लाइव पोस्ट
चीन में शुरू हुआ दुनिया का सबसे ऊंचा पुल, 14.40 करोड़ डॉलर से बना
नोटबंदी को लेकर तृणमूल कांग्रेस का पीएम मोदी पर कटाक्ष- 'उम्मीद है कल बड़ी घोषणा करेंगे'
सीतापुर में यात्रियों से भरी बस नदी में पलटी, बचाव कार्य जारी
झारखंड में कोयला खदान के अंदर फंसे मजदूर, 10 शव निकाले गए
दिल्ली हाई कोर्ट ने शादियों के लिए बैंक खाते से 2.5 लाख रुपए निकालने के खिलाफ याचिका खारिज़ की
संसद के दोनों सदनों में नोटबंदी के खिलाफ विपक्षी दलों का हंगामा जारी
घोषित काले धन पर लगेगा 50% टैक्स, लोकसभा ने आयकर अधिनियम में संशोधन पास किया

स्टार ने ‘नई सोच’ अभियान में बीसीसीआई से हुए स्पॉन्सरशिप करार का फायदा उठाया

मुंबई: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के साथ अपने शर्ट स्पॉन्सरशिप समझौते का इस्तेमाल करते हुए स्टार इंडिया ने भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे के साथ ‘नई सोच’ नाम का एक नया अभियान शुरू किया है।

यह अभियान स्टार प्लस को प्रमोट करता है जो अपने कंटेंट के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देता है।

इस पहल के हिस्से के रूप में, स्टार प्लस ने भारत-न्यूज़ीलैंड वनडे सीरीज़ के दौरान 16 अक्टूबर को एक टीवी अभियान का अनावरण किया जिसमें क्रिकेट के नायक ‘नई सोच’ के दूत बने हैं।

Nayi-Soch-bcci

अभियान में भारत के क्रिकेट आइकन – धोनी, विराट और अजिंक्य अपने पिता के नाम या उपनाम के बजाय अपनी मां का नाम अपनी जर्सी पर गर्व से पहनते हैं जो यह दर्शाता है कि किसी को भी उसकी पहचान पिता के बराबर ही मां से भी मिलती है। हालांकि, वंश और पहचान में परम्परागत सामाजिक धारणाओं में महिलाओं की भूमिका को कम ही स्वीकार किया जाता है और इसी विचार को बीसीसीआई ने अच्छी तरह से इस अभियान में रखा है।

यह अभियान को इन आइकन बन चुके 3 क्रिकेट खिलाड़ियों के जीवन, उनके फलसफे और उनकी मांओं का उनकी सफलता में हाथ, को लेकर वास्तविक जीवन के उदाहरण देते हुए बनाया गया है।

स्टार इंडिया के एमडी संजय गुप्ता ने कहा, “हम स्टार इंडिया में बीसीसीआई के साथ एक आइकनिक ब्रांड पहल “नई सोच” के लिए भागीदारी करके बहुत खुश हैं। स्टार प्लस महिलाओं के लिए एक प्रकाश स्तंभ जैसा ब्रांड रहा है। हम हमेशा महिलाओं को आगे रखते हैं, उनकी कहानियों को बयां करते हैं और अब इसे अगले स्तर तक ले जाने के लिए तैयार हैं। हम महिलाओं की प्रगति के रास्ते में आड़े आने वाले कट्टरपंथ और लकीर के फकीर को चुनौती देते हुए इसे कर रहे हैं।”