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ज़ी एंटरटेनमेंट के तमिल जीईसी की विकास गाथा बढ़ी कैसे-कैसे

मुंबई: संघर्ष के लगभग आठ साल बाद, ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ज़ेडईईएल) ने अंततः तमिल बाज़ार में अपना मंत्र पा लिया लगता है।

TP-5X5सन टीवी का वर्चस्व अब भी बरकरार है। लेकिन ज़ी तमिल की वृद्धि से स्टार इंडिया का विजय टीवी प्रभावित हुआ है। तीन महीने से ज़ी का तमिल भाषा का सामान्य मनोरंजन चैनल (जीईसी) नंबर 2 की स्थिति पर पहुंचा हुआ है।

12 महीने पहले 70 जीआरपी वाले चैनल होने से 350 जीआरपी तक पहुंच कर, ज़ी तमिल ने वास्तव में एक लंबा सफर तय किया है।

विजय टीवी ने एक लंबे समय से सन टीवी के एक विकल्प के रूप में दर्शकों के मन पर कब्जा कर रखा था, इसलिए ज़ी तमिल की उपलब्धि महत्वपूर्ण हो जाती है।

Siju-Prabhakaran-Business-Head-Zee-Tamilसन टीवी को तमिल में अपने मज़बूत फिक्शन कंटेंट के बूते पर बड़े पैमाने पर लोकप्रियता मिली है, वहीं विजय टीवी फिक्शन और नॉन-फिक्शन कंटेंट के मोहक मिश्रण के साथ प्रीमियम क्षेत्र पर कब्जा किए हुए था।

ज़ी तमिल के बिज़नेस हेड सिजु प्रभाकरण ने टेलिविज़न पोस्ट को बताया, “एक बहुत लंबे समय तक तमिल बाज़ार में यथास्थिति बनी रही। हमने उसे बदल दिया है। 12 महीने पहले हम एक 70 ज़ीआरपी वाले चैनल थे। हमने पिछले चार सप्ताह से औसतन 350 ज़ीआरपी का आंकड़ा पार कर लिया है। शहरी इलाके में, हमें 400 ज़ीआरपी की रेटिंग मिलना शुरू हो गई है। हम लगभग एक तिमाही से नंबर 2 बने हुए हैं।”

कंटेंट की रणनीति

प्रभाकरण ने बताया कि ज़ी तमिल के चौंकाने वाले विकास के पीछे उसका अनूठा और अलग तरह का कंटेंट है। गैर-फिक्शन कंटेंट, चैनल के लिए विकास का एक बड़ा खंभा साबित हुआ है। फिक्शन ने भी इस विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नए दर्शकों से सैम्पलिंग के लिए सिनेमा का रणनीतिक इस्तेमाल किया गया।

KILLADIES-5x5प्रभाकरण ने कहा, “हमारा विकास पिछले 12 महीनों में कंटेंट की पहल के बल पर मुख्य रूप से हुआ है। हमें नॉन-फिक्शन कंटेंट से 200 ज़ीआरपी, 130 से 140 ज़ीआरपी फिक्शन कंटेंट के माध्यम से और फिल्मों के माध्यम से 10 से 15 ज़ीआरपी मिलती है।”

किसी भी अन्य ज़ीईसी की तरह, ज़ी तमिल का सप्ताह के दौरान फिक्शन कंटेंट है और सप्ताहांत में नॉन-फिक्शन कंटेंट है।

चैनल के लिए बड़े शो ‘मिस्टर एंड मिसेज़ खिलाड़ी’, ‘जूनियर सुपरस्टार’ और ‘डांस जोड़ी डांस’ हैं। तीनों शो गैर फिक्शन जॉनर में हैं और सप्ताहांत के दौरान प्रसारित किए जाते हैं। चैनल के लिए एक अन्य प्रमुख गैर फिक्शन शो ‘सोल्वाथेलम उन्मई’ है, जो सप्ताह के दौरान प्रसारित होता है। यह इकलौता नॉन-फिक्शन शो है जो सप्ताह के दौरान प्रसारित होता है।

