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‘भविष्य में लॉन्च होनेवाले हमारे खेल चैनल सोनी ईएसपीएन ब्रांड के होंगे’

NP-Singh-150x150साल 2016 के पहले ही महीने में ईएसपीएन के साथ सोनी पिक्चर्स नेटवर्क की पार्टनरशिप ठोस शक्ल लेने जा रही है। 17 जनवरी को दो संयुक्त ब्रांडेड चैनल – सोनी ईएसपीएन और सोनी ईएसपीएन एचडी लॉन्च होने जा रहे हैं। दोनों पार्टनरों की योजना कैलेंडर वर्ष के मध्य में ही सोनी ईएसपीएन ब्रांड के तहत एक डिजिटल प्लेटफॉर्म भी लॉन्च करने की है।

टेलिविज़न पोस्ट के सिबाब्रता दास और जावेद फारूक़ी को दिए गए इंटरव्यू में सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के सीईओ एन पी सिंह ने बताया कि ईएसपीएन कितना मूल्य सृजित कर रहा है, टेलिविज़न व डिजिटल प्लेटफॉर्म कैसे बनाए जा रहे हैं और किस तरह के नॉन-लाइव प्रोग्रामिंग की अपेक्षा इस पार्टनरशिप से की जा सकती है। सिक्स का अपना अलग वजूद बना रहेगा। लेकिन भविष्य में लॉन्च किए जानेवाले स्पोर्ट्स चैनल सोनी ईएसपीएन के नाम पर रखे जाएंगे।

संयुक्त उद्यम का अपना हिस्सा रूपर्ट मर्डोक के स्टार स्पोर्ट्स को बेचे देने के बाद ईएसपीएन भारतीय बाज़ार के टेलिविज़न परिदृश्य से बाहर निकल गया था। फिर आप लोगों में पार्टनरशिप बनी कैसे?

ईएसपीएन भारतीय बाज़ार में लौटने (होड़ न लेने की अवधि खत्म होने के बाद) की सोच रहा था और हम अपना पोर्टफोलियो बढ़ा रहे थे। हमने एक-दूसरे से बात करनी शुरू की और तय किया कि मजबूत खेल मनोरंजन नेटवर्क बनाने के लिए गठजोड़ करेंगे।

क्या सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स (एसपीएन) अब भारत में ज्यादा आक्रामक अंदाज़ में विस्तार करने जा रहा है?

अपने खेल पोर्टफोलियो को बढ़ाने की यह हमारा पहला प्रयास नहीं है। पिछले तीन सालों में स्पोर्ट्स राइट्स को हासिल करने के लिए हम काफी निवेश करते रहे हैं। हम एक तरह के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के घर बन गए हैं। एक या दो प्रॉपर्टीज़ (ईपीएल) को छोड़कर हमारे पास यूएफा यूरो 2016, 2018 फीफा वर्ल्ड कप, ला लीगा, सीरी-ए, कोपा अमेरिका और यूरोपियन क्लालिफायर्स समेत बाकी सब कुछ है। ईएसपीएन के साथ सोनी ईएसपीएन चैनल लॉन्च करने और बाद में सोनी-ईएसपीएन ब्रांड का डिजिटल मल्टी-स्पोर्ट एप्प लाने की हमारी पार्टनरशिप से भारतीय बाज़ार में बतौर खेल नेटवर्क हमारी स्थिति और मजबूत हो जाएगी।


‘सोनी सिक्स अब अच्छी तरह जमा-जमाया स्पोर्ट्स ब्रांड है। हमारा इरादा उसे बनाए रखने और उसे ईएसपीएन का पूरक बनाना था। इसलिए हमने सोनी सिक्स और सोनी ईएसपीएन को रखने का फैसला किया है। भविष्य में हम स्पोर्ट्स में जो भी चैनल लॉन्च करेंगे, वे सोनी ईएसपीएन ब्रांड के तहत लाए जाएंगे।’

सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स ने कई प्रॉपर्टीज़ हासिल कर रखी हैं और प्रतिष्ठित इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) भी उसके पास है। आखिर फिर क्यों आपने ईएसपीएन के साथ गठजोड़ करने का फैसला किया?

ईएसपीएन अपने साथ बहुत मजबूत वैश्विक ब्रांड लेकर आया है। यह दुनिया के साथ ही भारत में बहुत सम्मानित है। उसके पास सालों का स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग अनुभव है। इसके साथ ही उसके पास बहुत सारा मौलिक कंटेंट है जो उन्होंने वैश्विक स्तर पर बनाया है। उसके पास बहुत सारे स्टूडियो शोज़ हैं।

ईएसपीएन के पास 1000 घंटों से ज्यादा की प्रोग्रामिंग है। उसके पास मल्टी-स्पोर्ट एप्प बनाने के लिए आवश्यक विशेषज्ञता है। उनके पास बहुत मजबूत संपादकीय विरासत है जो हमारे राइट्स पोर्टफोलियो के पूरक का काम करेगी। ईएसपीएन क्रिकइन्फो के साथ हम अपने चैनलों के नेटवर्क के लिए भी क्रिकेट प्रोग्रामिंग बनाएंगे। हाल-फिलहाल वे अपना ब्रांड, नॉन-लाइव प्रोग्रामिंग व विशेषज्ञता लेकर आ रहे हैं। लेकिन यह पार्टनरशिप वहीं रुकती नहीं है।

यकीनन, ईएसपीएन नॉन-लाइव स्पोर्ट्स प्रोग्रामिंग कंटेंट लाएगा जिससे बड़ा मूल्य जुड़ेगा। क्या सोनी और ईएसपीएन आगे साथ मिलकर आईपीएल जैसे स्पोर्ट्स राइट्स के लिए साझा बोलियां भी लगाएंगे?

