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बीएआरसी ने पैनल घरों को छेड़ने पर केरल में पुलिस शिकायत दर्ज कराई

मुंबई: ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बीएआरसी) इंडिया के सीईओ पार्थो दासगुप्ता ने फरवरी में सबसे पहले टेलिविज़न पोस्ट के ‘डिजिटाइज़ इंडिया’ सेमिनार में चौंकानेवाला खुलासा किया था कि जब टीवी रेटिंग एजेंसी के मीटर लगाए जा रहे थे, तब परिषद के एक कर्मचारी को पैनल में शामिल घरों का पता बताने के लिए लालच दिया गया था।

दासगुप्ता ने दिल्ली में टेलिविज़न पोस्ट के ‘डिजिटाइज़ इंडिया’ सेमिनार में मुख्य संबोधन करने के बाद डिश टीवी के प्रबंध निदेशक जवाहर गोयल के सवाल का जवाब देते हुए कहा था, “पिछले सात महीनों में कुछ शहरों में कुछ ऐसी घटनाएं हुई हैं। जैसे, दस घरों का पता बताने के लिए हमारे एक कर्मचारी को एक लाख रुपए नकद दिए गए और 4 लाख रुपए बाद में दिए जाने थे।”

दासगुप्ता ने एक और उदाहरण दिया था जिसमें टीवी चैनलों के अधिकारियों ने अपने शोज़ को देखने के लिए बीएआरसी पैनल के घरों को रिश्वत देने की कोशिश की। बीएआरसी के सीईओ ने उस वक्त बस इतना बताया था कि यह घटना दक्षिण भारत के एक शहर की है।

अब उसके कई महीने बाद बीएआरसी और केरल टीवी फेडरेशन (केटीएफ) ने केरल के कुछ लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उन्होंने बीएआरसी के पैनल घरों का पता लगाने और उनको प्रभावित करने की कोशिश की थी। पुलिस इस मामले की और ज्यादा जांच करने में जुट गई है।

यह मामला तब दर्ज कराया गया, जब बीएआरसी इंडिया की सतर्कता टीम को बराबर इस तरह की शिकायतें मिलीं कि बीएआरसी इंडिया के पैनल घरों का पता निकालने की लगातार कोशिश की जा रही हैं ताकि उन्हें प्रभावित किया जा सके। बता दें कि केटीएफ केरल में मलयालम चैनलों का प्रतिनिधित्व करने वाला व्यापारिक निकाय है।

बीएआरसी का कहना है कि उसकी सतर्कता टीमों ने कुछ चैनलों के पक्ष में बीएआरसी इंडिया की टीवी दर्शक पैमाइश प्रणाली को झुकाने के लिए की गई एक से ज्यादा कोशिशों के निर्णायक सबूत जुटा लिए हैं।

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उसने यह भी कहा है कि जमीनी स्तर पर काम कर रही सतर्कता टीम की प्रारंभिक जांच ने इस बात की पुष्टि की है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा न केवल बीएआरसी इंडिया के पैनल घरों का पते निकालने की कोशिश की गई, बल्कि उनके देखने की आदत को प्रभावित करने के लिए ‘प्रोत्साहन’ भी दिए गए।

इस तरह के कृत्यों से बीएआरसी इंडिया और आमतौर पर केरल के समूचे ब्रॉडकास्टिंग समुदाय को काफी चिंता में डाल दिया है। इसके चलते वित्तीय नुकसान के साथ ही प्रतिष्ठा को भी चोट पहुंच रही है।

बीएआरसी इंडिया ने पता चलते ही प्रभावित घरों को अपनी टीवी दर्शक पैमाइश प्रमाणी से अलग कर दिया है ताकि सुनिश्चित कर दिया जाए कि घुसपैठ की ऐसी कोशिशों से उस इलाके में काम कर रहे चैनलों की रेटिंग प्रभावित नहीं की जा सकती।

दासगुप्ता ने कहा, “टीवी उद्योग बीएआरसी इंडिया द्वारा जारी की गई माप के आधार पर व्यापार करता है और हम हम समझते हैं कि हर रेटिंग प्वॉइंट का ब्रॉडकास्टर के लिए कितना महत्व है। हमारे पास प्रमाण हैं कि चंद ब्रॉडकास्टर अपनी रेटिंग सुधारने के लिए हमारे पैनल घरों में धांधली की कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा, “हमने प्रभावित घरों को अलग-थलग करने के कदम उठाए हैं। इस बार हमने शिकायत दर्ज करा दी है। लेकिन हम चाहते हैं कि उद्योग यह बात समझ ले कि आगे जिन चैनलों को ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाया जाएगा, बीएआरसी उनकी रेटिंग ही प्रकाशित करना बंद कर देगा।”

वैसे, बीएआरसी ऐसे मामलों से निपटने के लिए अपने पैनल के 25 प्रतिशत घरों को हर साल बदल देता है।

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