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वीडियोकॉन डी2एच पहली तिमाही में पहली बार शुद्ध लाभ की स्थिति में आई

मुंबई: वीडियोकॉन समूह की डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) इकाई, वीडियोकॉन डी2एच पहली बार शुद्ध लाभ के स्तर पर मुनाफे में आई है। डिश टीवी के बाद शुद्ध लाभ में आनेवाली यह दूसरी भारतीय डीटीएच कंपनी है।

वीडियोकॉन डी2एच ने चालू वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही में 2.7 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ (टैक्स-बाद लाभ) हासिल किया है, जबकि साल पहले की समान अवधि में उसे 24.4 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ था।

इस बाबत टेलिविज़न पोस्ट पहले ही खबर दे चुका था कि वीडियोकॉन डी2एच में वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही में शुद्ध स्तर पर लाभ में आने की पूरी संभावना है।

नैस्डेक में सूचीबद्ध कंपनी का समायोजित परिचालन लाभ (ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास व अमोर्टिजेशन से पूर्व लाभ) 30 जून 2016 को समाप्त तिमाही में 252 करोड़ रुपए रहा है। यह साल भर पहले की तुलना में 32.4 प्रतिशत ज्यादा है। इस बार उसका समायोजित परिचालन लाभ मार्जिन 30.8 प्रतिशत रहा है जो साल-दर-साल आधार पर 210 बेसिस प्वॉइंट या 2.1 प्रतिशत अधिक है।

इन नतीजों की घोषणा के बाद वीडियोकॉन डी2एच के कार्यपालक चेयरमैन सौरभ धूत ने कहा, “वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही हमारी कंपनी के लिए मील का पत्थर बन गई है। इस तिमाही में टैक्स-बाद लाभ के मामले में धनात्मक हो गए हैं और फ्री कैश फ्लो के मामले में ब्रेकइवेन हासिल कर लिया है।”

पहली तिमाही में कंपनी की परिचालन आय 23.5 प्रतिशत बढ़कर 819 करोड़ रुपए हो गई है, जबकि सब्सक्रिप्शन व एक्टीवेशन आय भी 23.9 प्रतिशत बढ़कर 752 करोड़ रुपए पर पहुंच गई है।

कंटेंट लागत

जून 2016 की तिमाही में कंपनी की कंटेंट लागत उसकी कुल आय की 36.1 प्रतिशत रही है, जबकि साल भर पहले इस मद में आय का 37 प्रतिशत हिस्सा गया था।

एआरपीयू

इस दौरान कंपनी की प्रति यूज़र औसत आय (एआरपीयू) सालाना आधार पर 6.8 प्रतिशत बढ़कर 219 रुपए प्रति माह हो गई है।

सब्सक्राइबरों की संख्या में वृद्धि

वीडियोकॉन डी2एच ने वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही में सकल स्तर पर 6 लाख सब्सक्राइबर जोड़े है, जबकि शुद्ध स्तर पर सब्सक्राइबरों की संख्या 4.3 लाख बढ़ी है।

30 जून 2016 तक उसका शुद्ध सब्सक्राइबर आधार 1.229 करोड़ का हो गया है।

वित्तीय परिणाम की खास बातें:

  • परिचालन आय 23.5 प्रतिशत बढ़कर 819 करोड़ रुपए;
  • सब्सक्रिप्शन व एक्टीवेशन आय 23.9 प्रतिशत बढ़कर 752 करोड़ रुपए;
  • कंपनी का समायोजित परिचालन लाभ 32.4 प्रतिशत बढ़कर 252 करोड़ रुपए;
  • समायोजित परिचालन लाभ मार्जिन 2.1 प्रतिशत उठकर 30.8 प्रतिशत;
  • एआरपीयू बढ़कर 219 रुपए पर पहुंची;
  • सकल स्तर पर 6 लाख और शुद्ध स्तर पर 4.3 सब्सक्राइबर जोड़े;
  • शुद्ध सब्सक्राइबर आधार 1.229 करोड़ पर पहुंचा;
  • चर्न की दर 0.49 प्रतिशत; और
  • फ्री कैश फ्लो 13.8 करोड़ रुपए का

चर्न की स्थिति

कंपनी के सब्सक्राइबरों के इधर-उधर जाने या चर्न की दर जून 2016 की तिमाही में 0.49 प्रतिशत रही है। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 0.46 प्रतिशत रही थी।

सब्सक्राइबर जुटाने की लागत

हार्डवेयर सब्सिडी के रूप में कंपनी की सब्सक्राइबर जुटाने की लागक आलोच्य अवधि में 1872 रुपए प्रति सब्सक्राइबर दर्ज की गई है।

वित्तीय प्रदर्शन के मुख्य पहलू:

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कंपनी पर चढ़ा ऋण

30 जून 2016 तक की स्थिति के अनुसार वीडियोकॉन डी2एच ने 2187 करोड़ रुपए का सावधि ऋण ले रखा है, जबकि उसके पास कुल 612 करोड़ रुपए की कैश व छोटी अवधि की बचत है।

कंपनी चालू वित्त वर्ष में अब तक 387 करोड़ रुपए का सावधि ऋण लौटा चुकी है। इसके साथ उसका सावधि ऋण आईपीओ आने के बाद से 1300 करोड़ रुपए घट चुका है।

सौरभ धूत का कहना है, “सावधि ऋणों को चुकाने पर फोकस के साथ कंपनी ने हाल ही में और भी ऋण लौटा दिए हैं। इससे हमारी बैलेंस शीट और मजबूत हो गई है। हमने आईपीओ के बाद से लगभग 20 करोड़ डॉलर के सावधि ऋण चुका दिए हैं। इसमें से भी 5.5 करोड़ डॉलर की अदायगी चालू वित्त वर्ष में की गई है।”

इस मौके पर वीडियोकॉन डी2ओच के सीईओ अनिल खेड़ा ने कहा, “हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही में हमारा समायोजित परिचालन लाभ 32.4 प्रतिशत बढ़ा है। इसकी अहम वजब सब्सक्राइबरों में मजबूत वृद्धि, ज्यादा आय प्राप्ति व बेहतर परिचालन मार्जिन है। तिमाही के दौरान हमने अपना रिटेल नेटवर्क डैस के तीसरे व चौथे चरण के इलाकों में बढ़ाया है। हमें वोडाफोन के साथ रणनीतिक गठजोड़ की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है जिससे वोडाफोन की आउटलेट और एम-पैसा डिजिटल वालेट से ग्राहकों को रिचार्ज की सहूलियत हो जाएगी।”

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