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राघव बहल के ब्लूमबर्गक्विंट की पहली बाधा हटी, मिली एफआईपीबी की मंज़ूरी

मुंबई: राघव बहल के टीवी न्यूज़ उद्यम ने एक बड़ी बाधा पार कर ली है। विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) ने क्विंटिलियन बिजनेस मीडिया को अपने इक्विटी शेयर ब्लूमबर्ग को जारी करने की अनुमति दे दी है। उसका यह प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रस्ताव को 13.4 करोड़ रुपए का है।
इससे पहले सरकार कंपनी के एफडीआई प्रस्ताव को बार-बार टालती रही थी।

क्विंटिलियन बिजनेस मीडिया का प्रस्ताव एक बिजनेस न्यूज़ चैनल की अपलिंकिंग व ब्रॉडकास्टिंग शुरू करने का है।

Raghav-Bahl-3कंपनी को अब सूचना व प्रसारण मंत्रालय से लाइसेंस मिलने का इंतज़ार करना पड़ेगा। उसके बाद वो नया बिजनेस न्यूज़ चैनल लॉन्च कर देगी। इसी के साथ राघव बहल की धंधे में वापसी हो जाएगी। करीब ढाई साल पहले मई 2014 को उन्हें अपना टीवी18 ग्रुप मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट को बेचना बड़ा पड़ा था।

बहल का क्विंटलियन मीडिया पहले ही अंग्रेज़ी बिजनेस न्यूज़ चैनल लाने के लिए ब्लूमबर्ग के साथ गठजोड़ कर चुका है। इस चैनल का नाम ब्लूमबर्गक्विंट होगा। ब्लूमबर्गक्विंट का डिजिटल संस्करण वीडियो व लेखों के साथ अपने बीटा स्वरूप में पहले ही लाइव हो चुका है।

खबरें जुटाने का काम भी शुरू हो चुका है। ब्लूमबर्गक्विंट ने महत्वपूर्ण न्यूज़ इवेंट्स को कवर करने के लिए संवाददाताओं की एक टीम मैदान में उतार दी है। इस समय यह न्यूज़ ब्रांड अपने न्यूज़ वीडियो कंपनी के ट्विटर व फेसबुक पेज के अलावा अपने अपने यूट्यूब चैनलों पर भी प्रकाशित कर रहा है।

Bloomberg-Quint-coverसंयुक्त उद्यम ब्लूमबर्गक्विंट में राघव बहल की कंपनी क्विंटिलियन मीडिया की 74 प्रतिशत इक्विटी भागीदारी है, जबकि बाकी 26 प्रतिशत हिस्सा ब्लूमबर्ग के पास है। बहल ने सीएनबीसी टीवी18 के पूर्व सीईओ अनिल उनियाल को चैनल का सीईओ बना दिया है। वहीं, मेनका दोशी इसकी प्रबंध संपादक और प्रिया मुखर्जी इसकी डिस्ट्रीब्यूशन प्रमुख हैं।

जैसी कि टेलिविज़न पोस्ट पहले खबर दे चुका है कि ब्लूमबर्गक्विंट की योजना शुरुआत में इस उद्यम में 100 करोड़ रुपए निवेश करने की है।

एफआईपीबी ने ताज़ा फैसले में राघव बहल के प्रस्ताव को मिलाकर कुल 93.81 करोड़ रुपए के एफडीआई प्रस्तावों को मंज़ूरी दी है।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस को एफआईपीबी की मंजूरी मिल गई है। उसका एफडीआई 44.41 करोड़ रुपए का है। इसके अंतर्गत वो भारत में एक डब्ल्यूओएस स्थापित करेगी। इस उद्यम की शुरुआती अधिकृत व चुकता शेयर पूंजी एक लाख रुपए की होगी।

एफडीआई प्रस्ताव के मुताबिक, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस कई चरणों में अनिवार्यतः परिवर्तनीय प्रेफरेंस शेयरों, अनिवार्यतः परिवर्तनीय डिबेंचरों और इक्विटी शेयरों को सब्सक्राइब करने के ज़रिए देश में पूंजी निवेश करेगी।

वहीं, एफआईपीबी जेसी डिकॉक्स एडवर्टाइजिंग इंडिया और पैनाशिया पब्लिशिंग के विदेशी निवेश प्रस्ताव टाल दिए हैं।

जेसी डिकॉक्स एडवर्टाइजिंग इंडिया विदेशी स्वामित्व वाली एक मौजूदा कंपनी है जो इस समय आउट-ऑफ-होम (ओएचएच) विज्ञापन के कारोबार में सक्रिय है। उसने सरकार से टेलिकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर सेवा प्रदाता के रूप में दूरसंचार क्षेत्र में अपना कारोबार बढ़ाने के लिए मंजूरी मांग रखी है।

पैनाशिया पब्लिशिंग ने अनिवासियो इकाइयों के बीच किए गए शेयर ट्रांसफर के लिए सरकार से मंजूरी मांगी है। असल में, वैश्विक पुनर्गठन के अंतर्गत पैनाशिया इंडिया, पैनाशिया पब्लिशिंग इंटरनेशनल लिमिटेड, यूके के विदेशी निवेशक ने अपनी सारी शेयरधारिता समूह की ही कंपनी पैनाशिया मीडिया लिमिटेड, यूके को ट्रांसफर कर दी है।

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