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स्मार्टफोन विज्ञापनदाता और मोबाइल ऑपरेटर कैसे तय करते हैं अपना विज्ञापन खर्च

मुंबई: स्मार्टफोन विज्ञापनदाता अपने विज्ञापन बजट खर्च का अधिक हिस्सा हिन्दी के सामान्य मनोरंजन चैनलों (जीईसी) पर लगाते हैं। दूसरी तरफ, मोबाइल ऑपरेटरों का झुकाव अपने टीवी विज्ञापनों को चलाने के लिए अंग्रेजी फिल्म चैनल की तरफ ज्यादा है।

डेटा आधारित मार्केटिंग व पैमाइश कंपनी, सिल्वरपुश की विज्ञापन मैपिंग रिपोर्ट में ऐसे तमाम तथ्य उभरकर सामने आए हैं।

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सिल्वरपुश ने पिछले ही हफ्ते भारतीय बाज़ार में स्मार्टफोन व मोबाइल ऑपरेटर उद्योग पर अपनी टीवी व डिजिटल विज्ञापन मैपिंग रिपोर्ट के निष्कर्षों की घोषणा की है।

इस रिपोर्ट में जून से अगस्त 2016 तक का डेटा एकत्रित करके बाद उसका विश्लेषण किया गया है।

मैपिंग से पता चला है कि स्मार्टफोन व मोबाइल ऑपरेटर श्रेणियां, टीवी व डिजिटल, दोनों ही माध्यमों पर विज्ञापन करने को लेकर लगातार उत्साह का नज़रिया दिखा रही हैं। दोनों उद्योग विज्ञापन के जॉनर को लेकर समान रुख अपनाती हैं। स्मार्टफोन ब्रांड और मोबाइल ऑपरेटर, दोनों ही हिंदी जीईसी की तुलना में क्षेत्रीय व हिंदी फिल्म चैनलों पर भारी विज्ञापन करते हैं।

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सिल्वरपुश के विश्लेषण ने टेलिकॉम उद्योग के दो प्रमुख सेगमेंट – स्मार्टफोन व मोबाइल ऑपरेटरों पर रोशनी डाली है और बताया है कि उपभोक्ताओं को खींचने और उनके बीच अपना आधार बनाने के लिए वे कैसे अलग-अलग राह अपनाते हैं।

सिल्वरपुश ने यह रिपोर्ट तैयार करने में ब्रांडों के टीवी व डिजिटल डेटा को रिकॉर्ड करने के लिए अपने रियल टाइम एनालिटिक्स सॉफ्टवेयर प्रिज़्म का उपभोग किया है। उसने जून से लेकर अगस्त 2016 तक 120 से ज्यादा लोकप्रिय चैनलों का डेटा इकट्ठा किया। इन चैनलों में देश के तमाम जीईसी, फिल्म, न्यूज़, स्पोर्ट्स व क्षेत्रीय चैनल शामिल थे। बाज़ार से मिली अंतर्दृष्टि दिखाती है कि अनेक स्क्रीन उपयोग करनेवाले उपभोक्ताओं की नई पीढ़ी तक पहुंचने के लिए टीवी व डिजिटल दोनों ही माध्यमों के प्रति विज्ञापनों के ब्रांड मार्केट करनेवालों का मौजूदा रुझान क्या चल रहा है।

सिल्वरपुश के सह-संस्थापक व सीएमओ मुदित सेठ का कहना है, “टेक्नोलॉज़ी में लगातार नवाचार और विविध स्क्रीनों पर पहुंचने में कामयाबी के साथ सिल्वरपुश ने मार्केटिंग करनेवालों का ध्यान अपनी तरफ खींचे रखा है। प्रिज़्म एक रियल-टाइम एनालिटिक्स सॉफ्टवेयर है जो अगली पीढ़ी के टेलिविज़न विज्ञापन के विश्लेषण को सशक्त बना रहा है। यह ब्रांडों को वास्तविक समय में टीवी विज्ञापन के प्रभाव को मापने में मदद करता है जिसका उपयोग मार्केटिंग करनेवाले कर रहे हैं।”

