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डिजिटाइजेशन के बीच घट गया ऑरटेल कम्युनिकेशंस का शुद्ध लाभ पहली तिमाही में

मुंबई: मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर (एमएसओ) ऑरेटल कम्युनिकेशंस का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही में ठीक पिछली तिमाही के 2.8 करोड़ रुपए से 68.9 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ मात्र 90 लाख रुपए पर पहुंच गया है।

उसका शुद्ध लाभ मार्जिन इस बार 1.6 प्रतिशत रहा है, जबकि ठीक पिछली तिमाही में यह 5 प्रतिशत और साल भर पहले की समान तिमाही में 5.7 प्रतिशत रहा था।

अन्य आय को छोड़कर उसका परिचालन लाभ (ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास व अमोर्टिजेशन से पूर्व लाभ) पिछली तिमाही के 16.9 करोड़ रुपए से 20.9 प्रतिशत घटकर 13.4 करोड़ रुपए रह गया है।

उसका परिचालन लाभ मार्जिन इस बार में 25.5 प्रतिशत रहा है, जबकि ठीक पिछली तिमाही में यह मार्जिन 31.8 प्रतिशत और साल भर पहले 33 प्रतिशत रहा था।

जून 2016 की तिमाही में उसकी परिचालन आय ठीक पिछली तिमाही के 53.3 करोड़ रुपए से 1.6 प्रतिशत घटकर 52.4 करोड़ रुपए हो गई है। वैसे सालाना आधार पर देखें तो इसमें 40.6 करोड़ रुपए से 29.1 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

इस दौरान तिमाही आधार पर उसका खर्च ठीक पिछली तिमाही के 36.4 करोड़ रुपए से 7.3 प्रतिशत बढ़कर 39 करोड़ रुपए हो गया। वहीं, सालाना आधार पर उसका खर्च 27.2 करोड़ रुपए से 43.5 प्रतिशत बढ़ा है।

हालांकि उसकी प्रोग्रामिंग लागत तिमाही आधार पर 10 करोड़ रुपए पर स्थिर रही है, जबकि सालाना आधार पर यह 8.9 करोड़ रुपए से 11.9 प्रतिशत बढ़ गई है।

पहली तिमाही में ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए उसकी बैडविड्थ लागत ठीक पिछली तिमाही से 19.8 प्रतिशत बढ़कर 2.6 करोड़ रुपए हो गई। सालाना आधार पर इसमें 53.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। डिजिटल सेवाओं के लिए उसकी बैंडविड्थ लागत इस बार 1.3 करोड़ रुपए रही है। ठीक पिछली तिमाही में यह लागत 30 लाख रुपए औप साल भर पहले की समान तिमाही में 10 लाख रुपए रही थी।

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तिमाही के दौरान कंपनी ने कुल 68,949 सब्सक्राइबर जोड़े हैं। इससे 30 जून 2016 तक उसका कुल सब्सक्राइबर आधार 7,70,141 पर पहुंच गया है। जोड़े गए 68,949 सब्सक्राइबरों में से लगभग 83 प्रतिशत सब्सक्राइबर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के हैं।

एमएसओ फिलहाल 65,782 नए सब्सक्राइबरों को जोड़ने की प्रक्रिया में है और इन्हें आनेवाले महीनों में कंपनी के अंतिम कड़ी के नेटवर्क में एकीकृत कर लिया जाएगा। नए जुड़ रहे सब्सक्राइबरों को लगभग 72 प्रतिशत हिस्सा उड़ीसा से भिन्न राज्यों का है।

केबल टीवी बिजनेस

कंपनी के केबल टीवी सब्सक्राइबर आलोच्य तिमाही में 62,822 बढ़ गए जिससे उसका कुल आधार 6,92,532 सब्सक्राइबरों तक पहुंच गया है। ठीक पिछली तिमाही में एमएसओ ने 69,944 सब्सक्राइबर जोड़े थे।

उसके कुल सब्सक्राइबरों में से डिजिटल केबल टीवी सब्सक्राइबरों की संख्या 3,02,281 है, जबकि एनलॉग सब्सक्राइबरों की संख्या फिलहाल 3,90,251 है।

पहली तिमाही के दौरान एमएसओ ने 69,269 सेट-टॉप बॉक्स (एसटीबी) लगाए हैं। इससे उसकी डिजिटल पैठ का अनुपात बढ़कर 43.6 प्रतिश हो गया है। यह अनुपात ठीक पिछली तिमाही में 37.1 प्रतिशत और साल भर पहले की समान अवधि में 23.6 प्रतिशत रहा था।

कंपनी के पास डिजिटलीकरण के तीसरे चरण पर अमल करने के लिए पर्याप्त संख्या में एसटीबी हैं।

ऑरटेल की केबल टीवी आय पहली तिमाही में ठीक पिछली तिमाही से 5.3 प्रतिशत बढ़कर 41.2 करोड़ रुपए हो गई, जबकि सालाना आधार में उसकी आय 44.9 प्रतिशत बढ़ी है।

उसकी केबल सब्सक्रिप्शन फीस तिमाही आधार पर 11.5 प्रतिशत बढ़कर 27.7 करोड़ रुपए हो गई। सालाना आधार पर इसमें 38.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

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कंपनी की कैरेज़ फीस तिमाही आधार पर 7.8 प्रतिशत बढ़कर 8.9 करोड़ रुपए हो गई है, जबकि सालाना आधार पर इसमें 14.3 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

