लाइव पोस्ट
चीन में शुरू हुआ दुनिया का सबसे ऊंचा पुल, 14.40 करोड़ डॉलर से बना
नोटबंदी को लेकर तृणमूल कांग्रेस का पीएम मोदी पर कटाक्ष- 'उम्मीद है कल बड़ी घोषणा करेंगे'
सीतापुर में यात्रियों से भरी बस नदी में पलटी, बचाव कार्य जारी
झारखंड में कोयला खदान के अंदर फंसे मजदूर, 10 शव निकाले गए
दिल्ली हाई कोर्ट ने शादियों के लिए बैंक खाते से 2.5 लाख रुपए निकालने के खिलाफ याचिका खारिज़ की
संसद के दोनों सदनों में नोटबंदी के खिलाफ विपक्षी दलों का हंगामा जारी
घोषित काले धन पर लगेगा 50% टैक्स, लोकसभा ने आयकर अधिनियम में संशोधन पास किया

डिश टीवी और वीडियोकॉन डी2एच का विलय बदल देगा पूरा परिदृश्य

मुंबई: डिश टीवी के साथ वीडियोकॉन डी2एच के विलय से ऐसी विशालकाय टीवी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी बन जाएगी, जिसका देश के डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) बाज़ार में 45 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा होगा।

इस सौदे की खास-खास बातें इस प्रकार हैं:

