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9एक्सएम नई प्रतिस्पर्धा आने के बावजूद मूल रणनीति पर ही डटा रहेगा

मुंबई: वायकॉम18 एमटीवी बीट्स शुरू कर रहा है और चैनल वी फिर से सिर्फ म्यूज़िक का ही चैनल बनने जा रहा है। लेकिन इस तरह बढ़ी प्रतिस्पर्धा के बीच भी 9एक्सएम हास्य व एनिमेशन के साथ चुनिंदा म्यूज़िक उपलब्ध कराने की मूल रणनीति पर डटा रहेगा।

9एक्सएम अपनी डिजिटल व सोशल मीडिया उपस्थिति को मज़बूत बनाना जारी रखेगा। 9एक्सएम के चीफ बिज़नेस अधिकारी पुनीत पांडे के अनुसार इस रणनीति पर उपभोक्ताओं, दर्शकों और विज्ञापनदाताओं से अच्छी प्रतिक्रिया हासिल हुई है।

9XM-chief-business-officer-Punit-Pandeyपांडे ने कहा, “पिछले नौ सालों से हमारी रणनीति यह सुनिश्चित करने की रही कि हम म्यूज़िक की खपत के लिए पसंदीदा गंतव्य बने रहें। यह बहुत अच्छा है कि ज़्यादा प्लेयर आ रहे हैं; यह म्यूज़िक की श्रेणी को विकसित करने में मदद करता है। लेकिन एक बार जब श्रेणी बड़ी हो जाती है तो ब्रॉडकास्टर पसंदीदा क्षेत्र में काम कर सकता है, श्रेणी को मज़बूत बना सकता है और विकल्प प्रदान कर सकता है। आपके पास जब कई विकल्प होते हैं तब आप जानते हैं कि कौन क्या पेश कर रहा है और इससे आसानी हो जाती है।”

पिछले कुछ सालों में सभी म्यूज़िक चैनलों ने अपनी प्रोग्रामिंग में फिक्शन को शामिल किया है, जबकि 9एक्सएम ने सिर्फ क्यूरेटेड म्यूज़िक पर ही ध्यान दिया, जिससे उसे ब्रांड का प्रभाव पैदा करने में मदद मिली है। 9एक्सएम को अपने क्षेत्रीय भाषा के सहोदर चैनलों झकास (मराठी), जलवा (हिन्दी) और टशन (पंजाबी) से भी फायदा मिलता है।

पांडे ने कहा, “हमारे सभी चैनल केवल म्यूज़िक कवर करते हैं। कभी भी हमने फिक्शन शो या रियलिटी शो बनाने के बारे में नहीं सोचा। हमारा उद्देश्य एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाने का रहा है जहां दर्शक, चयनित म्यूज़िक का उपभोग करने के लिए आ सकें।”

9XM-main9एक्सएम का लक्षित समूह युवा समुदाय है। पांडे बताते हैं कि चुनौती, युवाओं के लिए म्यूज़िक का पसंदीदा गंतव्य बनने की है। चैनल दूसरे स्क्रीन पर अनुभव प्रदान करके, खासकर सोशल मीडिया के माध्यम से इस चुनौती को संबोधित करता है।

इन सालों में, चैनल ने ‘9एक्सएम सेल्फिश’ और #आस्कट्रैक जैसे कई विविध प्रोग्राम सोशल मीडिया के माध्यम से शुरू किए हैं। ‘9एक्सएम सेल्फिश’ में न सिर्फ दर्शकों के अनुरोध गीत बजाए गए, उनको फीचर भी किया गया। #AskTrack में वॉट्सऐप्प, फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल प्लेटफार्मों का उपयोग कर एक दी गई प्लेलिस्ट से गीत का चयन करने का दर्शकों को मौका दिया जाता था। इन गतिविधियों से चैनल को छोटे शहरों में अपनी पहुंच का विस्तार करने में मदद मिली है।

पांडे ने कहा, “हमारे लक्षित दर्शक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हैं तो हम फेसबुक और ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से उन लोगों के साथ इंटरएक्शन करते हैं। हम वो म्यूज़िक पेश करते हैं जो हमारे लक्षित दर्शक सुनना चाहते हैं। उद्देश्य हमेशा उनके पसंदीदा चैनल बनने का रहा है।”

डिजिटल के अलावा, एनीमेशन और उच्च गुणवत्ता वाले वीडियो ने भी चैनल के दर्शकों की संख्या और विज्ञापनदाताओं को आकर्षित करने में मदद की है। पांडे के अनुसार, विज्ञापनदाताओं को स्थिरता चाहिए होती है और चैनल बराबर चयनित म्यूज़िक, एनीमेशन और अच्छे वीडियो के माध्यम से बेहतरीन अनुभव प्रदान करता रहा है।

उन्होंने कहा, “जो माहौल हम पेश करते हैं उससे हमें विभिन्न अन्य चैनलों या म्यूज़िक चैनलों के लॉन्च या चैनलों के पुनर्गठन के बावजूद एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभरने में मदद मिली है।”

पांडे के विश्वास और चैनल की कथित रूप से मज़बूत डिजिटल उपस्थिति के बावजूद, अधिक चैनलों के म्यूज़िक के क्षेत्र में प्रवेश से 9एक्सएम के लिए प्रतिस्पर्धा में आगे रहना कठिन होगा।