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भारत में डिजिटल वीडियो खपत विस्तार को तैयार, पहुंची विस्फोट के मुहाने पर

मुंबई: विज्ञापन समर्थित वीडियो-ऑन-डिमांड (वीओडी) मॉडल, सब्सक्रिप्शन मॉडल के मुकाबले तेज़ी से विकास की ओर बढ़ रहा है। ऐसा उपभोक्ता कंटेंट की अव्यक्त मांग बढ़ने से हो रहा है। 4जी सेवाओं के आने के साथ, मोबाइल पर कंटेंट की खपत में विस्फोट होना निर्धारित है।

फिक्की फ्रेम्स 2016 में ‘एंड द वॉल्स केम टम्बलिंग डाउन: डिजिटल डिसरप्शंस’ इस शीर्षक के तहत एक पैनल चर्चा में यही बातें कही गईं।

सब्सक्रिप्शन आधारित वीडियो सेवाओं के लिए चुनौतियां बहुत ज़्यादा हैं। बैंडविड्थ की लागत अधिक है, जो एक औसत यूज़र के लिए यह मुश्किल कर देता है कि कंटेंट के लिए ऊपर से भुगतान करें। डिजिटल सब्सक्रिप्शन के लिए पेमेंट गेटवे ट्रान्सेक्शन के लिए पर्याप्त विकसित नहीं हुआ है।

विभिन्न बिज़नेस मॉडल

uday-sodhi-1सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के ईवीपी व डिजिटल बिज़नेस के प्रमुख उदय सोढ़ी ने कहा कि पारिस्थितिकी तंत्र में हर प्लेयर, खुद को एक मॉडल तक सीमित करने के बजाय, अलग-अलग बिज़नेस मॉडल की ओर देखेगा।

सोढ़ी ने कहा, “प्रत्येक प्लेयर अपनी ताकत के हिसाब से आएगा और फ्री, फ्रीमियम, पेड, ट्रान्ज़ेक्शनल, पे पर व्यू कंटेंट देगा।”

Gaurav-Gandhiउन्होंने कहा विज्ञापन समर्थित सेवा सोनी लिव ने हाल ही में शाहरुख खान और काजोल अभिनीत ‘दिलवाले’ का प्रीमियर किया था जो डिजिटल पर, पे पर व्यू के आधार किया गया था।

सोढ़ी के साथ सहमति जताते हुए वायकॉम18 डिजिटल वेंचर्स के सीओओ गौरव गांधी ने कहा कि वीडियो सेवाएं सभी मॉडलों में दी जाएंगी। उन्होंने कहा, “कंटेंट के लिए यूज़र से भुगतान प्राप्त करना एक चुनौती है। डेटा की कीमतें 4जी रोलआउट के साथ नीचे आने की उम्मीद हैं और यह पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक बड़ा परिवर्तन हो जाएगा।”

सब्सक्रिप्शन का खेल

Krishnan-Rajagopalanहूक के सह-संस्थापक और कंटेंट हेड कृष्णन राजगोपालन ने कहा कि ब्रॉडकास्टरों को एवीओडी से खेलने का सहज अधिकार है क्योंकि वे अपने कंटेंट के आईपी अधिकार रखते हैं और ताज़ा कंटेंट प्राप्त करने के लिए उन्हें ज्यादा खर्च करने की ज़रुरत नहीं।

हालांकि, हूक जैसी सेवाएं जो प्रमुख स्टूडियो से हॉलीवुड और बॉलीवुड प्रीमियम कंटेंट की पेशकश करती है उन्हें सब्सक्रिप्शन का खेल खेलना ही पड़ेगा क्योंकि एवीओडी से निर्वाह नहीं किया जा सकता। हूक प्रीमियम दर्शकों को लक्षित करता है और यह दूरसंचार कंपनियों के साथ गठजोड़ कर पहुंच का विस्तार कर रहा है क्योंकि उनका बहुत अच्छी तरह से स्थापित पेमेंट नेटवर्क है।

Ajay-Chacko-150x150अरे मीडिया के सीओओ अजय चाको ने कहा कि डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र शुरुआत में विज्ञापन द्वारा संचालित किया जाएगा। हालांकि, सब्सक्रिप्शन मॉडल, नेटफ्लिक्स और हूक जैसे प्लेयर द्वारा संचालित किया जाएगा और उनकी स्वीकार्यता होगी।

उन्होंने कहा कि डिजिटल, कंटेंट के निर्माण में खरमंडल पैदा करेगा क्योंकि कंटेंट की खपत घरेलू व्यवहार से अलग है। डिजिटल पर मूल कंटेंट टीवी के मूल कंटेंट से बेहद अलग होगा।

उन्होंने सराहना की कि डिजिटल वीडियो सेवाओं ने 10 करोड़ यूज़र को बिना किसी हंगामे के आकर्षित किया है जबकि मुकाबले में ई-कॉमर्स कंपनियों ने ग्राहक को आकर्षित करने पर 6.5 से 7 अरब डॉलर का खर्च किया था। उन्होंने कहा, “यह पूरी तरह से सहज विकास है और एक शानदार शुरुआत है।”