प्रभाकरण ने कहा, “हमारे चैनल पर अलग तरह का कंटेंट है। हमारे गैर-फिक्शन शो नए जॉनरों में थे। हमारे कंटेंट में ताज़गी का तत्व था। हम वो पेश कर रहे थे जो बाकी प्लेयर नहीं कर रहे थे।”

DJDफिक्शन शो में ‘थलयनाई पुक्कल’, ‘इनिया इसु मलरगल’ (‘कुमकुम भाग्य’ का डब किया गया संस्करण) और ‘लक्ष्मी वंथचु’ शामिल है।

ज़ी तमिल के लिए खेल बदलने वाला शो, सेलिब्रिटी जोड़ों वाला एक रियलिटी शो ‘मिस्टर एंड मिसेज़ खिलाड़ी’ का लॉन्च रहा। हालांकि, ‘जूनियर सुपरस्टार’ ने चैनल को नंबर 2 की स्थिति में पहुंचाया। यह ज़ी टीवी के रियलिटी शो ‘इंडियाज बेस्ट ड्रामेबाज़’ पर आधारित है। प्रभाकरण ने कहा, “‘यह बाज़ार में सबसे लोकप्रिय गैर फिक्शन शो में से एक है और हमें यह 5.5 की टीवीआर देता है।”

विकास की गति जारी रखने के लिए, ज़ी तमिल ने ‘डांस जोड़ी डांस’ लॉन्च किया, जो एक सेलिब्रिटी और आम आदमी के जोड़े का डांस शो है जिसमें गौतमी, नेहा और सुधा चंद्रन जज रहे।

प्रभाकरण ने बताया, “इन तीन शो ने हमारे नॉन-फिक्शन में दर्शक संख्या प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पिछले 12 महीनों में इन शो को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया गया।”

SEUजहां तक फिक्शन कंटेंट का संबंध है, चैनल की रणनीति मौजूदा शो के बल पर मज़बूती लाने की रही, न कि पूरी तरह से सुधार की। उन्होंने कहा, “फिक्शन में, हमारे पास ‘इनिया इरु मलरगल’ है, जो ‘कुमकुम भाग्य’ का डब किया गया संस्करण है। उसके अलावा हम अपना मूल फिक्शन कंटेंट भी चाहते थे।

‘थलयनई पुक्कल’ एक शो है जिसने दर्शकों के बीच, और रेटिंग में हलचल पैदा कर दी है। हमने फिक्शन कंटेंट में पूरी तरह से बदलाव नहीं किया।”

चैनल ने नए शो के साथ अपने कंटेंट लाइन-अप में बढ़ोतरी की है जो कि दिसंबर में शुरू होने की उम्मीद है। यह फिक्शन क्षेत्र में एक और फिक्शन शो ‘डार्लिंग डार्लिंग’ और गैर फिक्शन में ‘सारेगामापा लिटिल चैम्प्स’ लॉन्च करेगा।

प्रभाकरण ने कहा, “हमारे पास कई मज़बूत प्रोग्राम हैं। चालू वित्त वर्ष की तीसरी और चौथी तिमाही में ये आ रहे हैं। इसके पीछे रणनीति हमारी स्थिति को मज़बूत बनाने और विकसित होने की है।”

सप्ताह के दौरान की 22.5 घंटों की प्रोग्रामिंग और सप्ताहांत की 10 घंटे की प्रोग्रामिंग सहित सप्ताह भर की 32.5 घंटे की प्रोग्रामिंग ज़ी तमिल के पास है। सप्ताह के दौरान प्राइम टाइम शाम 6 बजे से शुरू होता है और रात 10.30 बजे तक चलता है। सप्ताहांत में नॉन-फिक्शन शो शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक प्रसारित होते हैं।

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ज़ी तमिल का मूल लक्षित समूह

चैनल का मूल लक्षित समूह 25 साल के ऊपर की महिलाओं का है। इसमें विजय टीवी की तरह शहरी दर्शकों के प्रति रुझान थोड़ा ज्यादा है। शहरी झुकाव ज़ी तमिल की पोजिशनिंग को प्रीमियम बना देता है। चैनल के मुख्य बाज़ार चेन्नई, मदुरई, त्रिची व कोयम्बटूर हैं।  तमिलनाडु के बाहर बेंगलुरू भी चैनल के लिए महत्वपूर्ण बाज़ार है क्योंकि वहीं तमिल बोलनेवाली अच्छी-खासी आबादी रहती है।

