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“यह गतिशील बिजनेस है जहां आप चौबीसों घंटे ट्रेडमिल पर रहते हैं”

कलर्स बेहद लाभप्रद चैनल है। यह कहना है उसके सीईओ राज नायक का। वे कलर्स के डीएनए, उसकी प्रोग्रामिंग और इसके बारे में भी बताता हैं कि कैसे हिंदुस्तान यूनिलीवर की गैर-मौजूदगी ने भी चैनल के बिजनेस पर असर नहीं डाला।

‘मीडिया व मनोरंजन क्षेत्र में निकट भविष्य में होंगे विलय व अधिग्रहण’

डिजिटलीकरण और 12 मिनट की विज्ञापन सीमा से मीडिया व मनोरंजन क्षेत्र में सुदृढ़ीकरण होगा। यह कहना है कि एमएसएम के सीईओ एन पी सिंह का। टेलिविज़न पोस्ट को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने नए चैनलों, सेट की उद्धार योजनाओं, स्पोर्ट्स राइट्स और कंपनी की विकास रणनीति पर बात की। मा टीवी में मालिकाने का अंश खरीदने पर उनका कहना था कि बातचीत फिर से शुरू की गई है।

‘हम भारतीय बाज़ार के अनुरूप किफायती एसटीबी सोल्यूशंस उपलब्ध करा रहे हैं’

ब्रॉडकॉम का फोकस केबल डिजिटलीकरण के साथ बढ़ते बाज़ार, टेरेस्ट्रियल व आईपीटीवी अवसरों पर है। वो देश में चल रहे केबल डिजिटलीकरण के प्रयासों को पूरा करने में मदद के लिए भारतीय बाज़ार के अनुरूप अभिनव, पर किफायती एसटीबी सोल्यूशंस उपलब्ध करा रही है। यह कहना है ब्रॉडकॉम इंडिया के प्रबंध निदेशक व बिजनेस डेवलपमेंट के प्रमुख राजीव कपूर का।

जबरन वसूली करनेवालों जैसा अंदाज़ है पे ब्रॉडकास्टरों का

जवाहर गोयल बताते हैं कि पे ब्रॉडकास्टरों का अंदाज़ उगाही करनेवालों जैसा है। उन्हें सब्सक्रिप्शन आय बढ़ाने के लिए 14 डीटीएच ऑपरेटरों व एमएसओ से परे जाकर देखना होगा। उनका कहना है कि एलसीओ कम दाम पर एमएसओ से एसटीबी लेते हैं और 1000-1200 रुपए में उन्हें ग्राहक को बेचते हैं। इस तरह उन्होंने लगभग आधा अरब डॉलर बना लिए हैं।

‘हमारी साफ प्राथमिकता लाभप्रदता को फिर से हासिल करना है’

एनडीटीवी के लिए असली मुद्दा समेकित स्तर पर घाटा उठाने का रहा है। इसकी वजह उसके चंद चैनल हैं। हमने सब देखने-परखने के बाद बीते वित्त वर्ष में कुछ बड़ी पहल की है। हम अपनी बैलेंस शीट को साफ-सुधरा बनाने में जुटे हैं। यह कहना एनडीटीवी के ग्रुप सीईओ विक्रम चंद्रा का।

‘छोटे जॉनर में ऊपर के तीन-चार चैनल ही टिके रह पाएंगे’

छोटे जॉनर में शीर्ष के तीन-चार चैनलों को ही ज्यादातर धन मिलेगा और बाकियों के पास विज्ञापन दर बढ़ाने या दौड़ में बने रहने की ताकत नहीं होगी। लेकिन जीईसी व मूवी चैनल अपनी ज्यादा पहुंच की बदौलत विज्ञापन दरें बढ़ाने में सक्षम होंगे। ऐसा मानना है एमएसएम के रोहित गुप्ता का।

विज्ञापनदाताओं के लिए ज़ी टीवी पर औसत खपत मूल्य 25% बढ़ा

ज़ी एंटरटेनमेंट के मुख्य बिक्री अधिकारी आशीष सहगल बता रहे हैं कि विभिन्न मनोरंजन जॉनर विज्ञापन सीमा के नियम की वजह से कैसे प्रभावित हुए हैं, कैसे ब्रॉडकास्टरों ने विज्ञापन दरें बढ़ा दी हैं और बड़े विज्ञापनदाताओं से बेहतर दाम पाने के लिए उन्होंने क्या रणनीति अपनाई है।

‘रिश्ते को अमेरिका में बतौर पे-चैनल पेश किया जाएगा’

Gaurav-Gandhi-interview

रिश्ते को अमेरिका में लॉन्च किया जाएगा तो उसका बिजनेस मॉडल ब्रिटेन या भारत के बाज़ार से एकदम अलग होगा। इंडियाकास्ट के सीओओ गौरव गांधी ने इस इंटरव्यू में अमेरिका व कनाडा में न्यूज़18 को उतारने, दुनिया भर में दस से ज्यादा ब्रांडों के वितरण के रोमांच और भारतीय ब्रॉडकास्टरों के सामने अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में मौजूद अवसरों जैसे कई मुद्दो पर भी बात की।

‘हमें प्राइमटाइम को बढ़ाने और ज्यादा असरदार बनाने के तरीके खोजने होंगे’

स्टार प्लस के बिजनेस का ज़िम्मा संभालने के बाद पहली बार गौरव बनर्जी ने बात की कि चैनल ने कैसे आज के भारत की युवा महिलाओं की तरफ अपना झुकाव बढ़ाया है। वे यह भी बताते हैं कि कैसे कंटेंट पर ध्यान देना निवेश पर रिटर्न की चिंता करने से ज्यादा कारगर साबित हो रहा है।

‘ज़िंग के सकल मुनाफे का मार्जिन ज्यादा रहेगा’

डिश टीवी के सीईओ आर सी वेंकटेश उसे नई यात्रा पर ले जा रहे हैं। सब-ब्रांड ज़िंग के साथ वे उस क्षेत्र में घुसना चाहते हैं जो डैस के तीसरे व चौथे चरण के शहरों में डीटीएच से कम और केबल टीवी सेवा देनेवालों से ज्यादा वास्ता रखता है। ज़िग की शुरुआत पश्चिम बंगाल से हो रही है। वेंकटेश ने टेलिविज़न पोस्ट के शिबब्रत दास को दिए गए इंटरव्यू में बताया कि ज़िंग का लाभ मार्जिन मूल ब्रांड से ज्यादा रहेगा।