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ट्राई वर्चुअल नेटवर्क ऑपरेटरों पर 31 जनवरी को करेगा दिल्ली में खुली चर्चा

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) दिल्ली में 31 जनवरी को ‘डी-लिंकिंग ऑफ द लाइसेंस फॉर नेटवर्क्स फ्रॉम डिलीवरी ऑफ सर्विसेज़ बाइ वे ऑफ वर्चुअल नेटवर्क ऑफ ऑपरेटर्स’ विषय पर एक खुली चर्चा का आयोजन करने जा रहा है।

ट्राई ने इस बारे में एक पूर्व-परामर्श पत्र पिछले साल सितंबर में जारी किया था। वीएनओ ऐसे ऑपरेटर हैं जो स्पेक्ट्रम खरीदे बिना मौजूदा ऑपरेटरों के साथ गठजोड़ कर सेवाएं पेश करते हैं।

इस परामर्श पत्र में नियामक संस्था ने कहा था कि दूरसंचार विभाग (डॉट) द्वारा जारी राष्ट्रीय दूरसंचार नीति 2011 के मसौदे में लाइसेंस की दो श्रेणियों की परिकल्पना की गई है – एक नेटवर्क सेवा ऑपरेटर (एनएसओ) लाइसेंस और दूसरा सेवा वितरण ऑपरेटर (एसडीओ) लाइसेंस।

एनएसओ को उन कनवर्ज्ड नेटवर्क की स्थापना और देख-रेख के लिए लाइसेंस दिया जाएगा जो कई तरह की सेवाएं गैर-अनन्य और गैर-भेदभावपूर्ण तरीके से देने में सक्षम हो जैसे वॉयस, डेटा, वीडियो, ब्रॉडकास्ट, आईपीटीवी और मूल्यवर्धित सेवाएं (वास)। वहीं, एसडीओ को नेटवर्क स्थापित किए बिना टेली सर्विसेज़, इंटरनेट/ ब्रॉडबैंड, प्रसारण सेवाएं, आईपीटीवी, वास व कंटेंट डिस्ट्रीब्यूशन सेवाएं देने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा।

वीएनओ वो एसडीओ लाइसेंसधारी हैं जो नेटवर्क के मालिक नहीं हैं। लेकिन जो उपयोगकर्ताओं को दूरसंचार सेवाएं प्रदान करने के लिए नेटवर्क और बुनियादी ढांचा प्रदाताओं व दूरसंचार ऑपरेटरों (टावर, रेडियो एक्सेस नेटवर्क, स्पेक्ट्रम आदि के मालिक) पर निर्भर हैं। चूंकि इन ऑपरेटरों के पास अपना खुद का नेटवर्क नहीं होता, इसलिए इन्हें वर्चुअल नेटवर्क ऑपरेटर (वीएनओ) कहा जाता है।

वीएनओ नेटवर्क प्रदाता द्वारा दी जाने वाली कोई भी दूरसंचार सेवा अर्थात टेली सर्विसेज (वॉयस, डेटा, और वीडियो), इंटरनेट/ ब्रॉडबैंड, आईपीटीवी, मूल्य वर्धित सेवाएं, कंटेंट डिस्ट्रीब्यूशन सेवाएं प्रदान कर सकते हैं। वीएनओ के बीच सबसे लोकप्रिय मोबाइल वर्चुअल नेटवर्क ऑपरेटर (एमवीएनओ) हैं।

वीएनओ मॉडल के आधार पर प्रस्तावित लाइसेंस के ढांचे में एक मसला यह हो सकता है कि नई लाइसेंस प्रणाली में जाते हुए मौजूदा टीएसपी को एनएसओ लाइसेंस प्राप्त करना होगा या एनएसओ व एसडीओ दोनों लाइसेंस प्राप्त करना होगा।

ट्राई ने परामर्श पत्र में कहा कि इसी से जुड़ा हुआ चर्चा का एक और मुद्दा है यूएल पेश किए जाने के बाद बहुत कम समय में लाइसेंस व्यवस्था को बदलने की आवश्यकता होगी।

इस समय विभिन्न सेवा क्षेत्रों में सात से 13 लाइसेंसधारी काम कर रहे हैं। दूरसंचार विभाग (डॉट) ने उन नेटवर्कों के लाइसेंस की डी-लिंकिंग पर ट्राई से सिफारिशें देने को कहा था जो वर्चुअल नेटवर्क ऑपरेटरों (वीएनओ) के माध्यम से सेवाएं देते हैं। इसमें एकीकृत लाइसेंस (यूएल) व्यवस्था के तहत समायोजित सकल आय (एजीआर) की परिभाषा से संबंधित मसले शामिल हैं।