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केबल ऑपरेटरों, सावधान! 70,000 करोड़ के निवेश के साथ रिलायंस अगले साल ला रहा है जियो

मुंबई: रिलायंस जियो 70,000 करोड़ रुपए के भारी-भरकम निवेश के साथ 4जी सेवाएं लॉंन्च करने के लिए तैयारी कर रहा है। इसके आने के बाद केबल टीवी और डीटीएच ऑपरेटरों को नई प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।

Mसाल 2015 से भारत भर में चरणबद्ध तरीके से शुरू करते हुए हाई स्पीड डाटा और वॉयस सर्विसेज़ के साथ जियो अपनी रणनीति के एक बड़े हिस्से के रूप में मनोरंजन पेश करेगा। ग्राहकों को ऑन ऑफर टेलिविजन चैनल, वीडियो ऑन डिमांड सेवा और स्वचालित रूप से टीवी शो कुछ दिनों के लिए क्लाउड पर रखने की सुविधा मिलेगी।

नेटवर्क18 और टीवी18 का अधिग्रहण ही बताता है कि वीडियो कंटेंट डेटा ट्रैफिक जुटाने में कितना महत्व का है। यह रिलायंस जियो की डिजिटल सेवाओं का एक महत्वपूर्ण पहलू होगा। उपभोक्ताओं के घरों तक पहुंचकर एक साथ ब्रॉडबैंड, कम्युनिकेशंस, सूचना और टेलिविजन चैनलों को आकर्षक कीमत पर पेश किया जाएगा।

नेटवर्क18 के अधिग्रहण के बारे में बोलते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चैयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा, “यह हमें अलग बनाने और दूरसंचार, वेब व डिजिटल वाणिज्य और मीडिया के अनूठे संगम पर हमारे 4G व्यापार को मजबूत बनाने का काम प्रीमियर डिजिटल प्रोपर्टिज़ के ज़रिए करेगा।” अंबानी आरआईएल की 40वीं सालाना आमसभा में बोल रहे थे।

Mukesh_Ambaniटेलिविजन कारोबार में आरआईएल के टीवॉ18 के मनोरंजन और न्यूज़ चैनल जैसे कलर्स, एमटीवी, वीएच1, निक, कॉमेडी सेंट्रल, सीएनएन आईबीएन, आईबीएन7, सीएनबीसी टीवी18, आवाज़ और आईबीएन लोकमत शामिल हैं। ईटीवी के चैनल भी कंपनी के अंतर्गत आ गए हैं। रिलायंस जियो अन्य ब्रॉडकास्टरों के साथ कंटेट के सौदे कर रहा है।

अंबानी अपनी आईपीएल फ्रेंचाइज़ी मुंबई इंडियंस और आईएमजी के साथ संयुक्त उद्यम के माध्यम से खेल के कारोबार में भी मौजूद हैं। हालांकि वह खेल ब्रॉडकास्टिंग में अनुपस्थित हैं। पर यह एजेंडे का हिस्सा बन सकता है।

आरआईएल की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, “जियो शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, वित्तीय सेवाओं, सरकार-नागरिक इंटरफेस और मनोरंजन के विभिन्न डिजिटल डोमेन में राष्ट्रीय हित में विस्तार करेगा।

एक पूरा फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क देश भर में बनाया जा रहा है इस संदर्भ में परिचालन के पैमाने पर भारत में बिज़नेस के इतिहास में यह अभूतपूर्व है। अन्य टेक्नोलॉजी के अलावा जियो लोगों के घरों तक फाइबर का उपयोग करके पहुंचेगा। उसने पहले से ही देश के कई इलाकों में वाईफाई सक्रिय कर दिया है।

जियो के 10,000 से अधिक पूर्णकालिक कर्मचारी हैं और साथ दुनिया भर से भागीदारों और विक्रेताओं के लगभग 30,000 पेशेवर लोग इस काम में लगे हैं।

