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बीएआरसी ने इंडिया न्यूज़ समेत तीन न्यूज़ चैनलों की रेटिंग 4 हफ्तों के लिए रोकी

मुंबई: टीवी रेटिंग एजेंसी ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बीएआरसी) ने कथित तौर पर रेटिंग को प्रभावित करने की कोशिश करनेवाले तीन समाचार चैनलों के खिलाफ कार्रवाई की है।

बीएआरसी ने तय किया है कि वो चार सप्ताह के लिए हिंदी समाचार चैनल इंडिया न्यूज़ और तेलुगू न्यूज़ चैनल टीवी9 और वी6 की रेटिंग प्रकाशित नहीं करेगा।

बीएआरसी को शक है कि इन चैनलों ने अपनी रेटिंग बढ़ाने के उन परिवारों को प्रभावित करने की कोशिश की है जिन्हें उसके द्वारा दर्शकों की संख्या जानने के लिए मॉनिटर किया जाता है।

इन तीन समाचार चैनलों पर आरोप है कि वे ऐसे घरों में रखे कुछ बीएआरसी मीटरों के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे। बीएआरसी के जांच दल ने पाया है कि देश के कुछ हिस्सों से इन तीन चैनलों के दर्शकों के आंकड़ों में कुछ असामान्य पैटर्न देखने को मिल रहा है।

समाचार संगठनों ने इस विकासक्रम आश्चर्य जताया है और कहा है कि इस मसले को सुलझाने और किसी भी गड़बड़ी से निपटने के लिए बीएआरसी से बातचीत कर रहे हैं।

पिछले महीने बीएआरसी और केरल टीवी फेडरेशन (केटीएफ) ने केरल के कुछ लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उन्होंने बीएआरसी के पैनल घरों का पता लगाने और उनको प्रभावित करने की कोशिश की थी।

यह मामला तब दर्ज कराया गया था, जब बीएआरसी इंडिया की सतर्कता टीम को बराबर इस तरह की शिकायतें मिलीं कि बीएआरसी इंडिया के पैनल घरों का पता निकालने की लगातार कोशिश की जा रही हैं ताकि उन्हें प्रभावित किया जा सके। केटीएफ केरल में मलयालम चैनलों का प्रतिनिधित्व करने वाला व्यापारिक निकाय है।

बीएआरसी ने तब कहा था कि उसकी सतर्कता टीमों ने कुछ चैनलों के पक्ष में बीएआरसी इंडिया की टीवी दर्शक पैमाइश प्रणाली को झुकाने के लिए की गई एक से ज्यादा कोशिशों के निर्णायक सबूत जुटा लिए हैं।

बीएआरसी इंडिया के सीईओ पार्थो दासगुप्ता ने फरवरी में सबसे पहले टेलिविज़न पोस्ट के ‘डिजिटाइज़ इंडिया’ सेमिनार में चौंकानेवाला खुलासा किया था कि जब टीवी रेटिंग एजेंसी के मीटर लगाए जा रहे थे, तब परिषद के एक कर्मचारी को पैनल में शामिल घरों का पता बताने के लिए लालच दिया गया था।

दासगुप्ता ने दिल्ली में टेलिविज़न पोस्ट के ‘डिजिटाइज़ इंडिया’ सेमिनार में मुख्य संबोधन करने के बाद डिश टीवी के प्रबंध निदेशक जवाहर गोयल के सवाल का जवाब देते हुए कहा था, “पिछले सात महीनों में चंद शहरों में इस तरह की घटनाएं हुई हैं। जैसे, दस घरों का पता बताने के लिए हमारे एक कर्मचारी को एक लाख रुपए नकद दिए गए और 4 लाख रुपए बाद में दिए जाने थे।”

दासगुप्ता ने एक और उदाहरण दिया था जिसमें टीवी चैनलों के अधिकारियों ने अपने शोज़ को देखने के लिए बीएआरसी पैनल के घरों को रिश्वत देने की कोशिश की। बीएआरसी के सीईओ ने उस वक्त बस इतना बताया था कि यह घटना दक्षिण भारत के एक शहर की है।