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‘हम बीसीसीआई के साथ आईपीएल के राइट्स पर समुचित वार्ता करेंगे’

सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (एसपीएनआई) के खेल बिजनेस पर नज़र डालें तो उसके मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एन पी सिंह विजय की पताका लहराते हुए दिखते हैं।

NP_Singh_CEO_Sony-Pictures-Networksउनकी कामयाबी का ताज है इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का टीवी प्रसारण अधिकार। दुनिया की यह सबसे लाभप्रद क्रिकेट प्रॉपर्टी जब जन्म ले रही थी, तभी उन्होंने इसे अपनी मुठ्ठी में कर लिया।

आईपीएल पर शुरुआती दांव के बाद उन्होंने चुनिंदा गैर-क्रिकेट प्रॉपर्टीज़ को भी खरीदा जिससे उन्हें पूरा स्पोर्ट्स नेटवर्क बनाने का मौका मिल गया।

सिंह का मुख्य कार्यभार आईपीएल के राइट्स के नए चक्र को हासिल करने का होगा क्योंकि बीसीसीआई के साथ सोनी का 10 साल का अनुबंध अगले साल समाप्त हो रहा है। उनके पास ही मना करने के पहले अधिकार के साथ ही साथ किसी और द्वारा लगाई गई बोली के बराबर बोली लगाने का भी अधिकार है। लेकिन स्टार इंडिया इसके लिए आक्रामक बोली लगाने की तैयारी में है। ऐसे में सारे संकेत इसी बात के हैं कि आईपीएल के प्रसारण अधिकार इस बार काफी महंगे होने जा रहे हैं।

सिंह ने एक और रणनीतिक कदम उठाया है। उन्होंने वैश्विक स्पोर्ट्स ब्रांड ईएसपीएन के साथ गठजोड़ कर लिया है और यह पार्टनरशिप टेलिवज़न व डिजिटल प्रॉपर्टीज़ में अच्छी तरह चल रही है।

टेलिविज़न पोस्ट के सिबाब्रता दास को दिए गए इंटरव्यू में सिंह ने आईपीएल, उसके राइट्स की फीस, मिनी आईपीएल, ईएसपीएन के साथ गठजोड़, घरेलू लीग, स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर के लिए गैर-क्रिकेट खेल प्रॉपर्टीज़ की जरूरत और सब्सक्रिप्शन बढ़ाने की चुनौती जैसे मसलों पर खुलकर बात की।

सोनी का सबसे कामयाब दांव आईपीएल का रहा है। क्या आपको लगता है कि राइट्स के नए चक्र को आप लॉक कर सकते हैं क्योंकि बीसीसीआई के साथ मौजूदा अनुबंध आपको मना करने के पहले अधिकार के साथ-साथ किसी दूसरे के ऑफर का जवाब देने का हक भी देता है?

बीसीसीआई ने जब आईपीएल की कल्पना की तभी हमने भांप लिया कि यह सारा खेल बदलने की संभावना वाली प्रॉपर्टी है। तब से हम लीग को बढ़ाने के लिए बीसीसीआई के साथ सकारात्मकता से काम कर रहे हैं। हमारा समझौता अब दस साल पुराना हो चुका है और दोनों ही पक्षों ने हमेशा इसका अक्षरशः पालन किया है।

मैं किसी खास क्लॉज़ पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा।। लेकिन इतना ज़रूर कहूंगा कि हम इस बात को लेकर काफी सहज महसूस कहते हैं कि हमारे बीच वाजिब मोलतोल व वार्ता होगी।

क्या आपको फिक्र है कि स्टार इंडिया बहुत आक्रामक रहेगा और आईपीएल के राइट्स की फीस सहज सामान्य सीमा से काफी ज्यादा चढ़ सकती है?