हालांकि कंपनी की डिजिटल केबल एआरपीयू (प्रति यूज़र औसत आय) पहली तिमाही में ठीक पिछली तिमाही के 174 रुपए से घटकर 169 करोड़ रुपए पर आ गई। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसकी डिजिटल केबल एआरपीयू 185 रुपए रही थी।

उसकी एनालॉग केबल एआरपीयू इस बार पिछली तिमाही जितनी ही, 141 रुपए रही है। साल भर पहले की समान अवधि में उसकी एनालॉग केबल एआरपीयू इससे ज्यादा 144 रुपए रही थी।

जून 2016 की तिमाही में कंपनी की सम्मिलित एनालॉग व डिजिटल केबल एआरपीयू 152 रुपए रही है। यह ठीक पिछली तिमाही में 151 रुपए और साल भर पहले की समान अवधि में 155 रुपए रही थी।

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आलोच्य तिमाही के दौरान कंपनी की प्रति सब्सक्राइबर पे-चैनल एआरपीयू घटकर 50.3 रुपए पर आ गई। ठीक पिछली तिमाही में यह 56.3 रुपए और साल भर पहले 62.4 रुपए रही थी। केबल टीवी सब्सक्रिप्शन में पे-चैनल की लागत इस बार 36 प्रतिशत रही है, जबकि ठीक पिछली तिमाही में यह 40.4 प्रतिशत और साल भर पहले 44.7 प्रतिशत दर्ज की गई थी।

जून 2016 की तिमाही में एमएसओ ने डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम (डैस) के इलाकों के लिए स्टार इंडिया और इंडियाकास्ट के सात रेफरेंस इंटरकनेक्शन ऑफर (रियो) पर आधारित करार पर दस्तखत किए हैं। उसका कहना है कि इससे ग्राहकों को चयन की भरपूर सुविधा देकर सही मायनों में डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

ब्रॉडबैंड बिजनेस

जून 2016 की तिमाही में कंपनी की ब्रॉडबैंड आय ठीक पिछली तिमाही के 8.9 करोड़ रुपए से 6.3 प्रतिशत बढ़कर 9.5 करोड़ रुपए हो गई। साल भर पहले की समान अवधि में उसकी ब्रॉडबैंड आय 7.5 करोड़ रुपए रही थी।

तिमाही के दौरान इस एमएसओ ने ब्रॉडबैंड के 5127 सब्सक्राइबर जोड़े हैं, जबकि ठीक पिछली तिमाही में उसने 4773 और वित्त वर्ष 2015-16 की पहली तिमाही में 2381 सब्सक्राइबर जोड़े थे। अब उसके कुल ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर बढ़कर 77,609 हो गए हैं। तिमाही के दौरान उसकी ब्रॉडबैंड एआरपीयू 401 रुपए हो गई, जबकि ठीक पिछली तिमाही में यह 398 रुपए और साल भर पहले 393 रुपए रही थी।

Ortel-FY17-Q1-Estimated-Homes-Reachedएमएसओ ने ओडिशा में 100 एमबीपीएस डॉक्सिस 3.0 ब्रॉडबैंड इंटरनेट समेत तमाम प्लान पेश किए हैं। यह ओडिशा के राज्य में 100 एमबीपीएस ब्रॉडबैंड सेवा देनेवाला पहला एमएसओ बन गया है।

कंपनी का कहना है कि मजबूत टीम व आकर्षक ब्रॉडबैंड पैकेजों के साथ ठोस ब्रॉडबैंड इंफ्रास्ट्रक्चर तंत्र के दम पर आनेवाले सालों में उसके ब्रॉडबैंड बिजनेस में काफी प्रगति होने की उम्मीद है।

Bibhu-Prasad-Rath-insideऑरटेल कम्युनिकेशंस के प्रेसिडेंट व सीईओ बिभु प्रसाद रथ का कहना है, “हमने अपने केबल टीवी और ब्रॉडबैंड बिजनेस में स्वस्थ नतीजों के साथ साल की शुरुआत सकारात्मक अंदाज़ में की है। यह हमारी आय व शुद्ध लाभ में झलकता है जो सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही में क्रमशः 45 प्रतिशत और 26 प्रतिशत बढ़े हैं। मुझे बताते हुए भी खुशी हो रही है कि तिमाही के दौरान हमने 68,949 सब्सक्राइबर जोड़े हैं जिससे हमारा कुल सब्सक्राइबर आधार 7,70,141 पहुंच गया है। हालांकि, इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग बिजनेस में अपेक्षाकृत कम कार्यान्वयन के कारण हमारी लाभप्रदता प्रभावित हुई है।

आगे मेरा अनुमान है कि इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग बिजनेस अगली तिमाहियों में कार्यान्वयन में गति आने के साथ सामान्य स्थिति में लौट आएगा।”

उनका यह भी कहना था, “वित्त वर्ष 2016-17 का रोडमैप संभावनामय लगता है क्योंकि हम बड़े सब्सक्राइबर आधार पर बेहतर परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन करने जा रहे हैं। हमारा दृढ़ यकीन है कि हमारा अंतिम कड़ी का बी2सी मॉडल टिकाऊ है और यह सभी हितधारकों के लिए पर्याप्त मूल्य का सृजन करेगा।”