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मार्केट मैपिंग से मिली अन्य महत्वपूर्ण इनसाइट:

  • स्मार्टफोन और मोबाइल ऑपरेटर दोनों उद्योग हाथ में हाथ मिलाकर काम करते हैं और एक समान टीवी जॉनरों में विज्ञापन करते हैं। हालांकि, स्मार्टफोन मेन्यूफेक्चरिंग प्लेयर की तुलना में कुल मिलाकर मोबाइल ऑपरेटर टीवी पर ज़्यादा सक्रिय हैं।
  • क्षेत्रीय चैनलों पर फोकस कई गुना बढ़ा है और दक्षिण भारतीय चैनल, समग्र पाई में से लगभग 53 प्रतिशत तक उठा लेते हैं।
  • अंग्रेज़ी और हिंदी फिल्म चैनल दोनों को लगभग 49 प्रतिशत तक जीईसी चैनलों से अधिक पसंद किया जा रहा है।
  • मोबाइल ऑपरेटर सेक्टर अंग्रेज़ी और हिंदी फिल्म सेगमेंट में स्पॉट पर ज़्यादा निवेश करते हैं, जबकि स्मार्टफोन फिल्मों के साथ हिंदी जीईसी सेगमेंट पसंद करते हैं।
  • समग्रता में क्षेत्रीय चैनल सबसे बड़ा सेगमेंट है और ये विज्ञापन में लगभग 19 प्रतिशत हिस्सेदारी पर कब्जा किए हुए है।
  • स्मार्टफोन के मामले में प्राइम टाइम के दौरान विज्ञापन स्पॉट में एक छलांग देखने को मिलती है जबकि गैर प्राइम टाइम के स्पॉट्स लगभग 40 प्रतिशत कम होते हैं।
  • टीवी श्रेणी के भीतर, स्मार्टफोन और मोबाइल ऑपरेटर ब्रांड अलग-अलग उपभोक्ता व्यवहार के ट्रैंड्स देख रहे हैं।
  • मोबाइल ऑपरेटर क्षेत्र के विपरीत, स्मार्टफोन सेगमेंट में टीवीसी के साथ सर्च शाम 6 बजे के बाद बढ़ जाती है और अधिकतम सर्च लगभग रात 10 बजे के आसपास की जाती है।
  • डिजिटल मीडिया के मोर्चे पर, स्मार्टफोन और मोबाइल ऑपरेटर प्रमुख पोजिशन और ब्रांड याददाश्त बनाने के लिए एक समान अनुपात में विभिन्न माध्यमों को निशाना बनाते हैं।
  • यूट्यूब, मोबाइल ऑपरेटर केटेगरी से आने वाली विज्ञापन गतिविधि का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा आकर्षित करता है।
  • दूसरी ओर, फेसबुक पर 85 प्रतिशत से अधिक तक स्मार्टफोन मेंन्यूफेकचरिंग के प्लेयर विज्ञापन के लिए सक्रिय हैं।
  • हैरानी की बात है कि ट्विटर को स्मार्टफोन ब्रांड और मोबाइल ऑपरेटर श्रेणी में मीडिया प्लेटफॉर्म के रूप में सबसे कम हिस्सा मिलता है।

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मुदित ने कहा, “हम वास्तविक समय में टीवी और डिजिटल माध्यम को ट्रैक करना और इस मालिकाना टेक्नोलॉजी का उपयोग करना जारी रखेंगे। हज़ारों विज्ञापन, लाखों बातचीत और सैकड़ों चैनलों के टीवी प्रसारण में ऑनलाइन गतिविधियों का मिलान करके, हम मानते हैं कि हमारी मार्केट मैपिंग इनसाइट और डेटा, ब्रांडों के लिए समझदारी वाली इनसाइट प्रदान करेंगे।”