  1. डिश टीवी के शेयरधारकों के पास नई कंपनी डिश टीवी वीडियोकॉन का4 प्रतिशत इक्विटी होगा, जबकि वीडियोकॉन डी2एच के निवेशकों के पास उसका 44.6 प्रतिशत इक्विटी हिस्सा रहेगी।
  2. नई कंपनी में डिश टीवी के प्रवर्तकों की हिस्सेदारी 36 प्रतिशत रहेगी और वीडियोकॉन डी2एच के प्रवर्तकों के पास 28 प्रतिशत। बाकी 36 प्रतिशत इक्विटी शेयर पब्लिक के पास होंगे।
  3. विश्लेषकों का कहना है कि यह सौदा वीडियोकॉन डी2एच के नैस्डैक में सूचीबद्ध एडीआर के सांकेतिक बाज़ार पूंजीकरण को देखते हुए करीब-करीब 34 प्रतिशत प्रीमियम पर हो रहा है। डिश टीवी ने संकेत दिया है कि वो मूल्यांकन को एकदम वाजिब मानती है।
  4. आकार इस सौदे का सबसे आकर्षक भाग है। 30 सितंबर 2016 तक की स्थिति के अनुसार, विलय से बनी कंपनी का सम्मिलित सब्सक्राइबर आधार 2.76 करोड़ का है। विलय से बनी कंपनी दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी आधार वाली डीटीएच कंपनी होगी। यह केवल डायरेक्टीवी (3.78 करोड़) से पीछे रह जाएगी। भारत के पे-टीवी बाज़ार के 14.5 करोड़ सब्सक्राइबरों का 16 प्रतिशत हिस्सा विलय से बनी कंपनी के पास होगा।
  5. विलय से बनी कंपनी डिश टीवी वीडियोकॉन बिक्री के लिहाज से देश की अग्रणी मीडिया कंपनी बन जाएगी। उसकी सम्मिलित आय वित्त वर्ष 2015-16 में 5920 करोड़ रुपए बनती है, जो ज़ी एंटरटेनमेंट के 5850 करोड़ रुपए से अधिक है।
  6. दोनों का सम्मिलित परिचालन लाभ (ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास व अमोर्टाइजेशन से पूर्व लाभ) वित्त वर्ष 2015-16 में 1826.2 करोड़ रुपए का बनता है, जबकि उसका परिचालन लाभ मार्जिन 31 प्रतिशत है।
  7. डीटीएच सब्सक्राइबरों में उसकी बाज़ार हिस्सेदारी 45 प्रतिशत बनती है जो टाटा स्काई की तुलना में लगभग दोगुनी है। अन्य निजी डीटीएच ऑपरेटर हैं – एयरटेल डिजिटल टीवी, सन डायरेक्ट व रिलायंस डिजिटल टीवी। सरकारी ब्रॉडकास्टर प्रसार भारती मुफ्त सब्सक्रिप्शन वाली डीटीएच सेवा, फ्रीडिश चलाता है।
  8. नई कंपनी के परिचालन ब्रांड – डिशटीवी, ज़िंग और वीडियोकॉन डी2एच बने रहेंगे।
  9. डिश टीवी वीडियोकॉन की कमान उसके चेयरमैन व प्रबंध निदेशक के रूप में जवाहर लाल गोयल के पास होगी। सौरभ धूत उसके उप-प्रबंध निदेशक होंगे।
  10. वीडियोकॉन डी2एच के मालिकों को डिश टीवी वीडियोकॉन के बोर्ड में दो निदेशकों को नामित करने का अधिकार होगा, जिनमें से एक कंपनी का वाइस चेयरमैन और दूसरा उप-प्रबंध निदेशक होगा।
  11. डिश टीवी पूरक सौदे में वीडियोकॉन डी2एच के और भी शेयर खरीद सकती है। डिश टीवी के मुख्य प्रवर्तक वीडियोकॉन डी2एच के मालिकों के साथ विलय के बाद डिश टीवी वीडियोकॉन में भी उनके शेयर खरीदने की बातचीत चला रहें है।
  12. सम्मिलित कंपनी के ऊपर शुद्ध ऋण 2161 करोड़ रुपए का रहेगा। उसका शुद्ध ऋण परिचालन लाभ का 1.2 गुना निकलता है।
  13. विलय से दोनों कंपनियों को लागत में काफी मेल बैठाने में मदद मिलेगी। वे साथ मिलकर कंटेंट को लेने और खरीदने का काम करेंगी।
  14. वीडियोकॉन समूह के पास व्यापक डिस्ट्रीब्यूशन व सर्विस की विशेषज्ञता है। उसके पास सेट-टॉप बॉक्स मंगाने और बनाने की लाभप्रद सुविधा है। वहीं, डिश टीवी के पास व्यापक मीडिया अनुभव और कंटेंट लाने का तंत्र है।
  15. विलय से बनी कंपनी कैरेज़, विज्ञापन, मूल्य-वर्धित सेवाओं और नए चैनल लॉन्च के रूप में आय की वैकल्पिक धाराएं विकसित कर सकती है। इनमें लाभ मार्जिन काफी अच्छा है।
  16. विलय से बनी कंपनी के पास कंटेंट सौदे करने के लिए मोलतोल की बेहतर ताकत होगी। वो दाम बढ़ाने की भी बेहतर स्थिति में होगी, हालांकि यह पे-टीवी बाज़ार के व्यापक परिवेश पर निर्भर है।
  17. नई कंपनी के पास 28 लाख हाई-डेफिनिशन (एचडी) सब्सक्राइबर होंगे।
  18. प्रस्तावित सौदा साल 2017 की दूसरी छमाही में पूरा हो जाने की उम्मीद है। लेकिन इसके लिए सेबी, स्टॉक एक्सचेंजों, दोनों कंपनियों के शेयरधारकों व ऋणदाताओं, बॉम्बे हाई कोर्ट और सूचना व प्रसारण मंत्रालय से मंजूरियां लेनी आवश्यक हैं।
  19. प्रस्तावित विलय के पूरा होने के बाद डिश टीवी वीडियोकॉन के शेयर एनएसई व बीएसई में लिस्टेड रहेंगे, जबकि उसके जीडीआर लक्ज़ेमबर्ग स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध रहेंगे। विलय की स्कीम के अंतर्गत वीडियोकॉन डी2एच के एडीआर धारकों को जीडीआर के रूप में नई कंपनी के शेयर मिल जाएंगे, बशर्ते वे सीधे कंपनी के शेयर लेने का विकल्प नहीं चुनते हैं।