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डिश के प्रवर्तक ले सकते हैं नई कंपनी में वीडियोकॉन डी2एच प्रवर्तकों का 8-9% हिस्सा

मुंबई: डिश टीवी के प्रवर्तक विलय के बाद बनी कंपनी में अपना स्वामित्व बढ़ाने के लिए वीडियोकॉन डी2एच के मालिकों से 8-9 प्रतिशत इक्विटी हिस्सा खरीद सकते हैं।

विलय के बाद इस अतिरिक्त खरीद से डिश टीवी वीडियोकॉन लिमिटेड में डिश टीवी के प्रवर्तकों की शेयरधारिता बढ़कर 44-45 प्रतिशत हो सकती है, जबकि उसमें वीडियोकॉन डी2एच के प्रवर्तकों की शेयरधारिता घटकर 19-10 प्रतिशत रह जाएगी।

विलय के प्रस्ताव की घोषणा करते हुए दोनों कंपनियों की तरफ से कहा गया था कि डिश टीवी के प्रवर्तक वीडियोकॉन डी2एच के मालिकों के साथ विलय के बाद डिश टीवी वीडियोकॉन में उनके शेयर खरीदने की बातचीत चला रहे है। उन्होंने कहा था कि इसके ब्यौरे को भी जल्दी ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

विलय के प्रस्ताव के मुताबिक, बढ़ी हुई नई कंपनी में डिश टीवी के प्रवर्तकों की शेयरधारिता 36 प्रतिशत रहेगी, जबकि वीडियोकॉन डी2एच के प्रवर्तकों के पास उसका 28 प्रतिशत मालिकाना होगा। बाकी 36 प्रतिशत इक्विटी शेयर पब्लिक के पास होंगे। डिश टीवी के प्रवर्तक विलय से बनी कंपनी में अपना स्वामित्व तभी बढ़ा पाने में सक्षम होंगे, जब वीडियोकॉन डी2एच के प्रवर्तक किसी पूरक सौदे में अपना हिस्सा हल्का करने को राजी होंगे।

अगर वीडियोकॉन डी2एच के प्रवर्तक विलय से बनी कंपनी में अपने मालिकाने का कोई अंश बेचने का फैसला करते हैं तो उसे खरीदने की पेशकश करने का पहला अधिकार डिश टीवी के प्रवर्तकों के पास होगा।

विलय के बाद वीडियोकॉन डी2एच खुद को नैस्डैक स्टॉक एक्सचेंज से डीलिस्ट करा लेगी। वहीं, नई कंपनी डिश टीवी वीडियोकॉन के शेयर एनएसई और बीएसई में लिस्टेड रहेंगे, जबकि उसके जीडीआर (ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट्स) लक्ज़ेमबर्ग स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध रहेंगे। विलय की स्कीम के अंतर्गत वीडियोकॉन डी2एच के एडीआर (अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स) के धारकों को जीडीआर के रूप में नई कंपनी के शेयर मिल जाएंगे, बशर्ते वे सीधे कंपनी के शेयर लेने का विकल्प नहीं चुनते।

प्रस्तावित सौदा विभिन्न नियामक मंज़ूरियां मिलने पर ही पूरा होगा। इसमें पूंजी बाज़ार नियामक संस्था सेबी, स्टॉक एक्सचेंज, दोनों कंपनियों के शेयरधारक व ऋणदाता, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई), बॉम्बे हाई कोर्ट और सूचना व प्रसारण मंत्रालय की मंज़ूरी शामिल है।

डिश टीवी को यह सौदा साल 2017 की दूसरी छमाही में पूरा हो जाने की उम्मीद है।

डिश टीवी वीडियोकॉन सब्सक्राइबरों के मामले में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आधार वाली डीटीएच कंपनी होगी। यह केवल डायरेक्टीवी से पीछे रह जाएगी। 30 सितंबर 2016 तक की स्थिति के अनुसार, विलय से बनी कंपनी का सम्मिलित शुद्ध सब्सक्राइबर आधार 2.76 करोड़ का है। भारत के पे-टीवी बाज़ार का 16 प्रतिशत हिस्सा विलय से बनी कंपनी के पास होगा।

डिश टीवी वीडियोकॉन बिक्री के लिहाज से देश की अग्रणी मीडिया कंपनी बन जाएगी। उसकी सम्मिलित आय वित्त वर्ष 2015-16 में 5920 करोड़ रुपए बनती है, जो ज़ी एंटरटेनमेंट की 5850 करोड़ रुपए की बिक्री से अधिक है।

सम्मिलित कंपनी का परिचालन लाभ (ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास व अमोर्टाइजेशन से पूर्व लाभ) वित्त वर्ष 2015-16 में 1826.2 करोड़ रुपए का बनता है, जबकि उसका परिचालन लाभ मार्जिन 31 प्रतिशत है।