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ट्राई को 2014-15 में डीटीएच व केबल ऑपरेटरों से जुड़ी 476 शिकायतें मिलीं

मुंबई: केबल टीवी और डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) सेवा प्रदाताओं के खिलाफ शिकायतों की संख्या में पिछले तीन सालों में बढ़ गई है।

टीवी प्रसारण क्षेत्र की नियामक संस्था, भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) को 2014-15 में डीटीएच और केबल टीवी ऑपरेटरों के खिलाफ 476 शिकायतें मिली हैं।

इसकी तुलना पिछले सालों से करें तो पता चलता है कि साल 2013-14 में ट्राई को 2012-13 की 231 की तुलना 436 शिकायतें मिली थीं।

यह जानकारी सूचना व प्रसारण मंत्रालय के राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने दी है।

Rajyavardhan-Singh-Rathoreराठौर ने कहा कि मंत्रालय ने आज की तारीख तक 18 मल्टी-सिस्टम ऑपरेटरों (एमएसओ) का पंजीकरण रद्द कर दिया है, इसमें से केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा सुरक्षा मंज़ूरी देने से इनकार के कारण नौ पंजीकरण रद्द किए गए हैं। बाकी 9 पंजीकरण या तो गैर परिचालन या एमएसओ द्वारा पंजीकरण वापस कर देने के कारण रद्द कर दिए गए।

केबल ऑपरेटरों द्वारा सदस्यता शुल्क ज्यादा लेने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के उल्लंघन पर ट्राई अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

राठौर ने कहा, “गैर डैस क्षेत्रों में प्रदान की जा रही एनालॉग केबल टीवी सेवाओं के संबंध में, एक स्थानीय केबल ऑपरेटर (एलसीओ) को एक ग्राहक द्वारा भुगतान किया जाने वाले शुल्क टैरिफ आदेश के तहत समय-समय पर प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली अधिसूचिना से नियंत्रित होगा। सेवा प्रदाता द्वारा केबल टीवी सेवाओं के लिए सब्सक्रिप्शन शुल्क प्राधिकारण द्वारा निर्दिष्ट सीमा के भीतर लागू होता है।”

उन्होंने कहा, “डैस के माध्यम से प्रदान की जा रही केबल टीवी सेवाएं रिटेल टैरिफ फोरबेयरेंस के तहत है इसलिए एक सेवा प्रदाता द्वारा लगाया जाने वाला चार्ज सेवा प्रदाता द्वारा ही निर्धारित किया जा सकता है। हालांकि, डैस-अधिसूचित क्षेत्रों में सब्सक्राइबरों के हितों की रक्षा करने के लिए, प्राधिकरण ने निर्धारित किया है कि हर सेवा प्रदाता 100 रुपए अधिकतम कीमत और लागू टैक्स को मिलाकर कम से कम 100 फ्री-टू-एयर (एफटीए) चैनल की एक बुनियादी सेवा दे।”