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डिश टीवी ने पहली तिमाही में बढ़ाए सब्सक्राइबर, 12% बढ़ा परिचालन लाभ, लेकिन एआरपीयू ठहरी

मुंबई: डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) ऑपरेटर डिश टीवी ने चालू वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही में जमकर सब्सक्राइबर जोड़े हैं। इस दौरान उसकी कंटेंट लागत की वृद्धि दहाई अंक से कम रही है। लेकिन उसकी प्रति यूज़र औसत आय (एआरपीयू) जहां की तहां ठहरी हुई है।

कंपनी का समेकित परिचालन लाभ (ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास व अमोर्टिजेशन से पूर्व लाभ) इस दौरान साल भर पहले के 235.7 करोड़ रुपए से 12.3 प्रतिशत बढ़कर 264.6 करोड़ रुपए हो गया। ठीक पिछली तिमाही में उसका परिचालन लाभ 260.8 करोड़ रुपए रहा था।

पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ साल भर पहले की समान अवधि के 54.2 करोड़ रुपए से घटकर 40.9 करोड़ रुपए पर आ गया है। इससे ठीक पिछली तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 482.8 करोड़ रुपए रहा था क्योंकि उसमें 436 करोड़ रुपए का आस्थगित टैक्स खर्च शामिल था।

आय की स्थिति

इस दौरान उसकी सब्सक्रिप्शन आय साल भर पहले के 682.8 करोड़ रुपए से बढ़कर 728.2 करोड़ रुपए हो गई है। ठीक पिछली तिमाही में उसकी सब्सक्रिप्शन आय 741 करोड़ रुपए रही थी।

चूंकि डिश टीवी ने अब अपनी एकाउंटिंग नीति बदल दी है और मनोरंजन टैक्स को सब्सक्रिप्शन आय से घटा लिया जा रहा है, इसलिए मार्जिन व आय की तुलना बराबर नहीं की जा सकती। इससे पहले मनोरंजन टैक्स को लागत के रूप में दर्ज किया जाता था।

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एआरपीयू

उसकी एआरपीयू इस बार 174 रुपए रही है। यह पिछली तिमाही में भी इतनी ही थी। साल भर पहले की तिमाही में उसकी एआरपीयू 173 रुपए रही थी। इस तरह उसने सालाना आधार पर 0.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ऐसा अप्रैल में पैकेज़ों के दाम बढ़ाने के बावजूद हुआ है। इससे पता चलता है कि नए सब्सक्राइबर सस्ते पैक ज्यादा ले रहे हैं।

सब्सक्राइबरों में वृद्धि

डिश टीवी ने जून 2016 की तिमाही में शुद्ध रूप से 4.02 लाख सब्सक्राइबर जोड़े हैं। इसके साथ उसका शुद्ध सब्सक्राइबर आधार 1.49 करोड़ पर पहुंच गया है।

इस डीटीएच ऑपरेटर ने साल भर पहले की समान तिमाही में शुद्ध स्तर पर 3.90 लाख सब्सक्राइबर जोड़े थे। वहीं ठीक पिछली तिमाही में उसे शुद्ध रूप से 5.08 लाख सब्सक्राइबर बढ़ाए थे।

कंटेंट लागत

पहली तिमाही में कंपनी की प्रोग्रामिंग व अन्य लागत सालाना आधार पर 9.7 प्रतिशत बढ़ गई है।

चर्न की स्थिति

आलोच्य तिमाही में चर्न की दर 0.7 प्रतिशत प्रति माह रही है। यह ठीक पिछली तिमाही और पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के बराबर है।

खर्चों की स्थिति

डिश टीवी के खर्च जून तिमाही में ठीक पिछली तिमाही के 538.5 करोड़ रुपए से घटकर 513.9 करोड़ रुपए पर आ गए। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में उसका खर्च 500.9 करोड़ रुपए रहा था। इन खर्चों में माल व सेवाओं की लागत, कर्मचारी लागत, अन्य खर्च (प्रशासनिक खर्च), बिक्री व डिस्ट्रीब्यूशन खर्च शामिल हैं।

इस दौरान माल व सेवाओं का खर्च ठीक पिछली तिमाही के 381.6 करोड़ रुपए से घटकर 358.4 करोड़ रुपए पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में माल व सेवाओं का खर्च 365 करोड़ रुपए रहा था। इस बार कर्मचारी लागत 38.1 करोड़ रुपए रही है, जबकि ठीक पिछली तिमाही में यह लागत 29.8 करोड़ रुपए और साल भर पहले की समान तिमाही में 34.7 करोड़ रुपए रही थी।

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Jawahar_Goel-150x150इन नतीजों पर चर्चा करते हुए डिश टीवी के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक जवाहर गोयल ने कहा, “सब्सक्राइबरों में स्वस्थ वृद्धि से सब्सक्रिप्शन आय में सालाना रूप से समान आधार पर 12.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। परिचालन लाभ मार्जिन इस बार 34 प्रतिशत है, जबकि साल भर पहले 32 प्रतिशत था। इस बार शुद्ध लाभ 40.9 करोड़ रुपए रहा है जिससे 62.7 करोड़ रुपए का फ्री कैश फ्लो हासिल हुआ है। तिमाही में चर्न की दर 0.7 प्रतिशत प्रति माह है जो संभालने लायक सीमा में है।”

