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आमने-सामने

हमारे आनेवाले चैनलों में से एक चैनल मुख्यधारा का हिंदी जीईसी होगा

श्री अधिकारी ब्रदर्स के ग्रुप सीईओ मानव धंदा ने बात की है कि ब्रॉडकास्ट नेटवर्क को कैसे अगले दो-ढाई साल में 11 चैनलों तक पहुंचा देना है। इसमें एक हिंदी जीईसी भी शामिल है।

‘विकास के बेहद आक्रामक दौर में अब हम उतरने जा रहे हैं’

एमएसएम ने भारत में अपने कामकाज़ के 20 साल पूरे कर लिए। महज एक चैनल से शुरुआत करनेवाली कंपनी अब 11 टेलिविजन चैनलों, एक डिजिटल उद्यम और एक मोशन पिक्चर्स बिजनेस का नेटवर्क बन चुकी है। प्रमुखतम चैनल फिलहाल सुधार के दौर से गुजर रहा है, लेकिन कंपनी विकास की आक्रामक योजना पर अमल कर रही है। यह कहना है एमएसएम के सीईओ एन पी सिंह का।

‘यह बिजनेस स्वीमिंग की तरह है, जहां कूदकर देखना पड़ता है कि आप तैर सकते हैं या नहीं’

राज नायक का कहना है कि कलर्स फिक्शन और गैर-फिक्शन दोनों में अच्छा कर रहा है और हम इसे यहां से उठाकर मजबूत करना चाहते हैं। उन्होंने ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’ और ‘24’ के दूसरे सीजन के बारे में भी बात की। उन्होंने ज़ोर दिया कि ‘बालिका वधू’ में अभी कम से कम एक या दो साल का दमखम है।

‘विज्ञापन के दाम में अगली वृद्धि तब होगी जब उद्योग बीएआरसी के डेटा पर सौदे करने लगेगा’

आशीष सहगल का कहना है कि बीएआरसी डेटा के जमने के बाद उद्योग अपने मूल्य निर्धारण मॉडल को फिर से समायोजित करेगा। वहां तक पहुंचने से पहले अभी तो विज्ञापन जीआरपी मॉडल पर नहीं, बल्कि मूल्य निर्धारण शक्ति के दम पर बेचा जा रहा है। उन्होंने ज़ेडईईएल की विज्ञापन वृद्धि की संभावना, क्षेत्रीय बाजारों के व्यवहार और उदयोग के अंततः सीपीटी मॉडल अपनाने पर भी बात की।

‘कबड्डी में वो सब कुछ है जो हम किसी खेल में करना चाहते हैं’

प्रो कबड्डी लीग की ज़बरदस्त वृद्धि, ब्रेक-इवेन हासिल करना और उनकी निवेश इकाई यूनीलाइज़र द्वारा खेल में निवेश के बारे में रोनी स्क्रूवाला से एक बातचीत। उन्होंने अश्विन पिंटो के साथ बहुत कुछ साझा किया।

‘केबल टीवी बिजनेस में एट्रिया तभी बढ़ेगी जब अधिग्रहण के मौके होंगे’

एट्रिया भारत की पहली ब्रॉडबैंड व केबल टीवी कंपनी है जिसमें दो प्राइवेट इक्विटी फर्मों का बहुमत स्वामित्व होगा। इंडिया वैल्यू फंड के पार्टनर ने प्रमोद काबरा ने टीए एसोसिएट्स के निवेश, एसीटी में विकास के अवसरों, रेडियो सिटी से बाहर निकलने की वजहों और टीवी ब्रॉडकास्टिंग व ओटीटी कंपनियों में मालिकाना खरीद रहे प्राइवेट इक्विटी फंडों के नज़रिए पर खुलकर बात की।

‘हम अन्य डीटीएच ऑपरेटरों और एमएसओ से अपने संयु्क्त उद्यम में आने की बातचीत चला रहे हैं’

डिश टीवी के सीईओ आर सी वेंटकेश ने ब्रॉडकास्टरों के साथ कंटेंट सौदे करने के लिए सिटी केबल के साथ बने संयुक्त उद्यम को लेकर बातचीत की है। यह संयुक्त उद्यम अन्य डीटीएच और केबल टीवी कंपनियों को भी अपने साथ जोड़ने को तत्पर है। वे बता रहे हैं कि अगर डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म आपस में एकजुट हो जाएं तो कंटेंट व कैरेज़ सौदों को वे कैसे अपनी तरफ झुका सकते हैं।

‘आगे का विस्तार हम संयुक्त उद्यमों के ज़रिए नहीं करेंगे’

इंटरव्यू के इस दूसरे हिस्से में जगदीश कुमार ने हैथवे के संयुक्त उद्यम पार्टनरों, जीटीपीएल, समेकन की ज़रूरत, तीसरे चरण, कंटेंट सौदों, कैरेज़ आय, एचडी बुक़े को बढ़ाने और कंपनी की पूंजी निवेश योजनाओं पर खास बात की है।

‘स्टार की रियो की अवधारणा अच्छी, पर समस्या डिस्काउंट स्कीमों में’

हैथवे के प्रबंध निदेशक व सीईओ जगदीश कुमार ने इस इंटरव्यू में स्टार की रियो रणनीति के असर, उसकी अव्यावहारिक प्रोत्साहन स्कीमों, पैकेजिंग लाने की अपरिहार्यता और प्रति यूज़र औसत आय को बढ़ाने पर खास बात की है। साथ ही नई चुनौतियों से निपटने के लिए कंपनी की रणनीति की भी चर्चा की।

‘हम केबल टीवी को एआरपीयू से बढ़नेवाला बिजनेस नहीं मानते’

ऑरटेल की आय में वृद्धि सब्सक्राइबर को जोड़ने पर टिकी है न कि एआरपीयू बढ़ाने पर। कंपनी के सीईओ बिभु प्रसाद रथ कहते हैं, “हम केबल टीवी को एआरपीयू के दम पर बढ़नेवाला बिजनेस नहीं मानते।” उन्होंने कैरेज़ फीस, कंटेंट लागत, सब्सक्राइबर बढ़ाने के साथ ही कॉमकास्ट का उदाहरण दिया जिसके इंटरनेट ग्राहकों की संख्या केबल टीवी सब्सक्राइबरों से ज्यादा हो गई है।