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दक्षिण भारत के टीवी बाज़ार की खासियत व लटके-झटके अलग हैं हिंदी बाज़ार से

दक्षिण भारत में केवल सुबह के घंटों के दौरान एचएसएम की तुलना में अधिक दर्शक संख्या है। वहां हिंदी भाषी बाज़ार की तुलना में पहले टीवी देखना बंद कर देते हैं। फूड व बेवरेज दक्षिणी बाज़ार में केरल की वजह से सबसे ज्यादा देखी जानेवाली विज्ञापित श्रेणी है।

नेटफ्लिक्स और अमेज़ॉन प्राइम को फीस बढ़ाने में आएगी मुश्किल: अध्ययन रिपोर्ट

जीएफके की नई रिपोर्ट के मुताबिक नेटफ्लिक्स, अमेज़ॉन प्राइम और हुलु के सब्सक्राइबर पहले से ही महीने की उतनी अधिकतम फीस दे रहे हैं या भुगतान कर रहे हैं जितने दाम की लायक उन्हें ये सेवाएं लगती हैं।

टेलिविज़न का अंत आता जा रहा है नज़दीक: एक्सेंचर

दुनिया भर में विभिन्न प्रकार के मीडिया में टीवी ही एकमात्र उत्पाद श्रेणी है जिसके उपयोग में दो अंकों की गिरावट आई है। वीडियो कंटेंट देखने के लिए लोग इसकी जगह लैपटॉप, डेस्कटॉप, टैबलेट और स्मार्टफोन ले रहे हैं।

आगरा में कैरेज़ फीस का घनचक्कर

आगरा में कैरेज़ से अच्छी कमाई हो जाती थी तो एमएसओ ने सब्सक्रिप्शन आय जुटाने के मामले में ढिलाई बरती। टेलिविज़न पोस्ट के अनुमान के मुताबिक डैस से पहले वहां सालाना कैरेज़ आय 20 करोड़ रुपए हुआ करती थी। डैसे के बाद यह 15 करोड़ रुपए पर आ गई। अब स्टार के रियो ने मामले को और उलझा दिया है।

आगरा की डिजिटल राह पर हर तरफ खड्ढे, भरें भी तो कैसे!

आगरा देश में डैस के सबसे वाहियात बाज़ारों में से एक है। वित्त वर्ष 2013-14 में सी टीवी की आय का 82% हिस्सा रिसीवेबल्स में था। शहर में कार्यरत सभी एमएसओ के लिए एलसीओ से समय पर रकम जुटाना बहुत दुरूह है। हैथवे ने वहां डैस को अनिवार्य बनाने के बाद जून 2013 में कदम रखा।

वीडियोकॉन डी2एच, टाटा स्काई ने क्रिकेट विश्व कप से पहले लॉन्च किए 4के बॉक्स

वीडियोकॉन डी2एच का 4के एसटीबी उसके मौजूदा ग्राहकों को 6590 रुपए और 5990 रुपए में मिलेगा। वहीं टाटा स्काई नया कनेक्शन 6400 रुपए में देगा, जबकि मौजूदा सब्सक्राइबरों के लिए दाम 5900 रुपए है।

आइए खोलते हैं तार-दर-तार 4के अल्ट्रा एचडी टीवी के

भारत में वीडियोकॉन डी2एच और टाटा स्काई ने पहले ही चालू साल 2014 के अंत या अगले साल के शुरू तक यूएचडी सेट-टॉप बॉक्स लाने का इरादा घोषित कर दिया है। सवाल उठता है कि 4के टेक्नोलॉज़ी है क्या और बाज़ार इसके लिए कितना तैयार है? हम बता रहे हैं इसे वीडियोकॉन डी2एच की योजनाओं के ज़रिए।

डिजिटल टीवी रिसर्च का अनुमान, भारत में 2020 तक सैटेलाइट टीवी आय होगी तिगुनी

साल 2020 में 138 देशों में सैटेलाइट टीवी की सम्मिलित आय 99.9 अरब डॉलर हो जाने का अनुमान है। इसमें सबसे ज्यादा 3.2 अरब डॉलर का योगदान भारत का होगा।

प्रति ग्राहक औसत आय और इंदौर के बाज़ार का आकार

इंदौर में शुद्ध ग्राहक एआरपीयू 170 रुपए महीना है, जबकि केबल ऑपरेटरों द्वारा एकत्र की जा रही सालाना सब्सक्रिप्शन आय 62 करोड़ रुपए और ब्रॉडकास्टरों द्वारा दी जा रही कैरेज़ फीस 20 करोड़ रुपए है। टेलिविज़न पोस्ट ने अपनी रिसर्च में अमीर-गरीब की खाईं में बटे इस शहर में एमएसओ और एलसीओ के रंगढंग की भी कायदे से पड़ताल की है।

न्यूज़ चैनलों को बिजनेस मॉडल में करनी पड़ेगी बड़ी उलटफेर

विज्ञापन की कम दरों और ज्यादा इनवेंटरी खपत के दलदल में फंसे न्यूज़ चैनलों के सामने अब कोई राह नहीं बची है। उन्हें हाल-फिलहाल तो दिल्ली हाईकोर्ट से तात्कालिक राहत मिली हुई है। लेकिन अगर कोर्ट का फैसला 12 मिनट की विज्ञापन सीमा के पक्ष में आता है तो उन्हें अपने बिजनेस मॉडल में जबरदस्त उलटफेर करनी पड़ेगी। टेलिविज़न पोस्ट की रिसर्च रिपोर्ट।