लाइव पोस्ट
चीन में शुरू हुआ दुनिया का सबसे ऊंचा पुल, 14.40 करोड़ डॉलर से बना
नोटबंदी को लेकर तृणमूल कांग्रेस का पीएम मोदी पर कटाक्ष- 'उम्मीद है कल बड़ी घोषणा करेंगे'
सीतापुर में यात्रियों से भरी बस नदी में पलटी, बचाव कार्य जारी
झारखंड में कोयला खदान के अंदर फंसे मजदूर, 10 शव निकाले गए
दिल्ली हाई कोर्ट ने शादियों के लिए बैंक खाते से 2.5 लाख रुपए निकालने के खिलाफ याचिका खारिज़ की
संसद के दोनों सदनों में नोटबंदी के खिलाफ विपक्षी दलों का हंगामा जारी
घोषित काले धन पर लगेगा 50% टैक्स, लोकसभा ने आयकर अधिनियम में संशोधन पास किया

ट्राई कर रहा है व्यावसायिक सब्सक्राइबर टैरिफ पर शुक्र को खुली बहस

मुंबई: भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) व्यावसायिक सब्सक्राइबरों के लिए ब्रॉडकास्ट और केबल टीवी सेवाओं से संबंधित टैरिफ मुद्दों पर एक ओपन हाउस या खुली बहस का आयोजन करेगा।

खुली बहस 4 जुलाई को 10 बजे से नई दिल्ली में पीएचडी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स में आयोजित की जाएगी।

हाल ही में ट्राई ने ‘व्यावसायिक सब्सक्राइबरों के लिए ब्रॉडकास्ट और केबल टीवी सेवाओं से संबंधित टैरिफ मुद्दों’ पर एक परामर्श पत्र जारी किया था और हितधारकों से टिप्पणियां आमंत्रित की थी।

परामर्श के प्रमुख मुद्दे हैं: ‘व्यावसायिक ग्राहक’ की परिभाषा, ‘व्यावसायिक प्रतिष्ठान’, व्यावसायिक सब्सक्राइबरों को टीवी सेवाओं की पेशकश और व्यावसायिक सब्सक्राइबरों के लिए विभिन्न टैरिफ विकल्प।

दूरसंचार विवाद निपटान व अपीलीय ट्राइब्यूनल (टीडीसैट) और सुप्रीम कोर्ट दोनों के समक्ष व्यावसायिक सब्सक्रइबरों के टैरिफ का मुद्दा साल 2005 से विचारार्थ चल रहा है।

नियामक संस्था ने इस बीच सुप्रीम कोर्ट के 19 अक्टूबर 2006 के अंतरिम आदेश के आधार पर व्यावसायिक सब्सक्राइबरों पर लागू 21 नवंबर, 2006 को टैरिफ संशोधन आदेश जारी किया था।

इन आदेशों को पहले भी न्यायिक मंचों पर चुनौती दी गई है। 16 अप्रैल 2014 के नवीनतम आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने और तीन महीने की अवधि के लिए इस समय प्रभावी, लेकिन रद्द किया गया टैरिफ जारी रखने का निर्देश दिया है।

इसके अलावा सभी हितधारकों के दावे सुनने के बाद इन तीन महीनों के भीतर ट्राई इस मसले पर नए सिरे से गौर करेगा और टैरिफ फिर से तय होंगे।

अदालत के आदेश की समयसीमा को ध्यान में रखते हुए हितधारकों को 27 जून तक अपने विचार और टिप्पणियां पेश करने का अनुरोध किया गया था।