केवल वक्त ही बताया कि इसका दाम कितना होगा। लेकिन मैं तो बस इतनी आशा करता हूं कि हर मोर्चे पर वाजिब आक्रामकता बरती जाएगी।

हमने जब आईपीएल के टेलिकास्ट राइट्स लिए, तब राइट्स के मूल्य का कोई बेंचमार्क नहीं था। अब इसके लिए नौ साल का इतिहास है। ढेर सारा पीछे देखा जा सकता हा और भविष्य को लेकर उचित आकलन किया जा सकता है ताकि राइट्स के तर्कसंगत मूल्यांकन पर पहुंचा जा सके।

सारे दावेदार, जो उन्हें करना है, करेंगे। हमारा फोकस केवल इस पर है कि हम क्या हासिल करना चाहते हैं। हमारा इरादा इन अधिकारों को अगले दस सालों तक बनाए रखने का है। हमने वास्तव में आईपीएल आज जहां है, वहां तक उसे लाने के लिए बीसीसीआई और फ्रैंचाइज़ी टीमों के साथ मिलकर बहुत मेहनत की है। हम मूल्य-निर्माण का यह सिलसिला भविष्य में भी बनाए रखना चाहते हैं।

कुछ अनुमान ऐसे आए हैं जिनमें कहा गया है कि आईपीएल के राइट्स की फीस दोगुनी होकर 16,000 करोड़ रुपए के पार जा सकती है?

मैं अनुमानों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। जब यह पुष्ट हो जाएगा तो निश्चित रूप से मैं इस पर बोलूंगा।

‘अगर इसमें बिजनेस का तुक बनता है तो हम आक्रामकता से कदम आगे बढ़ाएंगे और आईपीएल के राइट्स को अपने पास रखेंगे। अगर यह एकदम तर्कसंगत नहीं होगा तो हमें इसे किसी और को कुर्बान कर देना होगा जो इसे उतने दाम पर खरीदने को तैयार होगा।’

अगर राइट्स की फीस बहुत ज्यादा रहती है तो क्यों बोली लगाने में ईएसपीएन को साथ लिया जा सकता है?

हमने आईपीएल में कई साल पहले निवेश किया था, और भविष्य में इसमें जिस तरह के निवेश की ज़रूरत पड़ेही, वो सारा निवेश हम करेंगे।

आईपीएल सोनी की सबसे लाभप्रद आस्ति है और नेटवर्क में बहुत सारा रणनीतिक मूल्य जोड़ती है। क्या आप इसे अपने पास रखने के लिए आतुर होंगे या अगर लागत काफी ज्यादा हुई तो इसे छोड़ने के लिए तैयार हैं?

रणनीतिक निवेश से कुछ तो रिटर्न मिलना चाहिए। अंततः यह कारोबारी फैसला है जो हमें करना है। अगर इसमें बिजनेस का तुक बनता है तो हम आक्रामकता से कदम आगे बढ़ाएंगे और आईपीएल के राइट्स को अपने पास रखेंगे। अगर यह एकदम तर्कसंगत नहीं होगा तो हमें इसे किसी और को कुर्बान कर देना होगा जो इसे उतने दाम पर खरीदने को तैयार होगा।

कुछ लोग कहते हैं कि चूंकि आपका प्रमुखतम चैनल, सोनी एंटरटेनमेंट टेलिविज़न अभी भी घाटे से लाभ की स्थिति में आने से थोड़ा वक्त दूर है तो जब आप आईपीएल के राइट्स के लिए बीसीसीआई से वार्ता कर रहे हैं, तब आपकी स्थिति थोड़ा कमज़ोर पड़ जाती है। क्या आप इसकी वजह से राइट्स की फीस का खींचा जाना स्वीकार कर पाएंगे

यह गलत धारणा है कि आईपीएल ही हमारी इकलौती लाभप्रद प्रॉपर्टी है। मैं इनकार नहीं करता कि आईपीएल हमारी लाभप्रदता में योगदान करता है। लेकिन यह कंपनी की आय की तमाम धाराओं में से एक है। हम एर लाभप्रद और मजबूत नेटवर्क हैं और हम ऐसा बने रहेंगे।

आईपीएल के बिना आपका स्पोर्ट्स बिजनेस कितना मजबूत रह जाएगा?

