लाइव पोस्ट

फिक्की फ्रेम्स


भारत में डिजिटल वीडियो खपत विस्तार को तैयार, पहुंची विस्फोट के मुहाने पर

डिजिटल वीडियो खपत का भारत में तेज़ी से विकास होगा। मोनेटाइजेशन, बैंडविड्थ और कंटेंट को सफल पारिस्थितिकी तंत्र के अंदर आना होगा।

डिजिटल दौर में सामने आते जा रहे हैं नए ज़माने के नए-नए कंटेंट सेलिब्रिटी

विज्ञापनदाता अब डिजिटल माध्यम और उसके द्वारा पकड़ने जा रहे दर्शकों को अनदेखा नहीं कर सकते। लेकिन डिजिटल विज्ञापन बड़े सूक्ष्म तरीके से किए जाने चाहिए नहीं तो बेकार जाते हैं। फिर भी मोनेटाइजेशन अभी बड़ी मुश्किल बनी हुई है।

न्यूज़ चैनलों के स्वामित्व, केबल डिजिटलीकरण, एफएम रेडियो पर राय प्रसारण सचिव की

सरकार संदिग्ध हितों वाले न्यूज़ चैनलों पर शिकंजा कसने की बेहतर स्थिति में नहीं है क्योंकि ऐसा करने पर उसके ऊपर उद्योग के मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगेगा। इसके बजाय उद्योग के अपने निकाय को इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया चाहिए। यह कहना है सूचना एवं प्रसारण सचिव सुनील अरोड़ा का।

आईपीएल की देखादेखी उभरी तमाम स्पोर्ट्स लीग की सफलता की डगर आसान नहीं

आईपीएल के बाद, कबड्डी से लेकर फुटबॉल और बैडमिंटन जैसी कई स्पोर्ट्स लीग कुकुरमुत्तों की तरह उग आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि भारत को विविध खेलों का व्यवहार्य राष्ट्र कैसे बनाया जाए? फिक्की फ्रेम्स के आखिरी दिन इस पर गहन-गंभीर चर्चा हुई।

डिजिटल प्लेटफॉर्मों से दाम निकालना है बड़ा कठिन

डिजिटल माध्यम लोगों को यह फैसला करने की ताकत देता है कि उन्हें कब और क्या देखना या पढ़ना है। वैसे तो यह माध्यम विशाल आकार ले चुका है। लेकिन अभी तक अधिकांश विज्ञापनदाता इस पर उतना खर्च नहीं कर रहे हैं, जितना उन्हें करना चाहिए।

भारत में बच्चों के कंटेंट पर अंकुश के लिए कानून चाहिए

भारत की एक तिहाई आबादी बच्चों की है। इसके मद्देनज़र देश में ऐसा कानून बनाने की जरूरत है जो इस लक्षित आय समूह के दर्शकों को दिखाई जानेवाली प्रोग्रामिंग की निगरानी और नियमन कर सके। कानून को विदेशी और भारतीय कंटेंट में सही संतुलन बनाने पर गौर करना चाहिए।

बीएआरसी ने खुद नई रेटिंग प्रणाली की परख की, नतीजे कुछ हफ्ते में

क्या बीएआरसी डेटा अस्थिर है? क्यों सतर्कता दस्ते स्थापित किए जा रहे हैं? क्या बीएआरसी को पे-चैनल और एफटीए चैनलों की रिपोर्ट अलग-अलग देनी चाहिए? आला चैनलों के डेटा को क्या चार सप्ताह के औसत पर सूचित किया जाना चाहिए?

टीवी वितरण क्षेत्र कैसे बना सकता है कारगर डिजिटल अर्थव्यवस्था

टीवी डिस्ट्रीब्यूशन में प्रभावी डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने के लिए ज़रूरी है कि इंफ्रास्ट्रक्चर साझा करने का विनियमन लाया जाए, एक राष्ट्रीय कंडीशनल एक्सेस सिस्टम हो और इस समूचे काम में मदद करनेवाली टैक्स व्यवस्था पेश की जाए। साथ ही डैस के तीसरे व चरण को अलग तरीके से देखा जाए।

डिजिटल न्यूज़ के ठिकाने बढ़ते जा रहे हैं भरपूर तेज़ी से

डिजिटल ने संपादकीय धरातल को मौलिक स्तर पर बदल दिया है। संपादकों को भान हो गया है कि भविष्य डिजिटल हो जाने में ही है। लेकिन क्या शुद्ध रूप से डिजिटल न्यूज़ ठिकानों को कोई बिजनेस मॉडल है और क्या उनका स्तर बढ़ाया जा सकता है?

मीडिया-मनोरंजन कंपनियों को डिजिटल सफलता के लिए मूल कंटेंट पर ध्यान देना होगा

अग्रणी मीडिया कंपनियों के प्रमुखों ने कहा कि मीडिया कंपनियों को डिजिटल दुनिया में सफल होने के लिए विशेष और प्रीमियम कंटेंट पर ध्यान केंद्रित करने की ज़रूरत है। यह बात फिक्की फ्रेम्स में एक चर्चा सत्र के दौरान सामने आई।