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हंगामा की विकास रणनीति फैली है कई दिशाओं तक

मुंबई: हंगामा डिजिटल एंटरटेनमेंट की विकास रणनीति कई दिशाओं तक फैली हुई है। मौलिक कंटेंट बनाना, हंगामा प्ले को ऊपर ले जाना, मोबाइल उपकरण निर्माताओं के साथ अधिक सौदे करना, 4जी में आई तेजी का फायदा उठाना और अपने सक्रिय यूजर्स के आधार को बढ़ाकर 10 करोड़ तक ले जाना।

हंगामा डिजिटल एंटरटेनमेंट हर दिन और ज्यादा प्रतिस्पर्धी होते जा रहे बाजार में दर्शकों का हिस्सा खींचने और अधिक आय हासिल करने के संघर्ष में बहुत सारी चीजों पर ध्यान दे रहा है। कंपनी अपनी ज्यादातर आय सब्सक्रिप्शन के माध्यम से हासिल करती है। हालांकि, उसकी विज्ञापन भी आगे बढ़ती जानी है, लेकिन यह सीमित ही रहेगी और कभी उतनी बड़ी नहीं होगी।

मौलिक कंटेंट

Hungama-Siddhartha_Royमौलिक कंटेंट हंगामा के लिए अगला बड़ा कदम है। वो अन्य ओटीटी सेवा प्रदाताओं की तरह अपनी महत्वाकांक्षाओं को विस्तार दे रहा है और महज एक कंटेंट एग्रीग्रेटर व सेवा प्रदाता से आगे जाकर देख रहा है।

हंगामा.कॉम के सीईओ और हंगामा डिजिटल मीडिया एंटरटेनमेंट (उपभोक्ता बिजनेस व संबंधित सेवाएं) के सीओओ सिद्धार्थ रॉय कहते हैं, “यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसका दोहन करने के लिए हम बेहद सुगठित स्थिति में हैं। हमने 22 भागों की सीरीज़ का अपना पहला कार्यभार पूरा कर लिया है। हम इस काम को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। हम आला श्रेणी में छोटे रूप के कंटेंट व मूवीज़ पर गौर कर रहे हैं।”

मौलिक कंटेंट की पहली सीरीज़ जुलाई अंत तक लॉन्च हो जानी चाहिए। फोकस इस बात पर रहेगा कि हास्य, क्राइम व ड्रामा जैसे विभिन्न जॉनरों की सामग्री पेश की जाए।

रॉय का कहना है, “पहले दौर का कंटेंट हिंदी व अग्रेज़ी में होगा। बाद हम दूसरी भाषाओं पर गौर करेंगे।”

अंतरराष्ट्रीय डिस्ट्रीब्यूशन

हंगामा ने अपने अंतरराष्ट्रीय डिस्ट्रीब्यूशन के ज़रिए विकास करना जारी रखा है। रॉय बताते हैं, “हम अपने हंगामा म्यूज़िक और हंगामा प्ले (वीडियो) को मध्य पूर्व के साथ-साथ दक्षिण एशिया में ले जाने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। हम उन अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर गौर कर रहे हैं जहां बड़ी तादाद में बसे दक्षिण एशियाई मूल के लोग भारतीय व दक्षिण एशियाई कंटेंट देखना चाहते हैं।”

दुबई, ओमान और कुवैत, भारत से बाहर के कुछ महत्वपूर्ण बाजार हैं जो लगातार खिलते व विकसित होते जा रहे हैं।

पहुंचना 10 करोड़ यूजर्स तक

Bollywood-Hungamaरॉय के मुताबिक, कंपनी के पास अप्रैल अंत तक 6.7 करोड़ सक्रिय यूजर्स थे। इनमें से 67 लाख यूजर्स सौदे या लेनदेन करने तक पहुंच चुके हैं। उद्देश्य 10 करोड़ सक्रिय यूजर्स तक पहुंचने का है।

रॉय का कहना है, “हम अपना लक्षित समुदाय बढ़ा रहे हैं। अधिक से अधिक उपभोक्ता हमारे एप्प के साथ ही हमारी ब्राउज़र सेवाएं ले रहे हैं। हम नए डिस्ट्रीब्यूशन बाजार खोल रहे हैं।”यूज़र आधार बढ़ाने का एक चरण अंतरराष्ट्रीय डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनरों के साथ करार करना है। श्रीलंका टेलिकॉम के साथ हाल ही में किए एक समझौते के हिस्से के रूप में, हंगामा म्यूज़िक व मूवीज़ की सेवा श्रीलंका के उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध हो जाएगी। वे कहते हैं, “यह न केवल बॉलीवुड, तमिल और अंग्रेजी कंटेंट नहीं है। वहां हमने वास्तव में स्थानीय श्रीलंकाई कंटेंट भी खरीदा है।” वीएसएनएल हंगामा के लिए एक और महत्वपूर्ण पार्टनर है जहां हंगामा प्ले उपलब्ध है।

