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नोटबंदी के बीच बढ़ रहा है विज्ञापन को रोकने, टालने या घटाने का डर

विक्रम सखूजा का कहना है, “नवंबर पर असर पड़ा है। देखना है कि दिसंबर कैसा जाता है। ब्रॉडकास्टरों के साथ मिलकर राह निकाली जा रही है।” शशि सिन्हा कहते हैं कि कुछ विज्ञापनदाता 30-40 दिन इंतज़ार कर सकते हैं। रोहित गुप्ता व आशीष सहगत मानते हैं कि माहौल में अनिश्चितता छा गई है।

नई कंटेंट रणनीति के माध्यम से ज़ी क्लासिक की नज़र लगी विकास पर

ज़ी क्लासिक हिंदी सिनेमा के हर दशक के लिए पांच अलग-अलग प्रोग्रामिंग स्लॉट की शुरुआत कर रहा है। चैनल, ज़ी हिंदी फिल्म क्लस्टर में 15% का योगदान देता है।

ज़ी अनमोल सिनेमा के साथ एफटीए हिंदी मूवी जॉनर में उतरी ज़ी एंटरटेनमेंट ने

ज़ी एंटरटेनमेंट ने अपने एफटीए हिंदी मूवी चैनल ज़ी अनमोल सिनेमा का सॉफ्ट लॉन्च कर दिया है। नया चैनल ज़ी अनमोल ब्रांड का एक विस्तार है जो एक एफटीए हिंदी जीईसी के रूप में काम कर रहा है।

आशीष सहगल ज़ी यूनिमीडिया के सीओओ, भास्कर दास बनाए गए प्रेसिडेंट

आशीष सहगल ज़ी एंटरटेनमेंट की नई सब्सिडियरी ज़ी यूनिमीडिया लिमिटेड के सीओओ होंगे। प्रसारण, डिजिटल और प्रिंट माध्यम में बिक्री के मौके तलाशने की उनकी ज़िम्मेदारी होगी।

टीवी रेटिंग प्रणाली का नया दौर और अब जमने लग गया बीएआरसी का सिक्का

अब जबकि टीवी रेटिंग एजेंसी के रूप में टैम मीडिया रिसर्च ने अपने वजूद का अंतिम संस्कार करने जा रही है, तब भारतीय ब्रॉडकास्ट क्षेत्र के नए विज्ञापन मूल्य निर्धारण मॉडल की तरफ बढ़ने के संकेत बहुत पुख्ता होने लगे हैं। उद्योग को अपेक्षा है कि बीएआरसी डेटा पर सौदों की प्रकिया अब तेज़ हो जाएगी।

हिंदी फिल्म चैनलों पर छाई बहार साल 2015 में, विज्ञापन आय में हुई दहाई अंकों की वृद्धि

हिन्दी फिल्म जॉनर ने 2015 में विज्ञापन आय में दहाई अंक की अच्छी-खासी वृद्धि हासिल की है। इसमें बीएआरसी डेटा के आने और बड़े ब्रॉडकास्ट नेटवर्कों द्वारा शुरू किए गए दूसरे नंबर के चैनलों के विकास से मदद मिली। एलसी1 बाज़ारों को भी लक्षित कई चैनल लॉन्च किए गए।

अंग्रेज़ी चैनलों की विज्ञापन आय साल 2015 में अच्छी-खासी बढ़ी

अंग्रेज़ी फिल्म व मनोरंजन चैनलों द्वारा 2015 में करीब 700 करोड़ रुपए की विज्ञापन आय हासिल करने का अनुमान है। यह साल भर पहले से 15 से 20% ज़्यादा है। अंग्रेज़ी फिल्म चैनलों ने करीब 500 करोड़ की विज्ञापन आय अर्जित की है। बाकी आय मनोरंजन चैनलों को मिली है।

बीएआरसी का ग्रामीण डेटा आने से क्या चार चांद लग जाएंगे एफटीए चैनलों की विज्ञापन आय में

ग्रामीण टेलिविज़न दर्शकों के आंकड़ों के आने से इस धारणा को बल मिला है कि ग्रामीण भारत में एफटीए चैनलों की अच्छी-खासी पकड़ है। हिंदी जीईसी जॉनर में शीर्ष के 10 चैनलों में तीन एफटीए चैनलों के साथ-साथ डीडी नेशनल में भी एंट्री ले ली है। क्या इससे एफटीए चैनलों की चांदी हो जाएगी?

‘विज्ञापन के दाम में अगली वृद्धि तब होगी जब उद्योग बीएआरसी के डेटा पर सौदे करने लगेगा’

आशीष सहगल का कहना है कि बीएआरसी डेटा के जमने के बाद उद्योग अपने मूल्य निर्धारण मॉडल को फिर से समायोजित करेगा। वहां तक पहुंचने से पहले अभी तो विज्ञापन जीआरपी मॉडल पर नहीं, बल्कि मूल्य निर्धारण शक्ति के दम पर बेचा जा रहा है। उन्होंने ज़ेडईईएल की विज्ञापन वृद्धि की संभावना, क्षेत्रीय बाजारों के व्यवहार और उदयोग के अंततः सीपीटी मॉडल अपनाने पर भी बात की।

ज़ी एंटरटेनमेंट ने इस साल विज्ञापन आय में 30% वृद्धि का लक्ष्य साधा

ज़ी एंटरटेनमेंट ने चालू वित्त वर्ष में ई-कॉमर्स, ऑटो व एफएमसीजी कंपनियों के बढ़ते खर्च के चलते अपने गैर-खेल बिजनेस से 30% ज्यादा विज्ञापन आय मिलने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्य मौजूदा चैनलों की आय 16-18 प्रतिशत बढ़ेगी। वहीं, एंड टीवी और ज़िंदगी जैसे नए चैनलों का फायदा मिलेगा। यह कहना है कंपनी के मुख्य बिक्री अधिकारी आशीष सहगलत का।