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नोटबंदी के माहौल में डिश टीवी पर कोई फर्क नहीं, हुए 65 लाख से ज्यादा ई-पेमेंट

मुंबई: जहां सरकार के नोटबंदी के कदम ने कुछ समय के लिए देश की अर्थव्यवस्था को पंगु बना दिया है, वहीं डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) ऑपरेटर डिश टीवी का सारा बिज़नेस सामान्य रूप से चल रहा है क्योंकि उसके पास इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली पहले से मौजूद है।

डीटीएच ऑपरेटर ने दावा किया है कि 23 नवंबर तक ई-पेमेंट के माध्यम से 65 लाख यूनीक ट्रांज़ैक्शन हुए हैं। इन ट्रांज़ैक्शन का सर्विस टैक्स घटक लगभग 2600 लाख रुपए है। डिश टीवी को सर्विस टैक्स कलेक्ट करने की लागत 4 प्रतिशत की उठानी पड़ी है। डीटीएच ऑपरेटरों पर सूचना व प्रसारण मंत्रालय द्वारा लगाए जाने वाले राज्य मनोरंजन कर और लाइसेंस शुल्क से, सर्विस टैक्स का यह कलेक्शन अलग है।

उद्योग टैक्स कलेक्शन में किसी भी तरह के संभावित प्रोत्साहन पर नज़रे गड़ाए हुए है जो ई-पेमेंट ट्रांसज़ैक्शन के लिए केंद्र सरकर की ओर से दिया जा सके। उद्योग के अनुमान के मुताबिक, 25,000 करोड़ रुपए का कारोबार केबल टीवी उद्योग में टैक्स अनुपालन से भागता है जिसके परिणामस्वरूप सालाना आधार पर राष्ट्रीय खजाने में प्रत्यक्ष और परोक्ष टैक्स के रूप में 8000 करोड़ रुपए का नुकसान होता है।

डिश टीवी ने कहा कि नोटबंदी, डिजिटलीकरण का समय पर क्रियान्वयन और जीएसटी आने से पारदर्शिता आएगी और सब के लिए समान स्तर सुनिश्चित होने की उम्मीद की जा सकती है।