हमने पिछले तीन सालों में कई स्पोर्ट्स प्रॉपर्टीज़ में निवेश किया है। हमने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में काफी निवेश किया है। हमने ऐसी दूसरी स्पोर्ट्स प्रॉपर्टीज़ में भी निवेश किया है जो युवाओं में लोकप्रिय हैं। मसलन, एनबीए, यूएफसी, ऑस्ट्रेलियन ओपन और एटीपी। हमारा फोकस गैर-क्रिकेट खेलों के चार स्तंभों – फुटबॉल, टेनिस, बास्केटबॉल व लड़ाई के खेल – को बनाने पर है। हमने घरेलू लीग, जैसे प्रो रेसलिंग लीग, प्रीमियर फुटसल, चैम्पियंस टेनिस लीग वगैरह में भी पैसा लगाया है। आईपीएल हमारे समग्र बिजनेस मॉडल का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है और हम इसे बनाए रखने का प्रयास करेंगे।

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‘केवल वक्त ही बताया कि आईपीएल के राइट्स के नए चक्र का दाम कितना होगा। लेकिन मैं तो बस इतनी आशा करता हूं कि हर मोर्चे पर वाजिब आक्रामकता बरती जाएगी।’

आप आईपीएल हाथ से निकल गया तो क्या आप क्रिकेट से खाली नहीं रह जाएंगे?

केवल थोड़े समय के लिए। दूसरे भी क्रिकेट राइट्स बाज़ार में पकड़ने के लिए उपलब्ध होंगे।

अगर बीसीसीआई आईपीएल के राइट्स, मान लीजिए, दस से घटाकर पांच साल के कर देता है तो क्या आपको लगता है कि ब्रॉडकास्टरों के पास इस प्रॉपर्टी पर बड़ा दांव लगाने की गुंजाइश कम हो जाएगी क्योंकि सब्सक्रिप्शन आय की धारा को जमने के लिए वक्त चाहिए होगा?

यह भी मीडिया का अनुमान है कि राइट्स की अवधि छोटी कर दी जाएगी। लेकिन वैसा होने पर कहानी का सब्सक्रिप्शन पक्ष पूरी तरह नहीं खुलेगा। जब डिजिटलीकरण को अभी ज़मीन पकड़नी हो और एमएसओ (मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर) एआरपीयू (प्रति यूज़र औसत आय) बढ़ाने के लिए जूझ रहे हों, तब सब्सक्रिप्शन का सही मूल्य कम समय में नहीं उभरेगा। इसका आईपीएल ही नहीं, किसी भी अन्य प्रॉपर्टी के राइट्स के मूल्यांकन पर असर पड़ेगा। इसलिए मुझे लगता है कि ब्रॉडकास्टर राइट्स के लंबे व बड़े चक्र को पसंद करेंगे। आईपीएल हमें 10 साल के लिए दिया गया था और हमने 10 साल का दांव लगाया। हम आशा करते हैं कि हमें इसे और 10 साल के लिए हासिल कर लेंगे।

क्या ईएसपीएन के साथ गठजोड़ के बाद विदेशी बाज़ारों का लाभ उठाने की स्थिति बेहतर हो जाएगी?

हमारे मौजूदा प्रसारण अधिकार दक्षिण एशिया के लिए हैं। अगर कोई ऐसी स्थिति आती है कि हमें आईपीएल के वैश्विक अधिकार मिल जाते हैं तो हमारे लिए ईएसपीएन के साथ रिश्ता काफी उपयोगी हो जाएगा।

क्या आप डिजिटल राइट्स भी हासिल करने पर आक्रामक रुख अपनाएंगे?

डिजिटल अधिकारों की नीलामी अगले साल होनी है। हम बाज़ार के पिछले अनुभव और भारत में डिजिटल का क्या भविष्य हम देखते हैं, उसके आधार पर उनका मूल्यांकन करेंगे। उसी के हिसाब से बोली का दाम तय करेंगे।

बीसीसीआई विदेश में एक मिनी आईपीएल के आयोजन के बारे में बात कर रहा है। प्रमुख आईपीएल प्रॉपर्टी पर इसके प्रभाव को आप कैसे देखते हैं?

आईपीएल की अपनी जगह है जो क्रिकेट की कोई अन्य प्रॉपर्टी नहीं ले सकती।

बीसीसीआई ने संकेत दिया है कि मिनी आईपीएल या तो अमेरिका में या संयुक्त अरब अमीरात में किया जाएगा।

ब्रॉडकास्टरों के लिए, समय महत्वपूर्ण है। इसका प्रॉपर्टी के मूल्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। भारत में एक ब्रॉडकास्टर हमेशा अमेरिका के बजाय संयुक्त अरब अमीरात पसंद करेगा।

लेकिन क्या एक मिनी आईपीएल प्रमुख आईपीएल के मूल्य में कमी लाएगा?

आईपीएल हर साल एक बहुप्रतीक्षित इवेंट है और इसकी मज़बूत पहुंच है। हमें किसी भी अन्य घटना के साथ इसकी तुलना नहीं करनी चाहिए।

‘हम बीसीसीआई समेत अन्य क्रिकेट बोर्डों के टीवी अधिकार हासिल करना चाहेंगे। क्रिकेट हमेशा हमारी रणनीति का हिस्सा रहा है। अतीत में हमारे पास वर्ल्ड कप समेत आईसीसी क्रिकेट के 2002 से 2007 तक के ब्रॉडकास्ट अधिकार थे। हम एक मज़बूत क्रिकेट ब्रॉडकास्टर रहे हैं और यह सिलसिला हम जारी रखेंगे।’

आईपीएल ब्रॉडकास्टर के लिए शानदार रहा है पर टीम मालिकों के लिए उतना अच्छा नहीं रहा है। क्या मिनी आईपीएल फ्रैंचाइज़ी मालिकों को बेहतर लाभ नहीं देगा?

हमने सभी ने इस प्रॉपर्टी में भारी निवेश किया है, और जब आप उस तरह का निवेश करते हैं तो आपको उचित रिटर्न की उम्मीद होती है। हमने उस समय इतना बड़ा जोखिम लिया था जब कोई भी इसे करने को तैयार नहीं था। हमारे दृष्टिकोण से, आईपीएल एक अच्छा निवेश रहा है, और हम बहुत खुश हैं कि हमने यह जोखिम कई साल पहले उठाया। आईपीएल को मज़बूत और बड़ा बनाने के लिए हम बीसीसीआई के साथ काम करना जारी रखना चाहते हैं।

क्या बीसीसीआई ने आपके साथ मिनी आईपीएल के बारे में चर्चा की है?

नहीं, अभी तक नहीं। कुछ भी औपचारिक रूप से नहीं आया है।

तो क्या आप बीसीसीआई सहित तमाम क्रिकेट बोर्डों के टीवी राइट्स हासिल करना चाहेंगे?

हां। क्रिकेट हमेशा हमारी रणनीति का हिस्सा रहा है। अतीत में हमारे पास वर्ल्ड कप समेत आईसीसी क्रिकेट के 2002 से 2007 तक के ब्रॉडकास्ट अधिकार थे। हम एक मज़बूत क्रिकेट ब्रॉडकास्टर रहे हैं और यह सिलसिला हम जारी रखेंगे। ज़ाहिर है कि हम अन्य विकल्पों पर भी गौर करेंगे।

क्या आपको लगता है कि भारत में ब्रॉडकास्टरों के लिए वह समय आ गया है कि वे महज प्रसारण अधिकार प्राप्त करने से अधिक कुछ करें जिससे क्रिकेट के दीवाने इस देश में स्थानीय लीग विकसित हों? स्टार इंडिया ने स्थानीय लीग में से कुछ में इक्विटी हिस्सेदारी ली है और उन्हें चला रहा है। क्या आपको लगता है कि सोनी भी ऐसी ही भूमिका निभाएगा?

हम इस पर सोच रहे हैं, लेकिन यह एक अच्छा और मज़बूत अवसर होना चाहिए। लंबी अवधि के नज़रिए से अगर फायदा हो, तो हम निश्चित रूप से इसका मूल्यांकन करेंगे।

क्या आप प्रो रेसलिंग लीग को एक अवसर के रूप में देखते हैं?

लीग वर्तमान में फेडरेशन द्वारा चलाई जाती है और हम ब्रॉडकास्ट पार्टनर हैं। हम फेडरेशन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि इसे एक बड़ी सफलता बनाया जा सके। पहले सीज़न में, इवेंट को प्रमोट करने के लिए बहुत कम समय उपलब्ध था। हम इसे बड़ी और बेहतर बनाने के लिए बहुत पहले से योजना बनाएंगे।

‘स्पोर्ट्स सेगमेंट का योगदान अगले 2-3 सालों में बढ़कर हमारी आय में 30 से 35 प्रतिशत का हो जाना चाहिए और यह वृद्धि उस सारे निवेश से आएगी जो हमने अभी तक किया है।’

क्या फुटबॉल में, एक स्थानीय लीग की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि सब कुछ ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) के हाथ में है, और इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) भी है।

हां, वर्तमान संरचना में एक और घरेलू लीग नहीं हो सकती।

एक स्थानीय लीग में इक्विटी हिस्सेदारी लेने के लिए आपको कहां से मौके आते दिख रहे हैं?

कई खेलों में लीग के लिए योजना बनाई जा रही है और अगर हमें उसमें कुछ लंबी अवधि का मूल्य दिखेगा तो हम उसके साथ जुड़ेंगे। अगर कोई मौका आता है तो हम उसके मूल्यांकन के लिए खुले हैं। फिलहाल, कोई मौका नहीं है। यह ऐसा कुछ नहीं है जिसे हम किसी भी कीमत पर करना चाहता हो। यह आवश्यक नहीं है। लंबे समय का लाभ है तो हम इसमें पड़ेंगे। हम जो करते हैं उसपर हम बहुत ध्यान केंद्रित करते हैं।

खेल ब्रॉडकास्टरों को प्रसार और लाइव कंटेंट के सही मिश्रण की ज़रूरत होती है ताकि वे सब्सक्रिप्शन ताकत बढ़ा सकें। आपको सोनी की खेल ताकत कहां से आती दिखती है?

हमारे निवेश का कुछ हिस्सा आईपीएल या यूरो-16 और फीफा वर्ल्ड कप जैसी प्रमुखतम घटनाओं में गया है। हमें दर्शकों को ऐसा कुछ पेश करना है जो वे नियमित आधार पर टीवी पर देखना पसंद करें। जहां तक फुटबॉल का संबंध है, हम पूरे साल भर बहुत ज्यादा सक्रिय हैं। हमारे पास बहुत सारा अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल है। फिर एनबीए सीज़न भी है। यूएफसी पूरे साल भर चलता रहता है। टेनिस में, हमारे पास साल के शुरुआती हिस्से में ऑस्ट्रेलियन ओपन होता है। एटीपी मास्टर्स गर्मियों के दौरान आता है।

लाइव स्पोर्ट्स के संदर्भ में कैलेंडर पूरा भरा हुआ है और ये खेल आज के दर्शकों के लिए प्रासंगिक हैं। हम अपने खेल के कारोबार में निवेश करना जारी रखेंगे।

कंपनी की कुल आय में इस खेल का अभी कितना हिस्सा है

यह अभी हमारे टर्नओवर का 20-25 प्रतिशत है। स्पोर्ट्स सेगमेंट का योगदान अगले 2-3 सालों में बढ़कर हमारी आय में 30 से 35 प्रतिशत का हो जाना चाहिए और यह वृद्धि उस सारे निवेश से आएगी जो हमने अभी तक किया है।

आईपीएल और आपकी अन्य खेल प्रॉपर्टी से विज्ञापन वृद्धि में आपको कैसी उम्मीदें हैं?

हमने अपने क्रिकेट की विज्ञापन दरों में 10 से 15 प्रतिशत की साल दर साल वृद्धि देखी है। फुटबॉल और हमारी अन्य प्रॉपर्टीज़ में विकास अधिक होगा क्योंकि आधार कम है। और हमें ऐसा ही होता दिख रहा है। यूरो हमारे लिए सफल रहा और विज्ञापन आय पिछले सीज़न से दोगुनी हुई है।

सब्सक्रिप्शन आय में वृद्धि पर आपका क्या पूर्वानुमान है?

सब्सक्रिप्शन के मोर्चे पर, भविष्यवाणी करना मुश्किल है क्योंकि ब्रॉडकास्टर व एमएसओ पूरी तरह से लागत प्रति ग्राहक (सीपीएस) सौदों पर स्थानांतरित नहीं हुए हैं। इस प्रकार, किसी विशेष इवेंट के साथ कोई सीधा संबंध नहीं है, जिससे आप कह सकें कि इस इवेंट से इतना पैसा आपको उपभोक्ता से मिलेगा। एक परिपक्व बाज़ार में, आप ऐसा होता देखेंगे, लेकिन मुझे लगता है कि यह अभी कम से कम पांच साल दूर है।