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वीडियोकॉन डी2एच ने तीसरी तिमाही में शुद्ध घाटा कम किया, जोड़े 4.30 लाख ग्राहक

मुंबई: वीडियोकॉन डी2एच चालू वित्त वर्ष 2015-16 की तीसरी तिमाही में अपना शुद्ध घाटा कम करके 22 करोड़ रुपए पर ले आई है। यह साल पहले की समान अवधि से 72.4 प्रतिशत का सुधार है।

दिसंबर 2015 की तिमाही में कंपनी का समायोजित परिचालन लाभ (ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास व अमोर्टिजेशन से पूर्व लाभ) 141 करोड़ रुपए से 42.2 प्रतिशत बढ़कर 201 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इस दौरान उसका समायोजित परिचालन लाभ मार्जिन भी 3.90 प्रतिशत उठकर 27.4 प्रतिशत हो गया है।

तिमाही के दौरान कंपनी की परिचालन आय 21.6 प्रतिशत बढ़त के साथ 731 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। हार्डवेयर पर दी गई सब्सिडी को आधार बनाएं तो ग्राहक जोड़ने की लागत 1726 रुपए प्रति सब्सक्राइबर दर्ज की गई है।

31 दिसंबर 2015 को समाप्त तिमाही में कंपनी की सब्सक्रिप्शन व एक्टीवेशन आय में साल भर पहले की तुलना में 26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और यह 528 करोड़ रुपए से बढ़कर 665 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। इसी मुख्य वजह शुद्ध स्तर पर ज्यादा सब्सक्राइबर जोड़ना और एआरपीयू (प्रति यूज़र औसत आय) का बढ़ जाना है।

दिसंबर तिमाही में कंपनी की एआरपीयू 8.2 प्रतिशत बढ़कर 211 रुपए प्रति माह पर पहुंच गई।

तीसरी तिमाही की खास-खास बातें

  • सब्सक्रिप्शन व एक्टीवेशन आय सालाना आधार पर 26% बढ़कर 665 करोड़ रुपए हुई;
  • परिचालन आय 21.6% बढ़त के साथ 731 करोड़ रुपए पर पहुंची;
  • समायोजित परिचालन लाभ 42.2% बढ़कर 201 करोड़ रुपए पर;
  • समायोजित परिचालन लाभ मार्जिन 3.90% उठकर 27.4% हो गई;
  • एआरपीयू 8.2% बढ़कर 211 रुपए प्रति माह पर पहुंची;
  • सकल स्तर पर 6.7 लाख और शुद्ध स्तर पर 4.3 लाख सब्सक्राइबर जोड़े;
  • सकल सब्सक्राइबर आधार 1.495 करोड़ और शुद्ध सब्सक्राइबर आधार 1.127 करोड़ का;
  • चर्न दर (सब्सक्राइबरों के इधर-इधर जाने की दर) तीसरी तिमाही में 0.73% रही

 

वीडियोकॉन डी2एच ने उक्त तिमाही के दौरान सकल स्तर पर 6.7 लाख और शुद्ध स्तर पर 4.3 लाख सब्सक्राइबर जोड़े हैं। 31 दिसंबर 2015 तक उसका सकल सब्सक्राइबर आधार 1.495 करोड़ और शुद्ध सब्सक्राइबर आधार 1.127 करोड़ का रहा है।

कंपनी की मासिक चर्न दर (सब्सक्राइबरों के इधर-इधर जाने की दर) तीसरी तिमाही में 0.73 प्रतिशत रही है, जबकि 31 दिसंबर 2015 तक के नौ महीनों की बात करें तो इसका औसत 0.80 प्रतिशत का है। यह कंपनी द्वारा पहले घोषित अनुमान से थोड़ा आगे है।

इन नतीजों पर टिप्पणी करते हुए वीडियोकॉन डी2एच के कार्यपालक चेयरमैन सौरभ धूत ने कहा, “मुझे इस बात की खुशी है कि कंपनी के परिचालन लाभ में साल भर पहले की तुलना में 42 प्रतिशत वृद्धि हुई है। यह हमारे अपेक्षाओं के अनुरूप सब्सक्राइबरों और एआरपीयू में हुई अच्छी वृद्धि का परिणाम है। इस दौरान हमारा मार्जिन भी बेहतर हुआ है। हमारा मानना है कि हम दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती मीडिया कंपनियों में शुमार हैं और तिमाही दर तिमाही शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।”

Saurabh-Dhoot2-271x300उन्होंने आगे कहा, “तिमाही के दौरान हमने अपनी कंटेंट पेशकश को बेहतर किया है और अपने प्लेटफॉर्म पर नए चैनल जोड़े हैं। हमने हाल ही में निर्धारित कार्यक्रम से पहले ही दो ट्रांसपोंडर जोड़ लिए हैं। इससे हमारी कंटेंट पेशकश और मजबूत हो जाएगी जो हमारी प्रतिस्पर्धा की एक प्रमुख चुनौती है। यह अतिरिक्त बैंडविड्थ मिल जाने से हम आनेवाले समय में अपने प्लेटफॉर्म पर और अधिक क्षेत्रीय और एचडी चैनल जोड़ते रहेंगे।”

31 दिसंबर 2015 तक की स्थिति के अनुसार कंपनी पर चढ़ा सकल ऋण 2390 करोड़ रुपए का है, जबकि उसके पास कुल कैश व अल्पकालिक निवेश 826 करोड़ रुपए का है।

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Anil-Kheraतीसरे चरण के डिजिटलीकरण पर बोलते हुए वीडियोकॉन डी2एच के सीईओ अनिल खेड़ा ने कहा, “जनवरी 2016 के पहले कुछ दिनों में हमने डिजिटलीकरण के तीसरे चरण के तहत आए शहरों में सब्सक्राइबरों के जुड़ने में बड़ी तेज़ी देखी है। हाल ही में कुछ राज्यों के हाई कोर्ट ने डिजिटलीकरण के तीसरे चरण के अमल पर 1-3 महीनों का स्टे ऑर्डर दे दिया है। बिखरी हुई प्रक्रिया को देखते हुए हमें इसका अहसास पहले से था।”

उनका यह भी कहना था, “हमारा अनुमान है कि तीसरे चरण के डिजिटलीकरण में लगभग 5 करोड़ टेलिविज़न घर आएंगे जिसमें से 2.4 से 2.5 करोड़ड टेलिविज़न घर अब तक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आ गए हैं। इस तरह तीसरे चरण के डिजिटलीकरण का लक्षित बाज़ार अब बचे हुए 2.5 से 2.6 करोड़ टेलिविज़न घरों का है जहां इस समय एनलॉग केबल चल रहा है।”