडिशा से इतर राज्यों में एमएसओ के कुल सब्सक्राइबरों की संख्या 2,61,757 पर पहुंच गई है। जून 2016 की तिमाही में यह 2,23,407 रही थी।

लेकिन 30 सितंबर 2016 को समाप्त तिमाही में अपने मूल बाज़ार ओडिशा में ऑरटेल का बिजनेस ठहरने के संकेत दे रहा है। इस बार उसका परिचालन लाभ 17.4 करोड़ रुपए रहा है, जबकि ठीक पिछली तिमाही में यह 17.2 करोड़ रुपए रहा था। साल भर पहले की समान तिमाही में उसका परिचालन लाभ 19.7 करोड़ रुपए था।

वैसे, इस दौरान कंपनी का परिचालन लाभ मार्जिन साल भर पहले के 40.8 प्रतिशत से सुधरकर 41.8 प्रतिशत पर आ गया है।

ओडिशा से ऑरटेल की आय सितंबर तिमाही में पहले के 42.2 करोड़ रुपए से थोड़ा-सा घटकर 41.6 करोड़ रुपए पर आ गई है। इस दौरान एमएसओ ने वहां 3602 सब्सक्राइबर गंवाए हैं। इसके बाद 30 सितंबर 2016 तक उसका सब्सक्राइबर आधार 5,43,132 का हो गया है। 30 जून 2016 को उसका सब्सक्राइबर आधार 5,46.734 का रहा था।

ortel-Region-wise-Summarized-Statement-of-Operations-core-market-odisha-Q2fy17

कुल मिलाकर ऑरटेल चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 34,748 सब्सक्राइबर जोड़े हैं जिससे 30 सितंबर तक उसके कुल सब्सक्राइबरों की संख्या 8,04,889 पर जा पहुंची है। 30 जून को उसका कुल सब्सक्राइबर आधार 7,70,141 का था।

दूसरी तिमाही में ऑरेटल का शुद्ध लाभ और परिचालन लाभ

कंपनी का शुद्ध लाभ सितंबर तिमाही में साल भर पहले के 2.8 करोड़ रुपए से 10.2 प्रतिशत घटकर 2.5 करोड़ रुपए पर आ गया। ठीक पिछली तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 90 लाख रुपए ही रहा था।

वहीं, इस दौरान अन्य आय को छोड़कर उसका परिचालन लाभ 16.6 करोड़ रुपए रहा है। यह साल भर पहले के 14.8 करोड़ रुपए से 11.7 प्रतिशत अधिक है। ठीक पिछली तिमाही में उसका परिचालन लाभ 13.4 करोड़ रुपए रहा था।

वैसे, अन्य आय को छोड़कर उसका परिचालन लाभ मार्जिन इस बार 30.9 प्रतिशत रहा है, जबकि साल भर पहले की समान अवधि में यह 32.4 प्रतिशत और ठीक पिछली तिमाही में 25.5 प्रतिशत रहा था।

ऑरटेल की दूसरी तिमाही की आय

वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी की परिचालन से आय साल भर पहले की समान अवधि के 45.8 करड़ रुपए की बनिस्बत 17.3 प्रतिशत बढ़कर 53.7 करोड़ रुपए हो गई। ठीक पिछली तिमाही में उसकी आय 52.4 करोड़ रुपए रही थी।

इस दौरान उसकी केबल टीवी आय साल भर पहले की समान अवधि के 30.9 करोड़ रुपए से 35.8 प्रतिशत बढ़कर 42 करोड़ रुपए हो गई। ठीक पिछली तिमाही में केबल टीवी बिजनेस की आय 41.2 करोड़ रुपए दर्ज की गई थी।

आलोच्य तिमाही में उसकी केबल सब्सक्रिप्शन आय ठीक पिछली तिमाही के 27.7 करोड़ रुपए से 7.2 प्रतिशत बढ़कर 29.7 करोड़ रुपए हो गई। साल भर पहले की समान अवधि में उसकी केबल सब्सक्रिप्शन आय 20.6 करोड़ रुपए रही थी।