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वैसे, प्रभाकरण मानते हैं कि ज़ी तमिल ग्रामीण दर्शकों के लिए भी उतना ही काम का है, जितना शहरी दर्शकों के लिए। उनके अनुसार, ग्रामीण दर्शक कंटेंट की खपत में शहरी दर्शकों का अनुसरण करते हैं। चैनल के प्रमुख का कहना है, “हमारी पोजिशनिंग की जड़ हमारे मूल उपभोक्ताओं में है और वो उनसे जुड़ी है। हम अपने कंटेंट को डिजाइन करते वक्त इन मूल्यों को ध्यान में रखते हैं।”

कितना खेल फिल्मों का

JSSफिल्में ज़ी तमिल की कंटेंट पेशकश का बड़ा हिस्सा नहीं हैं। वे बताते हैं, “हम चाहते हैं कि फिल्में इस चैनल की पहुंच बनाने की भूमिका निभाएं। हम फिल्मों का उपयोग नए दर्शकों द्वारा अपने चैनल की ज्यादा सैम्पलिंग कराने में करते हैं।”

वैसे भी ज़ी तमिल फिल्म खरीदने में आक्रामक नहीं रहा है। लेकिन चैनल प्रमुख मानते हैं कि इस क्षेत्र में विकास की पर्याप्त गुंजाइश है।

उनका कहना है, “निकट भविष्य में फिल्म चैनल लॉन्च करने की हमारी योजना नहीं है। लेकिन हम भविष्य में अपने नेटवर्क को विकसित करना चाहते हैं। हम भविष्य में इन जॉनरों में अपनी मौजूदगी बनाना चाहते हैं।”

विज्ञापन आय

प्रभाकरण के मुताबिक, ज़ी तमिल की विज्ञापन आय तीन गुना बढ़ गई है। वे मानते हैं कि ज़ी तमिल बाजार का एक वैकल्पिक खिलाड़ी है और उस पर रिटेल विज्ञापनदाताओं में भारी वृद्धि हो सकती है। हालांकि, अभी तक कॉरपोरेट विज्ञापनदाता चैनल की आय का मुख्य आधार बने हुए हैं।

जो बात प्रभाकरण को खासतौर पर उत्साहित करती है, वो यह है कि विज्ञापनदाता चैनल को एक प्रीमियम उत्पाद के रूप में देखते हैं। उनका कहना है, “हम धारणा और वास्तविक संख्या के मामले में एक विकल्प बन चुके हैं। हम विजय टीवी से 100 जीआरपी आगे चल रहे हैं। यही कारण है कि हम रेटिंग को तवज्जो देनेवाले कॉरपोरेट विज्ञापनदाताओं के बीच बेहतर स्थिति में हैं। हमारे पास रिटेल क्लाएंट भी आ रहे हैं क्योंकि हमारे फिक्शन शो अच्छी काम कर रहे हैं। हमें रिटेल विज्ञापनदाताओं में वृद्धि की उम्मीद है।”

ज़ी तमिल पर अधिकांश विज्ञापनदाता एफएमसीजी ब्रांड हैं, जबकि रिटेल विज्ञापन देनेवालों में ज्वैलर, टेक्सटाइल, रियल एस्टेट व शैक्षिक संस्थान शामिल हैं।

डिस्ट्रीब्यूशन

राज्य में भले ही डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम (डैस) को लागू करने में अभी तक रफ्तार न आई हो, लेकिन ज़ी तमिल के लिए डिस्ट्रीब्यूशन कोई बड़ा मुद्दा नहीं रहा है। राज्य में केबल टीवी सबसे प्रमुख प्लेटफॉर्म है और डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) का तंत्र शहरी इलाकों में ही थोड़ी जगह बना पाया है। विजय टीवी की पहुंच ज़ी तमिल से ज्यादा हो चुकी है। लेकिन प्रभाकरण को उम्मीद है कि आगे इस विसंगति को दूर कर लिया जाएगा।

प्रभाकरण का मानना है कि काम अभी तक केवल आधा ही हुआ है और चैनल के आगे बढ़ने की भारी संभावनाओं को पकड़ना अभी बाकी है।