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आईबीएफ ने ब्रॉडकास्ट व कंटेंट वितरण को इंफ्रास्ट्रक्चर मानने की वकालत की

वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ नई दिल्ली में 26 नवंबर को बजट-पूर्व चर्चा में इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन और अन्य हितधारकों ने दलील दी है कि ब्रॉडकास्टिंग व कंटेंट डिस्ट्रीब्यूशन क्षेत्र को ‘इंफ्रास्ट्रक्चर’ का दर्जा दे दिया जाना चाहिए।

बजट से आईबीएफ निराश, ब्रॉडकास्टिंग क्षेत्र की मांगों को सरकार ने अनदेखा किया

इन मांगों में ब्रॉडकास्टिंग को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा देना, सेवा उद्योग की तरह समामेलन या विलय की स्थिति में घाटे को आगे ले जाने की सुविधा मिलना और ट्रांसपोंडर के किराया शुल्क के सिलसिले में विदहोल्डिंग टैक्स से जुड़ी रॉयल्टी की परिभाषा शामिल है।

आईबीएफ ने डिजिटलीकरण के वास्ते टीवी उद्योग के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा मांगा

आईबीएफ ने क्रेंद सरकार से आग्रह किया है कि वो डिजिटलीकरण के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए डीटीएच व केबल टीवी क्षेत्र समेत पूरे ब्रॉडकास्टिंग उद्योग को ‘इंफ्रास्ट्रक्चर’ का दर्जा दे दे। वित्त मंत्रालय के साथ बजट-पूर्व चर्चा में इसके साथ और भी मांगे पेश की गईं।

टीवी पर ‘ए’ या ‘यू/ए’ रेटेड फिल्में न दिखाने के सीबीएफसी के फैसले से प्रसारक परेशान

टीवी के लिए फिल्मों के पुनः प्रमाणन को नामंज़ूर कर देने के सीबीएफसी के फैसले से ब्रॉडकास्टरों को परेशानी होने लगी है। फिल्म निर्माताओं को यह भी डर है कि सैटेलाइट अधिकारों की बिक्री रुक जाने से उनकी आय प्रभावित होगी।