Ortel-Consolidated-Summarized-Profit-Loss-Statement-Q2-fy17

कैरेज़ आय

सितंबर 2016 में ऑरटेल की कैरेज़ फीस से हुई आय ठीक पिछली तिमाही के 8.9 करोड़ रुपए से 9 प्रतिशत घटकर 8.1 करोड़ रुपए पर आ गई। यह साल भर पहले की तुलना में 16 प्रतिशत कम है। पिछले वित्त वर्ष 2015-16 की दूसरी तिमाही में उसे इस सेगमेंट से 9.7 करोड़ रुपए की आय हुई थी।

इस दौरान कंपनी की बैंडविड्थ लागत (डिजिटल) 11.6 प्रतिशत घटकर 1.1 करोड़ रुपए हो गई।

कंटेंट लागत में कमी

कंपनी का खर्च सितंबर तिमाही में जून तिमाही के 39 करोड़ रुपए से 4.8 प्रतिशत घटकर 37.2 करोड़ रुपए पर आ गया।

इस दौरान उसकी प्रोग्रामिंग लागत ठीक पिछली तिमाही के 10 करोड़ रुपए से 13.3 प्रतिशत घटकर 8.6 करोड़ रुपए पर आ गई। साल भर पहले की समान अवधि में उसकी कंटेंट लागत 9.4 करोड़ रुपए रही थी।

पहले कंपनी प्रति सब्सक्राइबर पे-चैनल लागत 50.3 रुपए हुआ करती है। लेकिन दो ब्रॉडकास्टरों के साथ रेफरेंस इंटरकनेक्शन ऑफर (रियो) आधारित करार हो जाने के बाद यग घटकर प्रति सब्सक्राइबर 40.6 रुपए पर आ गई है।

ब्रॉडबैंड बिजनेस की आय

इस बार कंपनी की ब्रॉडबैंड आय 10 करोड़ रुपए रही है। यह ठीक पिछली तिमाही की ब्रॉडबैंड आय 9.5 करोड़ रुपए से 4.2 प्रतिशत ज्यादा है।

इसमें भी सब्सक्रिप्शन फीस पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के 8.8 करोड़ रुपए से 7 प्रतिशत बढ़कर 9.5 करोड़ रुपए हो गई। वहीं, कनेक्शन से मिली आय 70 लाख रुपए से 25 प्रतिशत घटकर 50 लाख रुपए पर आ गई।

इस दौरान कंपनी की ब्रॉडबैंड संबंधी बैंडविड्थ की लागत ठीक पिछली तिमाही की तुलना में 17.1 प्रतिशत बढ़कर 2.6 करोड़ रुपए पर पहुंच गई।

Ortel-Segment-wise-Revenue-break-up-Q2-Fy17

एआरपीयू

तिमाही के दौरान कंपनी की प्रति यूज़र औसत आय (एआरपीयू) केबल टीवी से 153 रुपए और ब्रॉडबैंड से 406 रुपए प्रति माह रही है। पिछली तिमाही में उसकी केबल टीवी एआरपीयू 152 रुपए और ब्रॉडबैंड एआरपीयू 401 रुपए रही थी।

Bibhu-Prasad-Rath-insideकंपनी का कहना है कि आनेवाले महीनों में 61,037 सब्सक्राइबर उसके अंतिम कड़ी के नेटवर्क में एकीकृत कर लिए जाएंगे।

सितंबर 2016 की तिमाही के नतीजों पर टिप्पणी करते हुए ऑरटेल कम्युनिकेशंस के प्रेसिडेंट व सीईओ बिभु प्रसाद रथ ने कहा, “हमने केबल टीवी और ब्रॉडबैंड आय में संतुलित विकास बनाए रखते हुए स्थाई प्रदर्शन किया है। दोनों ही सेगमेंट में सब्सक्रिप्शन फीस तिमाही आधार पर 7 प्रतिशत बढ़ी है। ज्यादा अहम बात यह है कि हम कुल खर्च को 5 प्रतिशत घटाने में सफल रहे हैं। यह दक्षता बढ़ाने और लागत को तर्कसंगत बनाने पर प्रबंधन के फोकस के चलते संभव हुआ है।”