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अर्नब गोस्वामी ने अलग राह चलने के लिए टाइम्स नाऊ से इस्तीफा दिया

मुंबई: भारत के सबसे बड़े अंग्रेज़ी न्यूज़ एंकर की प्रतिष्ठा हासिल कर चुके अर्नब गोस्वामी ने अपना अलग रास्ता चुनने का फैसला किया है। उन्होंने टाइम्स नेटवर्क के स्वामित्व वाले अंग्रेज़ी न्यूज़ चैनलों – टाइम्स नाऊ और ईटी नाऊ के प्रेसिडेंट व एडिटर-इन-चीफ पद से इस्तीफा दे दिया है।

अंग्रेज़ी न्यूज़ जॉनर के नेता टाइम्स नाऊ का मुख्य चेहरा होने के नाते अर्नब के जाने पर टीवी टुडे व एनडीटीवी जैसे अन्य न्यूज़ ब्रॉडकास्टरों की बारीक नज़र रहेगी। बताया जा रहा है कि अर्नव टीवी न्यूज़ की दुनिया में ही एक अलग उद्यमग शुरू करने जा रहे हैं। साथ ही डिजिटल क्षेत्र में भी वे अपनी धमक बनाएंगे।

Arnabइस्तीफी देने के बाद अर्नब ने कहा, “खेल तो अभी बस शुरू ही हुआ है”। यह शीर्ष पर बिना किसी चुनौती कई साल तक रहे टाइम्स नाऊ का वर्चस्व खत्म हो सकता। इसलिए अर्नब के नए कदम पर बारीकी से नज़र रखी जाएगी।

अर्नब खबरों की प्रस्तुति में एक नई स्टाइल लेकर आए, जो तीखी आवाज़ और शोर के द्वारा जानी जाती है। प्राइमटाइम की खबरों पर बहस अत्यधिक स्वच्छंद हो गई। भारत और पाकिस्तान के बीच जब तनाव बढ़ा तो टीवी-राष्ट्रवाद का उनका नया अंदाज़ सामने आया।

अर्नब ने अपने संपादकीय स्टाफ के साथ एक बैठक में टाइम्स नाऊ के कर्मचारियों को कंपनी से अपने निकलने की सूचना दी।

हालांकि, टाइम्स नेटवर्क या अर्नब की तरफ से इस घटनाक्रम के बारे में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।

उनके आगे के रास्ते को लेकर कई कयास चल रहे हैं। एक कयास यह है कि अर्नब सीरियल उद्यमी राजीव चंद्रशेखर और रूपर्ट मर्डोक की ट्वेंटीफर्स्ट सेंचुरी फॉक्स के साथ मिलकर अंग्रेज़ी न्यूज़ चैनल शुरू करने जा रहे हैं। हालांकि, इसकी पुष्टि स्वतंत्र रूप से टेलिविज़न पोस्ट नहीं कर पाया है।

जब मर्डोक की कंपनी ने एशियानेट कम्युनिकेशंस में बहुमत हिस्सेदारी खरीदी थी, तब चंद्रशेखर और स्टार इंडिया ने आपस में गठबंधन किया था। चंद्रशेखर ने अपने जुपिटर एंटरटेनमेंट वेंचर्स के माध्यम से एशियानेट में हिस्सेदारी खरीदी थी।

अभी तक साफ नहीं है कि ट्वेंटीफर्स्ट सेंचुरी फॉक्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी स्टार इंडिया की दिलचस्पी टीवी न्यूज़ के क्षेत्र में वापस लौटने में होगी या नहीं। कम से कम जब तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा (एफडीआई) और बढ़ाई नहीं जाती है। एफडीआई की सीमा से नाखुश, स्टार इंडिया भारत में टीवी न्यूज़ बिज़नेस से बाहर निकल गया था। सरकार द्वारा यह सीमा 26 प्रतिशत से 49 प्रतिशत तक बढ़ाए जाने पर भी, मर्डोक के नियंत्रण वाली कंपनी ने टीवी न्यूज़ मीडिया के कारोबार में फिर से प्रवेश करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है।

एक और कयास यह है कि अर्नब को मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाले टीवी18 ब्रॉडकास्ट द्वारा लिया जा रहा है। जब अंबानी ने कहा कि वे गोस्वामी का शो देखते हैं और उन्हें “वे काफी पसंद हैं” तो यह अनुमान लगाया गया था कि भारत के सबसे लोकप्रिय टीवी न्यूज़ एंकर टीवी18 ब्रॉडकास्ट में चले जाएंगे।

अर्नब का अगला गंतव्य मौजूदा टीवी न्यूज़ ब्रांडों में नहीं हो सकता। उदाहरण के लिए, एनडीटीवी, पत्रकारिता की जिस शैली को अपनाता है वह अर्नब से पूरी तरह से भिन्न है।

