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बालाजी टेलिफिल्म्स ने पांच फिल्मों के राइट्स से 68.25 करोड़ रुपए कमाए, टीवी कंटेंट में दमदार बिजनेस

मुंबई: देश के अग्रणी प्रोडक्शन हाउस, बालाजी टेलिफिल्म्स ने अपनी पांच फिल्मों के सैटेलाइट, ओवरसीज़ व म्यूज़िक राइट्स 68.25 करोड़ रुपए में बेच दिए हैं।

इनमें से भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान अज़हरुद्दीन के जीवन पर बनी ‘अज़हर’ तो स्क्रीन पर आ चुकी है, जबकि बाकी अन्य फिल्में बाद में रिलीज़ की जाएंगी। रिस्क को खत्म करने के बिजनेस मॉडल को अपनाने के क्रम में  बालाजी टेलिफिल्म्स इधर फिल्मों के सिनेमाघरों से लेकर सैटेलाइट राइट्स पहले से ही बेचने लगी है।

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इस समय बालाजी टेलिफिल्म्स की 18 से ज्यादा फिल्में बनने के विभिन्न चरणों हैं। उसने 31 मार्च 2016 को समाप्त वित्त वर्ष में इस सेगमेंट पर 181.22 करोड़ रुपए की पूंजी लगाई है, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में उसने इन पर 83.79 करोड़ रुपए की पूंजी लगाई थी। हालांकि कंपनी को अपने मूवी सेगमेंट में वित्त वर्ष 2015-16 में टैक्स व ब्याज देने से पहले 13.41 करोड़ रुपए का घाटा लगा है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में उसे इससे कम 6.24 करोड़ रुपए का घाटा लगा था।

फिल्मों से कंपनी को इस बार 22.49 करोड़ रुपए की ही आय हुई है, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2014-15 में इस सेगमेंट से हुई आय 109.19 करोड़ रुपए की आय हुई थी। वित्त वर्ष 2014-15 में कंपनी ने ‘मैं तेरा हीरो’, ‘कुक्कू माथुर की झंड हो गई’ और ‘एक विलेन’ जैसी फिल्में रिलीज़ की थी, जबकि आलोच्य वर्ष में उसने केवल एक ही फिल्म रिलीज की है।

वित्त वर्ष 2015-16 में टीवी कंटेंट और स्टैंडएलोन प्रदर्शन

टेलिविज़न प्रोडक्शन बिजनेस के लिहाज से बीता वित्त वर्ष बालाजी टेलिफिल्म्स के लिए शानदार रहा है। वहीं, कंपनी ने 31 मार्च 2016 को समाप्त वित्त वर्ष में स्टैंडएलोन स्तर पर 43.67 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है। पिछले वित्त वर्ष में उसका स्टैंडएलोन शुद्ध लाभ 12.27 करोड़ रुपए ही रहा था।

उसका समायोजित परिचालन लाभ (ब्याज़, टैक्स, मूल्यह्रास व अमोर्टिजेशन से पूर्व लाभ) 41.76 करोड़ रुपए रहा है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष के 12.74 करोड़ रुपए से 228 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, घोषित किया गया परिचालन लाभ 12.74 करोड़ रुपए से 173 प्रतिशत बढ़कर 34.79 करोड़ रुपए हो गया है।

वित्त वर्ष 2015-16 में कंपनी की स्टैंडएलोन आय साल भर पहले के 205.8 करोड़ रुपए से 20 प्रतिशत उछलकर 247.3 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। वर्ष के दौरान कंपनी ने तरजीही आधार पर 150.08 करोड़ रुपए के इक्विटी शेयर आवंटित कर धन जुटाने पर 6.97 करोड़ रुपए का एकमुश्त खर्च किया।

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वित्त वर्ष 2015 उसके कमीशंड प्रोग्रामों की अवधि 1002 घंटों की रही। यह पिछले वित्त वर्ष के 962 घंटों से 4 प्रतिशत अधिक है। इस बार प्रति घंटे की औसत प्राप्ति 24.7 लाख रुपए रही। यह पिछले वित्त वर्ष 2014-15 की प्रति घंटे औसत प्राप्ति 20.9 लाख रुपए से 15 प्रतिशत ज्यादा है।

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इस दौरान बालाजी मोशनल पिक्चर्स में 30 करोड़ रुपए इक्विटी के रूप में निवेश किए गए और आनेवाली फिल्मों के लिए उसे 228.21 करोड़ रुपए का एडवांस दिया गया।

ओटीटी बिजनेस के संकेतक

ऑल्ट डिजिटल मीडिया एंटरटेनमेंट (ऑल्ट) को वित्त वर्ष 2015-16 में 7.73 करोड़ रुपए का परिचालन घाटा (ब्याज, टैक्स, मूल्यह्रास व अमोर्टिजेशन के बाद) हुआ है, जबकि टैक्स के बाद उसका घाटा 7.93 करोड़ रुपए रहा है। इस पर मुख्य खर्च वेतन और अन्य बिजनेस मदों में हुए हैं।

चौथी तिमाही में इस बिजनेस से कंपनी का परिचालन घाटा 5.25 करोड़ रुपए और टैक्स बाद का घाटा 5.37 करोड़ रुपए रहा है।

