लाइव पोस्ट

ट्राई ने दिल्ली के बवाल के बाद प्लेटफॉर्म सेवाओं पर राय देने की अंतिम तिथि बढ़ाई

नई दिल्ली: भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने प्लेटफॉर्म सेवाओं (पीएस) के विनियामक ढांचे पर अपने परामर्श पत्र पर राय देने की समयसीमा 29 सितंबर तक बढ़ा दी है। उसके द्वारा दिल्ली में आयोजित खुली बहस (ओएचडी) में हितधारकों द्वारा बवाल करने के बाद ट्राई ने यह कदम उठाया है।

भारत के विभिन्न भागों में आयोजित चार ओएचडी परिचर्चा श्रृंखला में दिल्ली की बैठक अंतिम थी। पहली बैठक 12 सितंबर को मुंबई में आयोजित की गई थी। 16 सितम्बर को बंगलौर में दूसरी और 19 सितंबर को कोलकाता में तीसरी बैठक हुई थी।

ट्राई ने कहा कि अन्य तीन इलाकों की बैठक का परिणाम सकारात्मक रहा। इन बैठकों में एजेंडे में तय विषयों के अलावा डिजिटलीकरण सहित केबल उद्योग के विकास संबंधित अन्य मामलों पर भी चर्चा की गई थी। नई दिल्ली में केबल ऑपरेटरों के एक समूह ने बैठक में व्यवधान डालना तब भी जारी रखा, जब ट्राई के चेयरमैन राहुल खुल्लर ने आश्वासन दिया कि किसी भी अन्य विषय पर एजेंडे पर चर्चा पूरी होने के बाद चर्चा की जा सकती है।

ट्राई ने बताया, “बैठक आगे बढ़ाने के लिए ट्राई के अधिकारियों और भारत के विभिन्न भागों से आए अन्य केबल ऑपरेटरों के अनुनय-विनय पर कोई ध्यान नहीं दिया गया और कार्यवाही ठप हो गई। 45 मिनट तक निरंतर अशांति के बाद बैठक को रद्द करना पड़ा।”

चूंकि नई दिल्ली में बैठक में उपस्थित कई हितधारक बैठक अचानक खत्म हो जाने के कारण अपने विचार प्रस्तुत नहीं कर पाए थे या अपनी राय नहीं व्यक्त कर सके थे इसलिए ट्राई ने सभी हितधारकों को ‘एक आखिरी मौका’ देने का फैसला किया है। उसने इस मामले पर अतिरिक्त कोई भी विचार या टिप्पणी 29 सितंबर तक देने के लिए कहा है।

ट्राई ने कहा कि सिफारिशों को अंतिम रूप देने में दिल्ली में हितधारकों से प्राप्त लिखित टिप्पणी के साथ, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता से प्राप्त सुझावों को ध्यान में रखा जाएगा।

परामर्श पत्र में चर्चित महत्वपूर्ण मुद्दों में पीएस की परिभाषा, पीएस चैनल पर किए जा सकने वाले कार्यक्रम, पीएस के पंजीकरण की पात्रता मानदंड, पीएस चैनलों की सुरक्षा मंज़ूरी, पीएस चैनलों का पंजीकरण, पंजीकरण के नीति-नियमों का पालन न करने पर दंडात्मक प्रावधान और अन्य दायित्वों का लगाया जाना शामिल है।

पीएस चैनलों को विनियमित करने के लिए डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर (डीपीओ) के संबंध में मौजूदा पंजीकरण/ दिशानिर्देश/ अनुमति/ लाइसेंस समझौते में कौन-से संशोधन और अतिरिक्त नियम और शर्त आवश्यक हैं इस पर भी परामर्श पत्र में सलाह मांगी गई है।

प्राधिकरण ने व्यापक हितधारकों से जुड़े मुद्दों पर विचार और राय के बारे में सीधी जानकारी प्राप्त करने के लिए इन ओएचडी का आयोजन किया था। स्थानीय केबल ऑपरेटरों के प्रतिनिधियों, मल्टी सिस्टम ऑपरेटरों, ब्रॉडकास्टरों, डीटीएच ऑपरेटरों, हिट्स ऑपरेटर, कंटेंट बनाने वालों, उपभोक्ता संगठनों और अनुसंधान संस्थानों ने पहले से पंजीकृत कर ओएचडी में हिस्सा लिया था।