आगे क्या होगा पता नहीं। लेकिन इतना अभी निश्चित तौर पर कहा जा सकता है कि गोस्वामी टीवी न्यूज़ के कारोबार में होंगे, और उसमें उनकी हिस्सेदारी होगी और उनके नए उद्यम की डिजिटल उपस्थिति भी होगी।

अर्नब लगभग एक दशक से टाइम्स नाऊ के साथ रहे और उसकी सफलता के पीछे का सबसे बड़ा कारण बने।

अर्नब ने मंगलवार को अपनी टीम के सदस्यों से कहा कि वे टीवी न्यूज़ में ही रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्र न्यूज़ मीडिया भविष्य में कामयाब होने जा रहा है। अपने भविष्य की योजनाओं के बारे में ज्यादा खुलासा किए बिना, अर्नब ने कहा कि “खेल अभी बस शुरू ही हुआ है”।

अर्नब अपना मीडिया उद्यम लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं जो टीवी व डिजिटल क्षेत्र में होगा। वे हाल ही में मॉलदीव से छुट्टियां मनाकर लौटे हैं।

अर्नब का इस्तीफा टाइम्स नाऊ के लिए निश्चित रूप से बड़ा झटका साबित होगा। 23 जनवरी 2006 को शुरू किए गए, टाइम्स नाऊ को अर्नब के ही इर्दगिर्द बनाया गया है।

पत्रकारिता में अर्नब के आक्रामक रूप ने सुनिश्चित किया कि टाइम्स नाऊ सप्ताह दर सप्ताह नंबर 1 अंग्रेज़ी न्यूज़ चैनल बना रहे। यह कई सालों से शीर्ष पर रहा है।

प्रारंभिक सालों में चैनल दर्शक संख्या पाने के लिए संघर्ष कर रहा था। लेकिन मुंबई में 26/11 के आतंकवादी हमले के कवरेज से चैनल ने दर्शकों को अपने साथ जोड़ लिया था। तब से, अर्नब और चैनल ने पीछे मुड़कर नहीं देखा है।

बाद के सालों में, चैनल ने भारतीय मसलों को आगे रखकर दर्शक संख्या हासिल की, चाहे वह ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों पर नस्लीय हमले हों, या भारत के प्रति अपनी नीति के लिए पाकिस्तान को आड़े हाथों लेना हो।

विवादास्पद मुद्दों पर लोकप्रिय भावना को ध्यान में रखकर अपनाए गए रूख की पत्रकारिता की अर्नब की स्वच्छंद शैली ने यह सुनिश्चित किया कि उसका प्राइमटाइम शो ‘न्यूज़ आवर’ अंग्रेजी न्यूज़ जॉनर में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला शो बना रहे। ‘न्यूज़ आवर’ और ‘फ्रैंकली स्पीकिंग’ ने यह सुनिश्चित किया कि टाइम्स नाऊ अपने प्रतिद्वंद्वियों सीएनएन न्यूज़18, एनडीटीवी 24×7 और इंडिया टुडे टीवी से आगे रहे। फ्रैंकली स्पीकिंग में अर्नब आमने-सामने हाई प्रोफाइल मेहमानों का इंटरव्यू करते थे।

टाइम्स नाऊ, टाइम्स ग्रुप के ब्रॉडकास्ट बिज़नेस का ताज़ है जिसमें अब ईटी नाऊ, मैजिब्रिक्स नाऊ, मूवीज़ नाऊ और रॉमेडी नाऊ भी शामिल है।

अर्नब के बिना, टाइम्स नाऊ की पहली चुनौती एक नए नेतृत्व वाली टीम बनाने की होगी। चैनल को यह भी तय करना होगा कि वह पत्रकारिता के अर्नब ब्रांड को अपनाए या पारंपरिक न्यूज़ फॉर्मैट के रास्ते पर चले।

नेटवर्क में अर्नब का दबदबा स्पष्ट रूप से पिछले साल तब दिखाई पड़ा, जब उन्हें न्यूज़ के प्रमुख और न्यूज़ क्लस्टर के एडिटर-इन-चीफ के रूप में प्रमोट किया गया। न्यूज़ क्लस्टर में टाइम्स नाऊ, ईटी नाऊ और मैजिब्रिक्स नाऊ शामिल हैं।

अंग्रेज़ी न्यूज़ का जॉनर बहुत ही दुर्गम बाज़ार है जहां कई चैनल मौजूद हैं। बिज़नेस मॉडल विज्ञापन आय पर बहुत ज़्यादा निर्भर है जिससे मीडिया घरानों को गुणवत्ता का कंटेंट बनाने और निवेश करने में मुश्किल होती है।