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512 केबीपीएस से कम नहीं हो सकती फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में स्पीड, ट्राई का निर्देश

मुंबई: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सेवा प्रदाताओं को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि यूज़र को किसी भी उचित उपयोग प्लान में 512 केबीपीएस से कम की डाउनलोड स्पीड नहीं मिलनी चाहिए। उसका कहना है कि अगर फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेवा में निर्धारित डेटा की सीमा खत्म हो गई हो, तब भी डाउनलोड स्पीड 512 केबीपीएस से कम नहीं होनी चाहिए।

डेटा के इस्तेमाल को ट्रैक करने में उपभोक्ता की मदद करने और ज्यादा पारदर्शिता लाने के लिए ट्राई ने सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिया है कि वे अपने ब्रॉडबैंड प्लान में डेटा के उपयोग सीमा के बारे में ग्राहकों को कायदे से सूचित करें।

नियामक संस्था ने सेवा प्रदाताओं को यह भी निर्देश दिया है कि वे उपभोक्ता को जानकारी दें कि अगर ‘उचित उपयोग’ या डेटा की तय सीमा खत्म हो जाती है तो उनके कनेक्शन की स्पीड कितनी कम की जा सकती है।

इस समय प्लान में डेटा की निर्धारित सीमा चुक जाने के बाद सेवा प्रदाता डेटा की स्पीड इतनी घटा देते हैं कि उपभोक्ता कायदे से कोई काम ही नहीं कर पाता।

ट्राई ने तय किया है कि ब्रॉडबैंड ऑपरेटरों को सब्सक्राइबरों का डेटा उपयोग जब भी उनके प्लान में निर्धारित सीमा के 50 प्रतिशत, 90 प्रतिशत और 100 प्रतिशत तक पहुंचेगा, तब-तब उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएसएम या ईमेल भेजकर एलर्ट उपलब्ध कराना होगा।

उसने कहा है कि दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनियों को एक पोर्टल / वेबसाइट बनाए रखना होगा ताकि यूज़र किसी भी समय अपने उपयोग का स्तर चेक कर सके।

फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेवा के यूजर्स के बारे में ट्राई के निर्देश में कहा गया है कि कंपनियों को  ‘उचित उपयोग नीति’ के तहत डेटा उपयोग की सीमा व वादा की गई स्पीड के साथ ही साथ बताना पड़ेगा कि सीमा से ऊपर के उपयोग पर उन्हें कनेक्शन में कितनी स्पीड मिलेगी।

वहीं, मोबाइल ब्रॉडबैंड सेवा में ऑपरेटर को डेटा के उपयोग के साथ-साथ डेटा सेवा उपलब्ध कराने में इस्तेमाल की जा रही टेक्नोलॉज़ी की जानकारी देनी होगी। साथ ही बताना होगा कि डेटा की सीमा चुक जाने के बाद वो कितनी स्पीड मुहैया कराएगा। ट्राई का कहना है कि इसकी जानकारी टेलिकॉम ऑपरेटर की वेबसाइट के साथ ही विज्ञापनों में भी दी जानी चाहिए।