अंबानी ने कहा, “इसके अलावा इस नेटवर्क के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचे को तैयार करने में देश भर से एक लाख से अधिक लोग जुटे हुए हैं। वे दुनिया का सबसे बड़े ब्रॉडबैंड नेटवर्क के निर्माण को लेकर भावुक हैं। रिलायंस जियो भारत में सबसे ज़्यादा नौकरी देने वाला और धन का निर्माण करना वाले सबसे बड़े व्यवसायों में से एक हो जाएगा।”

योजना के अनुसार नेटवर्क और ब्रॉडबैंड सेवाएं देशव्यापी होंगी। शुरुआत में देश के सभी राज्यों, शहरी भारत के 5,000 कस्बों व शहरों और भारत के 2,15,000 से अधिक गांवों की लगभग 90 प्रतिशत से अधिक आबादी को शामिल किया जाएगा। अंततः यह नेटवर्क देश में 6,00,000 से अधिक गांवों में हर जगह उपलब्ध होगा।

कंपनी कई शहरों में अगस्त में विस्तृत फील्ड परीक्षण शुरू करने की योजना बना रही है। अंबानी ने कहा, “ये परीक्षण 2014 के अंत और 2015 की शुरुआती महीनों तक जारी रहेंगे। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हम सब कुछ भविष्य के माफिक और विश्व स्तर का पेश करें।”

उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2015 में भारत भर में रिलायंस जियो को चरणबद्ध तरीके से लांच किया जाएगा। उनका कहना था, “दसियों लाख ग्राहक अपने दैनिक जीवन में डिजिटल प्लेटफार्म और सेवाओं का उपयोग शुरू कर चुके होंगे। इस 70,000 करोड़ रुपए की पहल से बनाए गए भारी मूल्य के परिणामों का असर तब सामने आने लगेगा। इस मूल्य सृजन 1.25 अरब भारतीयों के आधार पर होगा। यह डिजिटल अर्थव्यवस्था में हमारे समाज के सभी वर्गों को शामिल करने का रोमांचक अवसर पेश करेगा।”

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की सालाना आमसभा को संबोधित करते हुए अंबानी ने कहा कि कंपनी का विज़न और रिलायंस जियो का लक्ष्य व्यापक स्तर पर पहुंचने का है। उनके शब्दों में,  “सभी नागरिकों को आधार ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के साथ-साथ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर व डिजिटल सेवाओं में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में काफी कुछ जोड़ने की सामर्थ्य है। इससे द्वितीयक व तृतीयक क्षेत्र के नए व अभिनव डिजिटल उद्यमों व सेवाओं में लाखों नए उद्यमियों व रोज़गार के अवसर उभरने की उम्मीद है।”

उन्होंने आगे कहा कि उनका मकसद एकदम तलहटी पर मौजूद सभी भारतवासियों को हर जरूरी सूचना पहुंचा देने का है।  अंबानी ने कहा, “रिलायंस जियो वह भविष्य है जिसे रिलायंस आनेवाली पीढ़ियों के लिए बना रही है। उन्हें दुनिया में सर्वश्रेष्ठ की बराबरी वाली सेवा पाने का हक है, चाहे वो शिक्षा हो, हेल्थकेयर हो या अपने परिवारों के लिए सुरक्षा।”

रिलायंस जियो शहरी व ग्रामीण इलाकों में डेटा ट्रैफिक और सभी तबकों के व्यक्तियों, सरकारों, धंधों और उद्यमों के लिए डेटा पर आधारित एप्लीकेशंस की विशाल मात्रा का भरपूर उपयोग करेगी। वो हर सूचना और डेटा को पूरी अहमियत देगी।

तो, केबल ऑपरेटरों! हो जाओ सावधान। मुकेश अंबानी आ रहे हैं और वे कहते हैं, “रिलायंस जियो आरआईएल का सबसे परिवर्तनकारी बिजनेस हो जाएगा।”