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टाटा स्काई ने एचडी चैनल सेवा का क्लोन लाने के लिए हिंदी जीईसी को साथ लिया

+1 की सेवा एचडी चैनल जैसी ही होगी। फर्क बस इतना है कि यह सेवा एक घंटे देरी से चलेगी। टाटा स्काई ने अभी केवल कलर्स, सेट और ज़ी टीवी जैसे हिन्दी जीईसी के लिए ही +1 सेवा बनाई है।

क्या भारतीय डीटीएच उद्योग बढ़ रहा है विलय व अधिग्रहण की दिशा में?

क्या डिश टीवी और वीडियोकॉन डी2एच आगे बढ़ेंगी और दिखा देंगी कि आकार बहुत मायने रखता है? क्या हर पहलू से दोनों के सौदे की अनिवार्यता व लाभप्रदता साबित होता है?

रिलायंस डिजिटल टीवी पहली सितंबर से चार न्यूज़ चैनलों को दिखाना बंद कर देगा

रिलायंस डिजिटल टीवी पहली सितंबर से चार न्यूज़ चैनलों को अपने प्लेटफॉर्म पर दिखाना बंद कर देगा क्योंकि उन्होंने भुगतान नहीं किया है। ये चार न्यूज़ चैनल हैं – नेशनल वॉयस, जनश्री न्यूज़, सीवीआर न्यूज़ और एचएम टीवी।

डीटीएच कंपनियों को जीएसटी आने से शुद्ध लाभ 3% बढ़ जाने की उम्मीद

मनोरंजन टैक्स की मार ने भारतीय डीटीएच कंपनियों के मुनाफे पर तगड़ा असर डाला है। एक बार देश में जीएसटी लागू हो गया तो यह डीटीएच क्षेत्र को कम मनोरंजन टैक्स और शुल्क के रूप में आखिर कितना फायदा कराएगा?

टाटा स्काई ने दसवीं सालगिरह के उपलक्ष में ग्राहकों को मुफ्त चैनलों का तोहफा दिया

टाटा स्काई अपने सब्सक्राइबरों को 8 अगस्त से 21 अगस्त तक अपने सभी 500 से ज्यादा चैनल और सेवाएं बिना कोई अतिरिक्त दाम लिए दे रहा है। साथ ही वो अभी चल रहा 2016 रियो ओलम्पिक भी मुफ्त में देखने की सुविधा देगा।

डिश टीवी ने दर्शकों के लिए कन्नड़ चैनल कलर्स सुपर को कर्नाटक के बुक़े में जोड़ा

डिश टीवी का दावा है कि वो 525 से ज्यादा चैनलों व सेवाओं के बुक़े के साथ क्षेत्रीय भाषा के चैनलों की सबसे व्यापक रेंज और सबसे ज्यादा विस्तृत कंटेंट बास्केट पेश करता है। उसने कन्नड़ दर्शकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कलर्स सुपर को अपने मंच पर जोड़ा है।

टाटा स्काई अपने डीटीएच प्लेटफॉर्म से चार चैनलों को जा रहा है हटाने

टाटा स्काई ब्रॉडकास्टरों द्वारा समझौते के उल्लंघन के कारण अपने प्लेटफॉर्म से चार चैनलों को हटा देगा। ये चैनल सहारा वन, सहारा फिल्मी, इनसिंक और एहसास हैं।

सरकार डीटीएच ऑपरेटरों के लाइसेंस संबंधी मानदंड बदल सकती है संशोधन: रिपोर्ट

प्रसारण मंत्रालय द्वारा डीटीएच ऑपरेटरों के लिए लाइसेंस मानदंडों में बदलाव किए जाने की संभावना है। वो लाइसेंस की वैधता का समय बढ़ाकर 20 साल करने और वार्षिक शुल्क को कम करने का काम भी कर सकता है।

डीटीएच ऑपरेटरों से मिली ₹747.8 करोड़ की लाइसेंस फीस, 3 साल में ₹2400 करोड़

सरकार को वित्त वर्ष 2016-17 के लिए निजी डीटीएच ऑपरेटरों से लाइसेंस शुल्क के रूप में 747.78 करोड़ मिले हैं। यह बीते वित्त वर्ष की तुलना में कम है। उसे पिछले तीन वित्त वर्षों में निजी डीटीएच ऑपरेटरों से कुल 2400.45 करोड़ रुपए का लाइसेंस शुल्क मिला है।

डीपीओ के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर साझा करने पर क्या राय है डीटीएच ऑपरेटरों की

डीटीएच ऑपरेटरों में से अधिकांश ने डीपीओ के बीच बुनियादी सुविधाओं को साझा करने के ट्राई के सुझाव का समर्थन किया है। लेकिन वे इसे स्वैच्छिक आधार पर करना चाहते हैं।