उन्होंने आगे कहा, “वित्त वर्ष 2016-17 का आगाज़ भारतीय पे डीटीएच उद्योग के लिए आशावादी स्वर के साथ हुआ है। दिल्ली हाई कोर्ट में डिजिटलीकरण के तीसरे चरण पर सुनवाई अगस्त में हो सकती है। लेकिन केबल ऑपरेटरों के पास अपने एनालॉग केबल नेटवर्क को डिजिटाइज करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है क्योंकि केंद्र सरकार 700 मेगाहर्ट्ज़ स्पेक्ट्रम की नीलामी टेलिकॉम ऑपरेटरों को करने की तैयारी में है। सरकार 200 मेगाहर्ट्ज़ की वायुतरंगें मोबाइल टेलिफोनी के लिए भी उपयोग करने पर विचार कर रही है।”

वैसे, पहली तिमाही में भले ही अपेक्षाकृत मौसमी कमज़ोरी रही हो, लेकिन उद्योग ने पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही की तुलना में इस बार सामूहिक रूप से 15 प्रतिशत अधिक सब्सक्राइबर जोड़े हैं।

गोयल का कहना था, “डिश टीवी ने तिमाही के दौरान सब्सक्राइबर बढ़ाने में अपना नेतृत्व बनाए रखा है। डैस के तीसरे व चौथे चरण में हमारे पुख्ता डिस्ट्रीब्यूशन, डिश टीवी इंस्टा केयर की लोकप्रियता, 4 घंटे में सर्विस देने के आश्वासन का अभियान, इन सभी चीजों ने हमें प्रतिस्पर्धा में आगे रहने में मदद की। हमारी क्षेत्रीय व व्यापक बाज़ार को समेटनेवाली पेशकश अपने-अपने इलाकों में भारी तादाद में लोगों को खींच रही है।”

डिश टीवी ने हाल ही में एक पूरी तरह से नया एचडी प्रचार अभियान ‘अब इंडिया बनेगा एचडी’ पेश किया है और साथ ही लंबी अवधि के एचडी पैक की शुरुआत की है जिससे आगे एचडी सेवाएं अपनाए जाने में तेज़ी लाई जा सके।

गोयल ने कहा, “उपभोक्ता के एचडी के प्रति बढ़ रहे जुनून में विकास का एक और दौर शुरू करने की संभावना है। यह मौका डीटीएच उद्योग के लिए, डिजिटलीकरण से हो रहे विकास से इतर है। भविष्य में हम हमारे एचडी एडवांटेज का निर्माण करना जारी रखेंगे और देश भर में इसकी बिक्री पर ध्यान केंद्रित करेंगे।”

डिश टीवी ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के साथ, डीटीएच तकनीशियनों की एक अच्छी तरह से प्रशिक्षित कुशल टीम को बनाने के लिए अपने प्रशिक्षण के प्रयासों को जोड़ दिया है।

अपनी स्थापना के बाद से, डिश टीवी ने डीटीएच उपकरणों के इंस्टॉलेशन, मरम्मत, बिक्री व सेवा में 200,000 से अधिक उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया है। भविष्य में भी कंपनी उद्योग के लिए प्रासंगिक मानव पूंजी के विकास के लिए डीटीएच कौशल प्रशिक्षण देने और अगले कुछ सालों तक कई नए उम्मीदवारों के लिए रोजगार या उद्यमशीलता के अवसर प्रदान करना जारी रखेगी।

संसद के मौजूदा मानसून सत्र के दौरान माल व सेवा टैक्स (जीएसटी) विधेयक पर चर्चा किए जाने और उसे और पारित किए जाने की संभावना है। कर सुधार के प्रभाव के बारे में आशावाद प्रकट करते हुए गोयल ने कहा, “हम जीएसटी के कार्यान्वयन से होने वाले मार्जिन विस्तार और बिज़नेस करने को आसान बनाने के बारे में आशावादी हैं।”

अन्य लटके हुए विनियमनों पर अपने विचार प्रकट करते हुए गोयल ने कहा, ‘डीटीएच लाइसेंस फीस पर उद्योग अनुकूल निर्णय से देश में विभिन्न डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफार्मों के बीच गैर-भेदभाव सुनिश्चित होगा। हम हाल ही में चर्चा किए गए एड्रैसेबल सिस्टम के माध्यम से डिस्ट्रीब्यूटेड इंटरकनेक्शन ब्रॉडकास्टिंग फ्रेमवर्क इस विषय के ट्राई के परामर्श पत्र पर न्याय संगत और तार्किक परिणाम की उम्मीद कर रहे हैं।”

डिश टीवी ने सब्सक्राइबरों के डिजिटल टीवी अनुभव को उन्नत करने और अपने लिए किफायती व द्रुत अमल का मॉडल बनाने के लिए हास ही में अपनी अगली पीढ़ी के सेट-टॉप बॉक्सों के लिए वाईप्ले का फ्रॉग टर्नकी मिडलवेयर चुना है।