धन का आगम

शियाओमी ने पिछले महीने कंपनी में 2.5 करोड़ डॉलर लगाए हैं।

जैसा कि टेलिविज़न पोस्ट पहले खबर दे चुका है, यह शियाओमी का भारत में पहला निवेश है और इस रुझान का संकेत है कि भारत की डिजिटल मीडिया कंपनियों को कैसे मोबाइल हैंडसेट निर्माता और टेलिकॉम सेवा प्रदाता तवज्जो दे रहे हैं। शियाओमी का मानना है कि यह निवेश उसे अपने स्मार्टफोनों पर स्थानीयकृत इंटरनेट सेवाएं और कंटेंट देने में मदद करेगा।

रॉय बताते हैं, “हम इसका इस्तेमाल अपनी वीडियो सेवाओं को बड़े पैमाने पर बढ़ाने में करने जा रहे हैं। हम अपने हंगामा प्ले और वीडियो सेवाओं पर बहुत सारे अनुभव पेश करते जा रहे हैं। हम अपना कंटेंट पोर्टफोलियो बढ़ाना जारी रखेंगे और उत्पादों का उन्नयन होगा। शियाओमी ने नए दौर के हिस्से के रूप में निवेश किया है।

हंगामा प्ले

हंगामा प्ले का मकसद कंटेंट की खपत के अवसरों को आगे ले जाने का है। यह वीडियो सेवा पिछले साल जुलाई में शुरू की गई थी। इसे बहुत शुरुआत में ही फिल्म सेवा के रूप में सोचा गया था।

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रॉय जोर देकर कहते हैं, “मैं सब्सक्राइबरों की संख्या तो साझा नहीं कर सकता। लेकिन पिछले छह से सात महीने बेहद अच्छे रहे हैं। इसलिए हम केवल कंटेंट की मात्रा बढ़ाने ही नहीं, बल्कि विभिन्न पार्टनरशिप के ज़रिए इन सेवाओं को पेश करते रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वोडाफोन की 4जी सेवा हंगामा के तीन महीने के बंडल के साथ दी जा रही है। यह एक प्रीमियम मूवी सेवा है। यह अब तक का बॉलीवुड, क्षेत्रीय व हॉलीवुड की फिल्मों के लिए सबसे बड़ा ठिकाना है। हमने उत्पाद को केवल बॉलीवुड व हिन्दी कंटेंट पर नहीं फोकस किया है; हमारे पास तेलुगू, तमिल, पंजाबी और बंगाली कंटेंट का बहुत बड़ा भंडार भी है।”

विस्तार

अगले कुछ महीनों के दौरान, म्यूज़िक और टेलिविज़न कंटेंट, हंगामा प्ले के साथ जोड़ दिया जाएगा।

रॉय ने कहा, “मध्य मार्च में, हमने म्यूज़िक वीडियो शुरू किए। अब हम टेलिविज़न कंटेंट के एक विशाल खज़ाने को लाने की प्रक्रिया में हैं। हमारी मंशा उपभोक्ताओं के लिए अधिक प्रीमियम कंटेंट और मूल्य की पेशकश करना है। टेलिविज़न के लिए, हमने वयस्क लाइव एक्शन कंटेंट के लिए और बच्चों के कंटेंट के लिए बीबीसी के साथ सौदा किया है।”

कंटेंट प्रदाताओं के साथ और अधिक सौदों के लिए बातचीत चल रही है। फोकस मांग पर टेलिविज़न कंटेंट पर है। क्राइम, कॉमेडी, हॉरर और बच्चे, इन जॉनरों पर अलग अलग भाषाओं में ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

