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डिजिटाइज़ इंडिया: बेस पैक में सभी चैनल रखने का दबाव एआरपीयू बढ़ाने में बाधक

एमएसओ और एलसीओ के बीच आय में हिस्सेदारी पर मतभेद ज़मीनी स्तर पर पैकेजिंग न होने पाने की प्रमुख वजह है। लेकिन राष्ट्रीय एमएसओ के नुमाइंदों का कहना है कि ब्रॉडकास्टरों द्वारा अपने चैनलों को बेस पैक में शामिल करने का आग्रह भी पैकेजिंग और टियरिंग को लागू करने की बड़ी बाधा है।

ट्राई नियमन को उदार बनाने को तैयार, लेकिन उद्योग परिपक्वता तो दिखाए: एस के सिंघल

ट्राई ब्रॉडकास्टिंग क्षेत्र के नियामक ढांचे को उदार बनाने के लिए तैयार है बशर्ते इस क्षेत्र के हितधारक मिल-जुलकर साथ करने को तैयार हों। यह कहना है कि ट्राई के सलाहकार एस के सिंघल का। उन्होंने कहा कि चैनलों के केवल थोक मूल्य पर नियंत्रण है, जबकि रिटेल मूल्य को खुला छोड़ दिया गया है।

बीएआरसी कर्मचारी को पैनल घर बताने के लिए साधा गया: सीईओ पार्थो दासगुप्ता

एक चौंकाने वाले खुलासे में बीएआरसी के सीईओ पार्थो दासगुप्ता ने कहा है कि बीएआरसी के मीटर जब लगाए जा रहे थे, तब परिषद के एक कर्मचारी को पैनल में शामिल घरों के पते बताने के लिए लालच दिया गया था। उन्होंने कहा, “पिछले सात महीनों में कुछ शहरों में कुछ ऐसी घटनाएं हुई हैं।” उन्होंने डिजिटाइज़ इंडिया सम्मेलन में सवालों का जवाब देते हुए यह जानकारी दी।

डिजिटाइज़ इंडिया: हितधारकों ने डैस के तीन सालों के असर का हर पहलू से किया विश्लेषण

डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम के तीन सालों का क्या प्रभाव रहा है? क्या एमएसओ की बैलेंस शीट दबाव में है? क्या एफडीआई को आसान बनाने से धन जुटाना आसान हो जाएगा? एआरपीयू, पैकेजिंग व उपभोक्ता बिलिंग की स्थिति क्या है? क्या ब्रॉडकास्टर और चैनल लॉन्च करेंगे? इन तमाम मसलों पर उद्योग के नेताओं ने टेलिविज़न पोस्ट के सेमिनार में चर्चा की।

ट्राई को ऐसे कायदे बनाने चाहिए जो सभी हितधारकों के लिए उचित और संतुलित हों: जवाहर गोयल

ट्राई को कायदे ऐसे बनाने चाहिए जो डिस्ट्रीब्यूशन तंत्र के सभी हितधारकों के लिए उचित और संतुलित हों। डिश टीवी के प्रबंध निदेशक जवाहर गोयल ने यह बात कही है। उन्होंने ‘मस्ट प्रोवाइड’ क्लॉज़ की वकालत की और कहा कि टैरिफ विनियमन के साथ छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए।