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‘भारत में मोबाइल पर यूट्यूब देखने वालों ने डेस्कटॉप को पीछे छोड़ा’

Ajay-Vidyasagar2भारत में वीडियो साझा करने के प्लेटफॉर्म यूट्यूब के दर्शकों की संख्या पहली बार मोबाइल डिवाइसों पर डेस्कटॉप से ज्यादा हो गई है। यह कंटेंट खपत के लिए डिवाइस के रूप में मोबाइल के बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है।

यूट्यूब पर भारत से अपलोड किए जानेवाले कंटेंट में 90 प्रतिशत वृद्धि हुई है। स्थानीय कंटेंट बनाने की गति को बढ़ाने के लिए मुंबई में यूट्यूब स्पेसेज़ लॉन्च करने की यह भी एक वजह है। वीडियो साझा करने के इस विशाल मंच का दावा है कि उसके पास विभिन्न भाषाओं में हज़ारों फिल्में और 20,000 घंटे से ज्यादा का टीवी कंटेंट है।

यूट्यूब में भारत व दक्षिण-पूर्व एशिया के क्षेत्रीय निदेशक अजय विद्यासागर ने टेलिविज़न पोस्ट के जावेद फारूक़ी से बात की। इसमें उन्होंने कंटेंट खपत के रुझानों, विज्ञापन में बढ़त, अन्य ओटीटी प्लेटफॉर्मों के असर और निजता जैसे विभिन्न मसलों पर अपना नज़रिया सामने रखा।

पेश हैं इस इंटरव्यू के संपादित अंश…

आप मोबाइल और डेक्सटॉप पर यूट्यूब की गति व प्रगति की तुलना कैसे करते हैं?

भारत में मोबाइल पर यूट्यूब देखनेवालों की संख्या डेस्कटॉप से आगे निकल गई है। हमारे मोबाइल दर्शकों की संख्या घातीय रफ्तार से बढ़ रही है और बहुत सारे भारतीय मोबाइल के ज़रिए इंटरनेट तक पहुंच रहे हैं। और, अगर इंटरनेट के विकासक्रम को देखें तो अमूमन लोग पहले डेस्कटॉप पर आते हैं। वहां थोड़ा वक्त बिताते हैं। फिर वे फीचर फोन तक पहुंचते हैं और फिर स्मार्टफोन तक। लेकिन भारत में बहुत से लोग सीधे मोबाइल फोन से इंटरनेट तक पहुंच रहे हैं।

4जी का आना ऑनलाइट वीडियो खपत पर क्या असर डालेगा?

हमारा मानना है कि भारत में वीडियो खपत बराबर बढ़ती जानी है। बहुत सारे नए ऑपरेटर डेटा के क्षेत्र में उतर रहे हैं, यह वाकई इस देश के लिए अच्छी बात है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस देश में असाधारण मांग है, लेकिन पर्याप्त सप्लाई नहीं है और अब सप्लाई की यही कमी पूरी होगी जो उद्योग के लिए अच्छा है।

भारत में यूट्यूब पर कंटेंट खपत के क्या रुझान हैं?

भारतीय अपने ही भाषा में कंटेंट देखना पसंद करते हैं। तीन-चार साल पहले तक हम हिंदी में अन्य भारतीय भाषाओं से ज्यादा थे। लेकिन पिछले तीन या चार साल में हमें असामान्य रूप से बहुत ज्यादा क्षेत्रीय कंटेंट मिला है जो घरेलू बाज़ार के साथ-साथ भारत के बाहर के बाज़ार के भी विकास को आवेग दे रहा है। भाषाओं का अच्छा प्रतिनिधित्व हमारा एक बड़ा अग्रसारक है और मुझे लगता है कि भारत में लंबी और छोटी अवधि के कंटेंट का अच्छा मिश्रण है। यह भी हमारे विकास को आगे ले जा रहा है।

कैसा कंटेंट यूट्यूब के दर्शकों को बढ़ाता है? यह ब्रॉडकास्टरों द्वारा पेश किया गया कंटेंट है या नए दौर के कंटेंट सर्जकों की सामग्री?

यह दोनों का मिश्रण है। हमने अपने शुद्ध सर्जक-आधारित कंटेंट पोर्टफोलियो को पिछले कुछ सालों में असाधारण गति से बढ़ते देखा है। पिछले दो-तीन सालों में यह समुदाय काफी बढ़ा है। तब तक यूट्यूब पर मुख्यतया फिल्में, म्यूज़िक और टीवी ही देखा जाता था। लेकिन अब सर्जकों का मजबूत पोर्टफोलियो इस श्रेणी में आ गया है।

बच्चों के कंटेंट का मजबूत पोर्टफोलियो है। बच्चों के हमारे कुछ बड़े कंटेंट बनानेवाले भारत से हैं। इसके ऊपर हमारे पास मूवी स्टूडियोज़ व टीवी नेटवर्कों का अच्छा मेल है और म्यूज़िक उद्योग तो दुनिया में शीर्ष चैनलों का हिस्सा बना हुआ है। भारत में साझीदारों का अद्भुत पोर्टफोलियो है जो विभिन्न भाषाओं में अलग-अलग जॉनरों का कंटेंट डालता है। अगर आप सारे मेल व संयोजन को देखें तो यह बहुत ऊर्वर मिश्रण है।


‘भारत में वीडियो खपत बराबर बढ़ती जानी है। बहुत सारे नए ऑपरेटर डेटा के क्षेत्र में उतर रहे हैं, यह वाकई इस देश के लिए अच्छी बात है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस देश में असाधारण मांग है, लेकिन पर्याप्त सप्लाई नहीं है और अब सप्लाई की यही कमी पूरी होगी जो उद्योग के लिए अच्छा है।’

क्या आप भारत के कंटेंट पोर्टफोलियो के बारे में कुछ बता सकते हैं? 

दुनिया भर में लगभग 400 घंटे का कंटेंट यूट्यूब पर अपलोड होता है। हम वास्तव में देश के हिसाब से अपने कंटेंट पोर्टफोलियो को नहीं देखते। हम इसे एक वैश्विक मच के रूप में देखते हैं। हमारे उपभोक्ता भी इसे वैश्विक मंच के रूप में देखते हैं। लेकिन वे हमें स्थानीय मंच भी मानते हैं। जब आप टीवी खोलते हो तो आप हिंदी या तमिल चैनल के बारे में सोचते हो। लेकिन जब आप यूट्यूब पर जाते हैं तो आप कहते हैं कि मैं कंटेंट देखना चाहता हूं, मैं मनोरंजन चाहता हूं और आप अंग्रेज़ी से हिंदी और कोरियाई भाषा तक की थाह लेते हैं। आज हमारे प्लेटफॉर्म पर 61 भाषाएं चल रही हैं और इस सारे कंटेंट के 80 प्रतिशत दर्शक अपने मूल देश से बाहर के बाज़ार से आते हैं।

यूट्यूब ऑफलाइन का कितना असर आपने भारत में अभी तक देखा है?

भारत के लोग इस तरह सेवाएं पसंद करते हैं। यूट्यूब ऑफलाइन को पिछले साल इसी महीने में लॉन्च किया गया था। एक तिमाही तो बीटा (प्रयोग) में गुजरा गया। इसलिए जब से हमने यह सेवा शुरू की है तब से वास्तव में दो तिमाहियां हुई हैं। हमने यूट्यूब ऑफलाइन के इस्तेमाल में 500 प्रतिशत बढ़त दर्ज की है और ऐसा महज मोबाइल डिवाइसों पर हुआ है। हमने यह भी देखा है कि इस छोटी-सी अवधि में इसका आधार पांच गुना बढ़ गया है। यह एक सुपरस्टार उत्पाद पेशकश है और हम पहुंच और हम बहुत कुछ ऐसा करने जा रहे हैं जिससे पहुंच बढ़ाने व खर्च को दायरे में लाने का मसला सुलझाने में मदद मिलेगी।

ब्रॉडकास्टरों द्वारा अपने खुद के वीडियो ऑन डिमांड प्लेटफॉर्मों की शुरुआत के बारे में आप क्या राय रखते हैं? क्या इसका यूट्यूब पर असर पड़ेगा?

हम एक गैर-एक्सक्लुज़िव प्लेटफॉर्म हैं। हम इन सभी भागीदारों के साथ काम करते हैं। हम बहुत करीब से इन लोगों के साथ काम करते हैं। हम डिजिटल सोल्यूशन प्रदाता हैं। वे हमारे साथ काम करते हैं, समस्याओं और चुनौतियों के बारे में सोचते हैं। हम उनके कंटेंट को डिस्ट्रीब्यूट करने के लिए और अधिक तरीके खोजने के लिए उन लोगों को प्रोत्साहित करते हैं। गहरे स्तर पर जुड़ाव देने की हमारे प्लेटफॉर्म की क्षमता पर हमें गर्व है। हम आपको प्रशंसक बनाने की अनुमति देते हैं, हम आपको समुदाय बनाने की अनुमति देते हैं जो वास्तव में हमारे प्रतिबद्ध भागीदार बन जाते हैं। अधिकांश ब्रॉडकास्टर उनकी महत्वपूर्ण डिजिटल रणनीति के हिस्से के रूप में हमारे साथ काम करते हैं। हम उन्हें हर संभव माध्यम पर काम करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। कंटेंट तरल है, उसे जहां भी जगह मिलेगी वह जाएगा।


‘ब्रॉडकास्टरों और नए दौर के सर्जकों, दोनों का ही कंटेंट यूट्यूब पर दर्शकों को खींच रहा है। हमने अपने शुद्ध सर्जक-आधारित कंटेंट पोर्टफोलियो को पिछले कुछ सालों में असाधारण गति से बढ़ते देखा है। पिछले दो-तीन सालों में यह समुदाय काफी बढ़ा है। तब तक मुख्यतया फिल्में, म्यूज़िक और टीवी ही देखा जाता था।’

क्या ब्रॉडकास्टर अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए यूट्यूब से कंटेंट निकाल लेने की सोच रहे हैं?

भागीदार अलग कोशिशें करते हैं। यह एक नया ज़माना है। टीवी उद्योग 80 साल पुराना है। यूट्यूब 10 साल पुराना है। इस देश में ऑनलाइन वीडियो 5 से 6 साल पुराना है। लोग अलग मॉडल और लोगों के साथ प्रयोग करते रहेंगे और उन्हें जहां सबसे ज़्यादा दर्शक संख्या मिलेगी, अंततः वे वहीं जाएंगे। अगर आप एक कथाकार हैं, तो आप चाहेंगे कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग आपकी कहानी देखें। जब तक हम दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रासंगिक हैं और सोल्यूशन प्रदान कर रहे हैं तब तक हम इस केटेगरी के लिए प्रासंगिक बने रहेंगे। आज ऑनलाइन वीडियो बाज़ार का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा हमारे पास हैं। हम नवाचार करते रहेंगे और नए तरीके से सोचते रहेंगे जिससे हम इस केटेगरी में मार्गदर्शक बने रहें।

क्या ब्रॉडकास्टर एक प्रचार मंच के रूप में यूट्यूब का इस्तेमाल नहीं कर रहे?

यह शायद एक सही चीज ही है। यूट्यूब को प्रमोशन के लिए, पहले अपना कंटेंट लोड करने के लिए, सिंडिकेशन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। हम उन्हें हर मॉडल के माध्यम से काम करने में मदद करते हुए उनके साथ काम करते हैं। कुछ लोग 1 मॉडल के साथ, कुछ 2 के साथ और कुछ तीनों मॉडल के साथ काम करते हैं। यह सीखने की, परीक्षण और पुनरावृति की दुनिया है और आपको उन्हें उनकी रणनीति को सफल बनाने में मदद करने के लिए हर पार्टनर के साथ काम करना है।

भारत में यूट्यूब पर विज्ञापन वृद्धि कैसी रही है?

हमारा विज्ञापन विकास अभूतपूर्व रहा है। हमारा शानदार विज्ञापन विकास हुआ है और हमारे पार्टनरों में से कइयों ने अपनी आय में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी है। हमारे विज्ञापनदाताओं में से कई उनका खर्च बढ़ा रहे हैं। कंटेंट बनाने वालों के साथ हमारी 55:45 की आय हिस्सेदारी है। हम इसे मानक आय हिस्सेदारी कहते हैं।

आप कंटेंट पायरेसी से कैसे निपटते हैं?

कंटेंट की शुद्धता से निपटने के लिए हमारे पास प्राथमिक प्रोडक्ट कंटेंट आईडी है। इस क्रांतिकारी प्रोडक्ट से कंटेंट बनाने वालों तो दुनिया भर में अरबों डॉलर बचाने में मदद मिली है। कंटेंट आईडी के साथ हस्ताक्षर करने से, उन्हें पता चलता है कि उनके कंटेंट को कोई और अपने मंच इस्तेमाल कर रहा है या नहीं। और फिर उनके पास विक्लप है कि वे उस कंटेंट को रखें और मोनेटाइज़ करें। केवल कंटेंट के मालिक ही मोनेटाइज कर सकते हैं। इससे कैसे निपटा जाए, उसका वे चुनाव कर सकते हैं। वे इसे निकलवा या रोक सकते हैं या सीमित अधिकार दे सकते हैं। कंटेंट आईडी पायरेसी के खिलाफ हमारा ब्रह्मास्त्र (अंतिम हथियार) है। हॉलीवुड से बॉलीवुड तक हर कोई इसे पसंद करता है।

कैलिफोर्निया में हमारी एक विशाल कंटेंट आईडी टीम है। हम इसे और अधिक सटीक और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसमें ज़्यादा से ज़्यादा परतें लाते रहते हैं। कंटेंट बनाने वालों को दर्शक संख्या जीतने में मदद करना और उसके बाद मुद्रीकरण करने में उनकी मदद करना हमारे लिए बड़ी ज़िम्मेदारी है।