रॉय ने कहा, “इन सौदों के लिए विभिन्न फॉर्मैट हैं। प्रीमियम कंटेंट की एक निश्चित लाइसेंसिंग संरचना है और हम उसका पालन करते हैं। हम एक संरचित तरीके से भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों से कंटेंट प्राप्त करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। हम ट्रांज़ेक्शनल वीओडी के लिए वॉर्नर ब्रदर्स के साथ काम करते हैं। वॉर्नर ब्रदर्स से नवीनतम फिल्में हम ट्रांज़ेक्शनल वीओडी के लिए अमेरिका के साथ ही उसी दिन और तारीख को लाते हैं।”

हंगामा प्ले के लिए एसवीओडी लायब्रेरी के 249 रुपए हैं। उसके अलावा ट्रांज़ेक्शनल वीओडी क्षेत्र में फिल्मों की प्रीमियम परत उपलब्ध है। उन्होंने कहा, “हम 30 दिन के फ्री ट्रायल की पेशकश करते हैं। उसके बाद, हम भुगतान चाहते हैं जहां उपभोक्ता बड़े पैमाने पर हमारी सेवा का अनुभव ले सकते हैं।”

विंडो का महत्व

रॉय ने नोट किया कि डिजिटल के आक्रामक रूप में आने के साथ, कंटेंट विंडोइंग एक संरचित तरीके से होगी।

उन्होंने समझाया, “डिफ़ॉल्ट रूप से, ये संरचनाएं भारतीय क्षेत्र में विकसित होंगी। हम तब उन कंटेंट विंडोज़ का पालन करेंगे और देखेंगे कि कितनी कंटेंट की खपत टूटती है। यह मुख्य रूप से वीडियो पक्ष की तरफ होगा। ऑडियो के मामले में एक संरचना पहले से ही मौजूद है जहां हम कैसे कंटेंट बांटते हैं, यह तय है और जो हर पार्टनर के लिए उपलब्ध है। यह पहले से ही बड़े पैमाने पर हो रहा है। हमारी बड़ी संख्या में वॉर्नर ब्रदर्स, बीबीसी, डिज्नी यूटीवी और यशराज फिल्म्स जैसी कंपनियों के साथ साझेदारियां हैं।

हमारी अपनी सूची का निर्माण जारी है। हम प्रीमियम कंटेंट की पेशकश करते हैं और हम उन्हें भुगतान करने के लिए कहते हैं ताकि हम सबसे अच्छा संभावित कंटेंट डेलिवर कर सकें और उन्हें सही अनुभव मिले।”

पायरेसी की चुनौती के बारे में वे कहते हैं, “यह चुनौती भारत में ही नहीं है। यह दुनिया के अन्य भागों में भी मौजूद है।”

उनके लिए महत्वपूर्ण डिस्ट्रीब्यूशन को रोचक बनाने का है और कंटेंट के लिए सही कीमत उपभोक्ता से हासिल करने का है। उपभोक्ता को अगर मूल्य दिखता है, तो वह सेवा प्रदाता द्वारा दी जा रही सेवा के मूल्य की तुलना में एक निश्चित राशि का भुगतान करेगा।

“हम इसी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। भारत में, प्लेयर अभी उनकी वीडियो यात्रा शुरू कर रहे हैं। बाज़ार बहुत ही प्रारंभिक अवस्था में है।”

भुगतान मॉड्यूल

एक चुनौती भुगतान विकल्प का है। अगर उपभोक्ता भुगतान करने के लिए तैयार भी हैं, तो वे कहां भुगतान करेंगे?

रॉय ने कहा, “हंगामा ने हमेशा एक ऐसे देश में भुगतान मोड में अभिनवता दिखाई है जहां क्रेडिट कार्ड का उपयोग सीमित है। इसलिए, पेमेंट रुट्स ऑपरेटरों के माध्यम से और अन्य वैलेट के माध्यम से बनाए गए हैं। क्रेडिट कार्ड का फॉर्मैट अभी भी एक चुनौती है। देश में क्रेडिट कार्ड की संख्या काफी कम है।

उपभोक्ता उनके कार्ड ऑनलाइन का उपयोग करने के लिए तैयार नहीं हैं। हम यात्रा के बारे में उत्साहित हैं। हमें डेटा उपभोक्ताओं और डिवाइस अपनाना होगा।”

उनका यह भी मानना ​​है कि ओटीटी क्षेत्र में उथल-पुथल के बारे में बात करना अभी जल्दबाजी होगी।

हंगामा पर समग्र कंटेंट की खपत के मामले में, उन्होंने नोट किया कि छोटे फॉर्मैट के वीडियो की खपत बहुत अधिक है। एक सत्र में एक ग्राहक द्वारा खर्च किया गया समय एक फिल्म के संदर्भ में 60 मिनट है।

