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रिलायंस डिजिटल टीवी लगातार तीसरी तिमाही नहीं जोड़ पाई कोई नया ग्राहक

मुंबई: ऐसे वक्त में, जब देश के तमाम डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) ऑपरेटर आक्रामक तरीके से नए ग्राहकों को जोड़ने में लगे हैं, तब अनिल अंबानी नियंत्रित रिलायंस कम्युनिकेशंस का डीटीएच ब्रांड रिलायंस डिजिटल टीवी इसका अपवाद साबित हो रहा है।

अभी चल रहे रुझान के विपरीत रिलायंस डिजिटल टीवी का सब्सक्राइबर आधार लगातार तीसरी तिमाही में 50 लाख पर अटका पड़ा है। यह भारत के डीटीएच बाजार में 6 प्रतिशत से भी कम हिस्सेदारी है।

Reliance-Digital-TV-308x161रिलायंस डिजिटल टीवी ने 31 दिसंबर 2015 को समाप्त तिमाही में 50 लाख सब्सक्राइबरों की मंज़िल हासिल कर ली थी। लेकिन उसके बाद वो एक भी नया सब्सक्राइबर जोड़ने में नाकामयाब रही है।

दूसरी तरह रिलायंस डिजिटल टीवी के बिजनेस में सक्रिय अन्य कपनियों में एटरटेल डिजिटल, डिश टीवी और वीडियोकॉन डी2एच ने 30 सितंबर 2016 को समाप्त तिमाही में क्रमशः 2.56 लाख, 2.43 लाख और 2.30 लाख सब्सक्राइबर शुद्ध स्तर पर जोड़े हैं।

असल में रिलायंस कम्युनिकेशंस ऋण का बोझ घटाने के लिए रिलायंस डिजिटल टीवी को निकालने की कोशिश में लगी हुई है।

रिलायंस डिजिटल टीवी अपने ग्राहकों को अन्य मूल्य-वर्धित सेवाएं देने के साथ ही 300 से ज्यादा चैनल उपलब्ध कराती है। उसकी डीटीएच सेवा देश के 5650 शहरों में लगभग 37,350 जगहों पर उपलब्ध है।
टेलिकॉम कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस ने डीटीएच उपस्थिति बढ़ाने के लिए अपनी रिटेल व डिस्ट्रीब्यूशन पहुंच का लाभ उठाया है। साथ ही उसने अपने इंफ्रास्ट्रक्चर के वायरलेस नेटवर्क जैसे अन्य तत्वों का भी इस्तेमाल किया है।

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