वित्त वर्ष 2015-16 के समेकित नतीजे

बालाजी टेलिफिलम्स का समेकित शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2015-16 में सिमटकर 2.74 करोड़ रुपए आ गया। इससे पिछले वित्त वर्ष में उसका समेकित शुद्ध लाभ 5.63 करोड़ रुपए रहा था।

वहीं, समेकित स्तर पर उसका समायोजित परिचालन लाभ 12.9 करोड़ रुपए रहा है, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 5.63 करोड़ रुपए था। इस बार उसका घोषित परिचालन लाभ 5.94 करोड़ रुपए है, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2014-15 में यह 6.06 करोड़ रुपए रहा था।

वित्त वर्ष 2015-16 में कंपनी की समेकित आय पिछले वित्त वर्ष के 342.65 करोड़ रुपए से 18 प्रतिशत घटकर 282.79 करोड़ रुपए पर आ गई। पिछले वित्त वर्ष में उसकी आय इसलिए ज्यादा रही थी क्योंकि उसने ‘मैं तेरा हीरो’, ‘कुक्कू माथुर की झंड हो गई’ और ‘एक विलेन’ जैसी फिल्में रिलीज़ की थी, जबकि इस बार उसने मात्र एक फिल्म रिलीज की है।

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तीन शो ऑफ-एयर होने से चौथी तिमाही के स्टैंडएलोन प्रदर्शन पर असर

वित्त वर्ष 2015-16 की चौथी तिमाही में उसके तीन शोज़ ऑफ-एयर हो जाने से बालाजी टेलिफिल्म्स की आय साल भर पहले की समान अवधि के 59.51 करोड़ रुपए से 6 प्रतिशत घटकर 55.73 करोड़ रुपए पर आ गई।

जो शो इस दौरान खत्म हुए, वे हैं – ‘मेरी आशिकी तुम से ही’, ‘इतना करो ना मुझे प्यार’ और ‘प्यार को हो जाने दो’।

मार्च तिमाही में कंपनी की समायोजित परिचालन लाभ 7.24 करोड़ रुपए रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 7.67 करोड़ रुपए रहा था। इस बार उसका घोषित परिचालन लाभ मात्र 27 लाख रुपए रहा है।

बालाजी टेलिफिल्म्स ने साफ किया है कि वित्त वर्ष 2015-16 की चौथी तिमाही में घोषित किया गया परिचालन लाभ तरजीही आधार पर 150.08 करोड़ रुपए इक्विटी शेयरों के आवंटन के जरिए धन जुटाने पर किए गए 6.97 करोड़ रुपए के एकमुश्त खर्च की वजह से इतना कम हो गया है।

इस बार चौथी तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 8.2 करोड़ रुपए है जो पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के शुद्ध लाभ 9.61 करोड़ रुपए से 15 प्रतिशत कम है।

इस बार उसके कार्यक्रमों की कमीशंड अवधि 247 घंटे रही है, जबकि साल भर पहले की समान अवधि में यह 258 घंटे रही थी।

आलोच्य तिमाही में कंपनी की प्रति घंटे औसत प्राप्ति 22.5 लाख रुपए रही है, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2014-15 की चौथी तिमाही में यह 22 लाख रुपए रही थी।

कंपनी ने इस दौरान ऑल्ट डिजिटल मीडिया के लिए 150.08 करोड़ रुपए का धन जुटाने का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया।

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चौथी तिमाही का समेकित प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2015-16 की मार्च तिमाही में बालाजी टेलिफिल्म्स को समेकित स्तर पर 13.28 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ है, जबकि साल भर पहले की समान अवधि में उसे 9.61 करोड़ रुपए का लाभ हुआ था। यह घाटा बालाजी फिल्म्स की स्टैंडएलोन इकाई द्वारा 2.52 करोड़ रुपए का इनकम टैक्स देने का हिसाब लगाने के बाद हुआ है।

वहीं, इस बार कंपनी की समेकित आय साल भर पहले की समान अवधि के 76.94 करोड़ रुपए से 6 प्रतिशत बढ़कर 81.64 करोड़ रुपए हो गई है।

मार्च 2016 की तिमाही में कपनी का समायोजित परिचालन घाटा 11.2 करोड़ रुपए दर्ज किया गया है। पिछले वित्त वर्ष 2014-15 की मार्च तिमाही में उसका समायोजित परिचालन घाटा 9.61 करोड़ रुपए रहा था।

चौथी तिमाही में बालाजी मोशन पिक्चर्स का कामकाज़

चौथी तिमाही में बालाजी मोशन पिक्चर्स की आय पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 10.3 करोड़ रुपए से बढ़कर 18.68 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। इसकी खास वजह तिमाही के दौरान ‘क्या कूल हैं हम 3’ की रिलीज़ है।

इस सेगमेंट से चौथी तिमाही में हुआ परिचालन घाटा 13.35 करोड़ रुपए का रहा है, जबकि साल भर पहले की समान अवधि में उसे 32 लाख रुपए का लाभ हुआ था। वहीं, इस बार शुद्ध घाटा 15.84 करोड़ रुपए रहा है, जबकि साल भर पहले उसे 21 लाख रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था।