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एनडीटीवी: न्यूज़ बिजनेस को हुआ वित्त वर्ष 2015 में परिचालन लाभ

एनडीटीवी के न्यूज़ बिजनेस ने स्टैंडएलोन आधार पर वित्त वर्ष 2014-15 में अन्य आय, वित्तीय लागत व असामान्य मदों को हटा दें तो 9.64 करोड़ रुपए का लाभ कमाया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2013-14 में उसे 46.96 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। अंग्रेज़ी न्यूज़ चैनल लाभप्रद बना रहा है, जबकि एनडीटीवी प्रॉफिट/प्राइम ब्रेकइवेन और एनडीटीवी इंडिया परिचालन लाभ में आ गया है।

एयरटेल डिजिटल टीवी ने 10.6 लाख ग्राहक जोड़े, परिचालन लाभ 102% उछला

एयरटेल डिजिटल टीवी का परिचालन लाभ 334.7 करोड़ रुपए से 675.2 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इसका एआरपीयू 214 रुपए है, जबकि कुल सब्सक्राइबर एक करोड़ 70 हज़ार हो चुके हैं।

ऑरटेल कम्युनिकेशंस एलसीओ को खरीदकर करेगी विस्तार, वित्त वर्ष 2014-15 में आई लाभ में

ऑरटेल ने इसी अप्रैल महीने में 40 एसलीओ को साथ नेटवर्क खरीदने का समझौतों पर दस्तखत किए हैं जिनके पास कुल 17,500 राजस्व सृजन इकाइयां (आरजीयू) होने का अनुमान है। इस क्षेत्रीय एमएसओ का इरादा नए भौगोलिक इलाकों तक पहुंचने का है। कंपनी वित्त वर्ष 2015 में लाभ में आ चुकी है और उसकी कंटेंट लागत मात्र 8% बढ़ी है।

ज़ी ने कैसे बनाई अपनी न्यूज़ कंपनी

साल 1999 में भारत के पहले 24 घंटे के हिंदी न्यूज़ व समसामयिक विषयों के चैनल की शुरुआत कर ज़ी ने इतिहास रचा था। टेलिविज़न पोस्ट यहां बयां कर रहा है शुरुआत से लेकर अब ज़ी मीडिया कॉरपोरेशन की सारी दास्तां।

दास्तां सिटी केबल के दो दशक के सफर की

प्राइवेट सैटेलाइट टीवी ब्रॉडकास्टिंग के शुरुआती सालों में ही सुभाष चंद्रा ने अपनी दूरंदेशी से कड़ी दर कड़ी बनते मीडिया साम्राज्य का खाका खींच लिया था। केबल डिस्ट्रीब्यूशन में उनका सफर 1994 में शुरू हुआ और इस दौरान बहुत सारे उतार-चढ़ाव आए।