बैकेंड

भारत का एक बड़ा हिस्सा मोबाइल फर्स्ट का है तो कंपनी उस रूप में तकनीकी रूप से संक्षम है। उन्होंने बताया कि हंगामा प्ले सात विभिन्न बिटरेट पर आता है। रॉय ने कहा, “आपके मोबाइल फोन पर हर 10 सेकंड पर हम आपकी कनेक्टिविटी की गुणवत्ता की जांच करते हैं। हम आपको अपस्केल या डाउनस्केल कर सकते हैं जो आपके कनेक्टेड पर्यावरण की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। जब आप सही तरह के अनुभव देते हैं तो आपकी सेवाएं सफल होना शुरू हो जाती हैं।”

मोबाइल निर्माताओं के साथ काम

हंगामा ने हाल ही में मोबाइल डिवाइस कंपनी लेइको के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जिससे हंगामा की म्यूज़िक सेवा लेइको के डिवाइस में एकीकृत की गई है।

“मोबाइल डिवाइस समग्र डिस्ट्रीब्यूशन खेल का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हंगामा ने पिछले तीन-चार साल से 90 से अधिक डिवाइस निर्माताओं के साथ काम किया है। किसी भी समय हमारी दो दर्जन से अधिक भागीदारियां रहती हैं जिनिके साथ हम सक्रिय रहते हैं, और हम उन लोगों के साथ विभिन्न प्रोग्राम करते हैं। हम अपनी सेवाओं के लिए शानदार खोज के रूप में डिवाइस कंपनियों को देखते हैं।

“जब डिवाइस बिकते हैं और उपयोगकर्ता इंटरनेट पर आते हैं, वे हमारी सेवाओं का एक्सेस और उपयोग करने में सक्षम होते हैं। वहां हम डिवाइस निर्माताओं के साथ मिलकर उपभोक्ता ऑफर देने के लिए काम करते हैं। हम देखते हैं कि डिवाइस खरीदते ही उन्हें तेज़ी से और प्रभावी तरीके से हमारे प्रीमियम सेवाओं के लिए उपयोग करने को कैसे मिल सकता है। यह हमारी सेवाओं का उपयोगकर्ताओं द्वारा सैम्पल करने का एक बहुत ही दिलचस्प तरीका है।”

हाल ही में एक और सौदा चीनी मोबाइल हैंडसेट कंपनी वन प्लस के साथ हुआ। वन प्लस के ग्राहकों के लिए सौदा म्यूज़िक डाउनलोड और फिल्म स्ट्रीमिंग दोनों के लिए हुआ है।

उन्होंने कहा, “भारत एक अत्यंत प्रतिस्पर्धी बाज़ार है। हम मानते हैं कि हमारी जैसे सेवाओं की सफलता में प्रोडक्ट, डिस्ट्रीब्यूशन, कंटेंट और टेक्नोलॉजी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमें लगातार अभिनव होने की ज़रुरत है।”

गेमिफिकेशन

यह म्यूज़िक और फिल्म सेवाओं दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह उपभोक्ता वफादारी के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण फीचर है। उपभोक्ता जब एप्प जैसे हंगामा के प्रोडक्ट के माध्यम से सेवाओं का हिस्सा बनते है, तो उन्हें पोइंट्स दिए जाते हैं। इन पोइंट्स का हंगामा डिजिटल माल और पेशकश खरीदने जैसे अलग अलग तरीकों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

लक्षित ग्रुप

रॉय ने कहा कि हंगामा के लिए टारगेट ग्रुप – टीजी 15 से 30 साल की उम्र के लोगों का है। लेकिन हंगामा प्ले पर वीडियो की खपत 24 से 35 साल के उच्च आयु वर्ग में भी होती है।

वे 4जी और रिलायंस जियो के आने के बारे में उत्साहित हैं। हंगामा ने अपनी म्यूज़िक सेवा के लिए आइडिया 4जी के साथ एक सौदा किया है। म्यूज़िक सेवा बंडल की गई है। वोडाफोन 4जी के लिए फिल्म सेवा प्रेरक पेशकश के हिस्से के रूप बंडल की गई है।

रॉय का मानना ​​है कि जियो के आने के साथ, नए भागीदार खपत के लिए आ जाएंगे। तथ्य यह है कि बुनियादी ढांचा शुरू किया जा रहा है इसका मतलब है कि अधिक से अधिक उपयोगकर्ता आएंगे।