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नोटबंदी के बीच बढ़ रहा है विज्ञापन को रोकने, टालने या घटाने का डर

विक्रम सखूजा का कहना है, “नवंबर पर असर पड़ा है। देखना है कि दिसंबर कैसा जाता है। ब्रॉडकास्टरों के साथ मिलकर राह निकाली जा रही है।” शशि सिन्हा कहते हैं कि कुछ विज्ञापनदाता 30-40 दिन इंतज़ार कर सकते हैं। रोहित गुप्ता व आशीष सहगत मानते हैं कि माहौल में अनिश्चितता छा गई है।

स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टरों का समेकन कैसे प्रभावित करेगा विज्ञापन की दरों को

सोनी टेन स्पोर्ट्स के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरा करने में जुटा है। सवाल उठता है कि इस समेकन से विज्ञापन बिक्री की रणनीति पर क्या असर पड़ सकता है। क्या स्पोर्ट्स प्रॉपर्टीज़ के दाम बढ़ जाएंगे? क्या सोनी और स्टार अपनी स्पोर्ट्स प्रॉपर्टीज़ का बेहतर फायदा उठा पाएंगे? अन्य क्या बदलाव आ सकते हैं?

सोनी ने नौ सालों में कैसे बराबर उठाया आईपीएल की आय का स्तर

सोनी की सबसे मूल्यवान संपत्ति, इंडियन प्रीमियर लीग ने अब तक के आठ संस्करणों से लगभग 5650 करोड़ रुपए कमाए हैं और बाज़ार के अनुमानों के मुताबिक नौवें संस्करण से वो 1100 करोड़ रुपसे से ज्यादा कमा सकती है। सोनी ने आखिर साल-दर-साल कैसे उठाया आईपीएल की आय का स्तर?

बीएआरसी ने खुद नई रेटिंग प्रणाली की परख की, नतीजे कुछ हफ्ते में

क्या बीएआरसी डेटा अस्थिर है? क्यों सतर्कता दस्ते स्थापित किए जा रहे हैं? क्या बीएआरसी को पे-चैनल और एफटीए चैनलों की रिपोर्ट अलग-अलग देनी चाहिए? आला चैनलों के डेटा को क्या चार सप्ताह के औसत पर सूचित किया जाना चाहिए?

‘ब्रॉडकास्टरों को विज्ञापनदाता खींचने के लिए ग्रामीण कंटेंट पर ध्यान देना होगा’

शशि सिन्हा, विक्रम सखूजा और अनुप्रिया आचार्य ने विज्ञापन के परिदृश्य पर अपनी राय साझा की है। एक राय यह है कि ब्रॉडकास्टरों को ऐसा कंटेंट बनाने की ज़रूरत है जो ग्रामीण बाज़ार को अपील करे। इससे विज्ञापन देनेवाले आकर्षित होंगे और विज्ञापन का पूरा फलक बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कलर्स के सीईओ राज नायक को चुना गया एडवर्टाइजिंग क्लब का प्रमुख

एडवर्टाइजिंग क्लब ने मुंबई में आयोजित अपनी सालाना आमसभा में कलर्स के सीईओ राज नायक को अपना प्रमुख निर्वाचित किया है। वहीं, ज़ी मीडिया कॉरपोरेशन ग्रुप के सीईओ भास्कर दास को क्लब का उप-प्रमुख चुना गया है।

बीएआरसी की रेटिंग के आंकड़े आने पर छाए हैं अनिश्चितता के बादल

बीएआरसी द्वारा दूसरे हफ्ते के लिए टेलिविजन दर्शकों की संख्या के आंकड़े जारी करने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। पुनीत गोयनका का कहना है, “बीएआरसी ने पंजीकरण के लिए पिछले साल नवंबर में ही आवेदन कर दिया था। लेकिन, हमें दर्शकों की संख्या के आंकड़े जारी करने पर फिलहाल देखना पड़ेगा कि आगे क्या होता है।”

बार्क की पहली नज़र: चैनलों के अनुक्रम में कोई तब्दीली नहीं

बीएआरसी ने ब्रॉडकास्टरों, विज्ञापनदाताओं व विज्ञापन एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों की संयुक्त बैठक में सबसे हाल के 3-4 हफ्तों के आंकड़ों का रुझान जारी किया। इसे पेश करते हुए शशि सिन्हा ने कहा कि अधिकांश जॉनरों में चैनलों के अनुक्रम में कोई बदलाव नहीं आया है। बार्क के आधिकारिक आंकड़े अगर अप्रैल के अंत तक नहीं आते तो समूचा उद्योग रेटिंग के अंधेरे में डूब सकता है।

बीएआरसी की रेटिंग चरणों में, ग्रामीण व टेरेस्ट्रियल इलाकों के आंकड़े लॉन्च के 3 महीने बाद

शुरुआत में, एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के केबल व सैटेलाइट घरों में किसी चैनल या कार्यक्रम को कितने लोगों से देखा, इसके आंकड़े जारी किए जाएंगे। इसके तीन महीने बाद बीएआरसी ग्रामीण और टेरेस्ट्रियल बाजारों का डेटा भी जारी करना शुरू कर देगी।

अभी की टेलिविज़न रेटिंग प्रणाली से कैसे अलग होगी बीएआरसी की नई प्रणाली

नई उपभोक्ता वर्गीकरण व्यवस्था नई रेटिंग प्रणाली का सबसे बड़ा बदलाव है। यह व्यवस्था घर की क्रय शक्ति या जनसांख्यिकी की बेहतर तस्वीर पेश करेगी। इसी में विज्ञापनदाता की ज्यादा दिलचस्पी होती है। यह कहना है शशि सिन्हा का। दूसरा बड़ा बदलाव यह है कि सैम्पल में पहली बार ग्रामीण भारत को व्यापक स्तर पर शामिल किया गया है।