पहली और सबसे अहम बात है कि दो मजबूत ब्रांड साथ आ रहे हैं। ईएसपीएन से फंडिंग हासिल करने के लिए हमने यह पार्टनरशिप नहीं की है। हम राइट्स हासिल करने के लिए हमेशा आक्रामक बोलियां लगाते रहे हैं। हम ईएसपीएन और अपनी संयुक्त ताकत का फायदा उठाएंगे और इस पार्टनरशिप के पीछे हमारा यही इरादा है। हम ऐसा बहुत कुछ साथ मिलकर कर सकते हैं जिससे खेल प्रेमियों के अनुभव में निखार आएगा।

क्या आप ईएसपीएन को लोकप्रिय शो स्पोर्ट्स सेंटरभारत में लेकर आएंगे?

हमने अपनी स्पोर्ट्स प्रोग्रामिंग रणनीति को लेकर अपनी योजनाएं नहीं बनाई हैं। हम इसका मूल्यांकन करेंगे और अगर इसमें फायदा समझ में आया तो निश्चित रूप से इस पर गौर करेंगे।

‘ईएसपीएन के पास सालों का स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग अनुभव है। इसके साथ ही उसके पास बहुत सारा मौलिक कंटेंट है जो उन्होंने वैश्विक स्तर पर बनाया है। ईएसपीएन क्रिकइन्फो के साथ हम अपने चैनलों के नेटवर्क के लिए भी क्रिकेट प्रोग्रामिंग बनाएंगे। हाल-फिलहाल वे अपना ब्रांड, नॉन-लाइव प्रोग्रामिंग व विशेषज्ञता लेकर आ रहे हैं। लेकिन यह पार्टनरशिप वहीं नहीं रुकती।’

क्या अब आप सोनी सिक्स को बनाए रखते हुए सोनी किक्स ब्रांड को तिलांजलि दे देंगे?

हम बाज़ार अनेक स्पोर्ट्स ब्रांड नहीं रखना चाहते। सोनी सिक्स अब अच्छी तरह जमा-जमाया स्पोर्ट्स ब्रांड है। हमारा इरादा उसे बनाए रखने और उसे ईएसपीएन का पूरक बनाना था। इसलिए हमने सोनी सिक्स और सोनी ईएसपीएन को रखने का फैसला किया है।

क्या भविष्य में आद सोनी ईएसपीएन या सोनी सिक्स ब्रांड के तहत स्पोर्ट्स चैनल लॉन्च करेंगे?

भविष्य में हम स्पोर्ट्स में जो भी चैनल लॉन्च करेंगे, वे सोनी ईएसपीएन ब्रांड के तहत लाए जाएंगे।

आप दो ब्रांडों के बीच प्रॉपर्टीज़ का बांट-बखरा कैसे करेंगे?

अच्छे समय में सभी चलते हैं। अंततः सभी चैनलों का अपना स्वरूप व स्वभाव होता है और यह समय के साथ आकार लेता है। यही आप देखेंगे और यही विकासक्रम है।

क्या आप आईपीएल को सोनी ईएसपीएन पर डाल देंगे?

आईपीएल-9 की पहली बॉल फेंकी जाने में अब भी तीन महीने बाकी हैं। इस तरह के फैसले लेने के लिए मेरे पास पर्याप्त समय है। हमने अभी तक कोई फैसला नहीं किया है। लेकिन कुछ समय में कर लेंगे।

‘सोनी ईएसपीएन एप्प पर बहुत सारा संपादकीय कंटेंट होगा। उस एप्प का फोकस संपादकीय सामग्री पर ज्यादा होगा और लाइव पर उतना नहीं। लाइव स्ट्रीमिंग सोनी लिव पर की जाएगी।’

सोनी ईएसपीएन ब्रांड से आप कब नए चैनल लाने जा रहे हैं?

यह सारा कुछ राइट्स को हासिल करने पर निर्भर करता है। लेकिन, कभी-कभी बहुत सारे फुटबॉल मैच होते रहते हैं और जिसका नतीजा ओवरलैपिंग के रूप में सामने आता है। यही वक्त होता है जब आप बड़े स्पोर्ट्स नेटवर्क की ज़रूरत महसूस करते हैं। जब हम उस स्थिति में पहुंचेंगे, तब हम इसका भी आकलन करेंगे।

सोनी ईएसपीएन का मल्टी-स्पोर्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म अन्य प्लेटफॉर्मों से अलग कैसे होगा?

उप पर बहुत सारा संपादकीय कंटेंट होगा। उस एप्प का फोकस संपादकीय सामग्री पर ज्यादा होगा और लाइव पर उतना नहीं। लाइव स्ट्रीमिंग सोनी लिव पर की जाएगी।

आईपीएल के नौवें सीज़न से आप आय में किस तरह की वृद्धि का अनुमान लगा रहे हैं?

हम कमर्शियल एयरटाइम बेचने की प्रक्रिया में हैं। हम आय में मजबूत वृद्धि का अनुमान है। लेकिन फरवरी के मध्य तक ही कोई साफ तस्वीर उभरकर सामने आ पाएगी।