डिजिटल वीडियो हर साल 4 से 5 करोड़ यूज़र को जोड़ेगा

सोढ़ी ने कहा कि डिजिटल वीडियो के 1 करोड़ के हाल के यूज़र के अलावा और 4 से 5 करोड़ यूजर हर साल बढ़ेंगे। विकास ज़बरदस्त हो सकता है अगर बैंडविड्थ और डिवाइस सस्ते और बेहतर हो जाएं।

उन्होंने कहा, “डिजिटल वीडियो का विकास लिनियर प्रगति के विपरीत होगा। टीवी की तुलना में, खपत और खर्च किया जा रहा समय ज़्यादा होगा।”

उन्होंने कहा कि मुद्रीकरण, बैंडविड्थ और कंटेंट के लिए सफल पारिस्थितिकी तंत्र बनना ज़रूरी है।

उन्होंने कहा कि इस नए-नए उद्योग में कंटेंट निर्माताओं और कंटेंट प्रदाताओं के बीच सहयोग देखने को मिलेगा।
क्या फ्री विज्ञापनसमर्थित मॉडल वीओडी बिज़नेस के लिए हानिकारक है?

राजगोपालन ने कहा कि एवीओडी तेज़ी से बढ़ेगा जबकि एसवीओडी धीरे-धीरे विकसित होगा। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि फ्री विज्ञापन समर्थित मॉडल लंबे समय में वीओडी बिज़नेस के लिए हानिकारक होगा। उन्होंने दलील दी, “यदि उपभोक्ता डिजिटल को मुफ्त के रूप में देखने लगें, तो प्रीमियम सेगमेंट मर जाएगा। कंटेंट का निर्माण, विशेष रूप से प्रीमियम कंटेंट का अर्थशास्त्र, इस बात का समर्थन नहीं करता कि प्रीमियम कंटेंट विज्ञापन समर्थित आधार पर मुफ्त में उपलब्ध हो।”

हालांकि, चाको ने कहा कि विशेष रूप से उपलब्ध कंटेंट जैसे सम्मोहक खेल कंटेंट सब्सक्रिप्शन आय लेकर आएगा।

एलिमेंटल टेक्नोलॉजिज़ वर्ल्डवाइड के बिक्री के एसवीपी डेनियल मार्शल ने कहा कि यह हमेशा कंटेंट के बारे में नहीं है। टेक्नेलॉजी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

गांधी ने कहा कि डिजिटल बिज़नेस उच्च लागत की वजह से आसान जगह नहीं है। उन्होंने संदेह जताते हुए कहा कि कितने प्लेयर इस बिज़नेस में रह पाएंगे क्योंकि निर्वाह मुश्किल होगा।

मनी कोड को तोड़ना

फिक्की फ्रेम्स के एक समानांतर सत्र में ‘क्रेकिंग द मनी कोड: चैलेन्जेस एंड सोल्यूशंस फॉर डिजिटल सब्सक्रिप्शन मॉडल’ के विषय पर भी चर्चा की गई। पैनल के सदस्यों ने डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में उपभोक्ताओं में भुगतान करने की आदत पैदा करने के लिए हितधारकों को आह्वान किया। उन्होंने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि एकबारगी डेटा लागत में कमी आने पर यह संभव हो जाएगा।

Nickhil-Jakatdarव्यूक्लिप के सीईओ निखल झकटदार ने कहा कि ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कंटेंट पेश किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “हालांकि, मुफ्त कंटेंट उपभोक्ताओं को हासिल करने और उन्हें कंटेंट और इंटरफेस की आदत डलवाने के लिए प्रयोग किया जाता है, जिससे निकट भविष्य में लेनदेन में आसानी हो जाएगी।”

झटकदार ने कहा कि वीओडी प्लेटफार्म ट्रान्सेक्शन के लिए माइक्रो पेमेंट का उपयोग कर सकते हैं।
इरोज़ नाउ इसी रणनीति पर चल रहा है, सिवाय इसके कि यह मुफ्त में केवल पुराना कंटेंट पेश करता है जबकि ताज़े कंटेंट के लिए ग्राहकों को भुगतान करना होता है। इरोज़ नाउ के सीओओ करण बेदी ने कहा कि प्रवेश स्तर पर उचित मूल्य निर्धारण की ज़रुरत है।

ऑल्ट एंटरटेनमेंट के मुख्य रणनीति अधिकारी एकलव्य भट्टाचार्य ने कहा कि अनन्य कंटेंट सब्सक्रिप्शन को आकर्षित करेगा। उन्होंने कहा, “किसी को मेरे प्लेटफॉर्म वाला कंटेंट कहीं और जगह पर मुफ्त में मिल जाए तो वह मुझे क्यों भुगतान करेगा? विशेष और प्रीमियम कंटेंट के साथ उपभोक्ता के भुगतान की आदत को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।”

पैनल के सदस्यों ने सहमति जताई कि पायरेसी, भुगतान करने वाले ग्राहकों को पाने में एक बड़ी चुनौती है। वीडियो, आवाज़ और सबटाइटल की गुणवत्ता के माध्यम से इसका मुकाबला किया जाना चाहिए।